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पर्यावरण एवं जैव विविधता • UPSC + BPSC

प्रोजेक्ट टाइगर और भारत के 58 टाइगर रिजर्व

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भारत की बाघ संरक्षण व्यवस्था केवल एक प्रजाति बचाने का कार्यक्रम नहीं है। यह विशाल वन-परिदृश्यों, शिकार-आधार, जलागम, जैव विविधता, वन्यजीव गलियारों और स्थानीय समुदायों के दीर्घकालिक प्रबंधन का संस्थागत ढाँचा है। यह पृष्ठ 13 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक NTCA और सरकारी अद्यतनों के आधार पर तैयार किया गया है।

Static Notes अंतिम अद्यतन: 13 अक्टूबर 2026 प्रारंभिक + मुख्य परीक्षा बिहार विशेष आयाम सहित

1. एक नज़र में

प्रोजेक्ट टाइगरअप्रैल 1973 में 9 प्रारंभिक टाइगर रिजर्व के साथ आरंभ; आज भी केंद्र प्रायोजित योजना
टाइगर रिजर्व58 रिजर्व, 18 राज्यों में
कुल अधिसूचित क्षेत्रलगभग 84,487.83 वर्ग किमी, भारत के भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 2.56%
नवीनतम टाइगर रिजर्वमाधव, मध्य प्रदेश — 58वाँ; 7 मार्च 2025 को अधिसूचित
नवीनतम पूर्ण राष्ट्रीय बाघ अनुमान3,682 (सीमा 3,167–3,925), अखिल भारतीय बाघ आकलन 2022
अगला चक्रछठा अखिल भारतीय बाघ आकलन 2026 चक्र आरंभ हो चुका है; 13 अक्टूबर 2026 तक नया राष्ट्रीय अंतिम कुल प्रकाशित नहीं
बिहारअभी आधिकारिक NTCA सूची में वाल्मीकि एकमात्र अधिसूचित टाइगर रिजर्व; कैमूर प्रस्तावित/प्रक्रियाधीन

2. प्रोजेक्ट टाइगर क्या है?

प्रोजेक्ट टाइगर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की चालू केंद्र प्रायोजित योजना है। इसका उद्देश्य बाघ की व्यवहार्य जंगली आबादी बनाए रखना, उसके महत्वपूर्ण आवासों की पारिस्थितिक अखंडता सुरक्षित करना और इन परिदृश्यों को राष्ट्रीय प्राकृतिक विरासत के रूप में संरक्षित करना है।

परीक्षा ट्रैप: इसे केवल “जिम कॉर्बेट से शुरू हुआ एक अकेला पहला रिजर्व” कहना अधूरा है। आधिकारिक NTCA सूची में 1973-74 के नौ प्रारंभिक रिजर्व थे—बांदीपुर, कॉर्बेट, कान्हा, मानस, मेलघाट, पलामू, रणथंभौर, सिमिलिपाल और सुंदरबन।

बाघ क्यों महत्वपूर्ण है?

  • अम्ब्रेला प्रजाति: बाघ के बड़े आवास की रक्षा से सह-शिकारी, शिकार प्रजातियाँ, वन, घासभूमियाँ और जल स्रोत भी सुरक्षित होते हैं।
  • शीर्ष शिकारी: स्वस्थ बाघ आबादी पर्याप्त शिकार-आधार और कार्यशील खाद्य-जाल का संकेत है।
  • जल और जलवायु सुरक्षा: बाघ परिदृश्य अनेक प्रमुख नदी-जलागम और कार्बन-समृद्ध वन क्षेत्रों को संरक्षण देते हैं।
  • परिदृश्य संरक्षण: आधुनिक नीति का फोकस केवल रिजर्व की सीमा नहीं, बल्कि गलियारों और आसपास के वन-परिदृश्य की कनेक्टिविटी भी है।

3. NTCA का वैधानिक ढाँचा

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 में 2006 के संशोधन के बाद धारा 38L के अंतर्गत स्थापित सांविधिक निकाय है। इसके कार्यों में टाइगर कंजर्वेशन प्लान की स्वीकृति, संरक्षण मानक, अनुसंधान, निगरानी, पर्यटन दिशा-निर्देश, मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन और रिजर्व/कॉरिडोर में पारिस्थितिक रूप से अस्थिर भूमि-उपयोग पर निगरानी शामिल हैं।

टाइगर रिजर्व कैसे अधिसूचित होता है?

  1. राज्य सरकार प्रस्ताव भेजती है।
  2. NTCA सैद्धांतिक स्वीकृति देकर धारा 38V के अनुरूप विस्तृत प्रस्ताव मांगता है।
  3. तकनीकी परीक्षण के बाद NTCA संस्तुति करता है।
  4. राज्य सरकार क्षेत्र को टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित करती है।

सीमा में परिवर्तन या रिजर्व को डीनोटिफाई करना सामान्य प्रशासनिक निर्णय नहीं है; धारा 38W में NTCA तथा राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की भूमिका निर्धारित है।

4. कोर, बफर और स्थानीय अधिकार

क्षेत्रप्रमुख विशेषता
कोर / Critical Tiger Habitatबाघ की स्रोत आबादी और महत्वपूर्ण आवास के लिए उच्च संरक्षण क्षेत्र; इसका कानूनी आधार प्रायः राष्ट्रीय उद्यान/अभयारण्य से जुड़ा होता है।
बफर / Peripheral Areaकोर के चारों ओर बहु-उपयोग परिदृश्य; संरक्षण के साथ स्थानीय आजीविका, सह-अस्तित्व और ईको-विकास पर जोर।
कॉरिडोरअलग-अलग बाघ आवासों के बीच dispersal और आनुवंशिक प्रवाह बनाए रखने वाले संपर्क क्षेत्र।

महत्वपूर्ण संवैधानिक-सामाजिक बिंदु: कोर क्षेत्र से किसी समुदाय का पुनर्वास स्वतः नहीं होता। वन्यजीव कानून और वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत अधिकारों की मान्यता, विधिक प्रक्रिया और स्वैच्छिक पुनर्वास संबंधी शर्तें महत्वपूर्ण हैं। UPSC उत्तर में संरक्षण और अधिकार-आधारित न्याय—दोनों को साथ लिखना चाहिए।

5. अखिल भारतीय बाघ आकलन (AITE)

देश-स्तरीय आकलन NTCA, भारतीय वन्यजीव संस्थान और राज्यों के सहयोग से लगभग चार वर्ष के अंतराल पर किया जाता है। आधुनिक पद्धति में स्थल-चिह्न सर्वेक्षण, शिकार प्रजाति आकलन, रिमोट सेंसिंग, कैमरा ट्रैप और spatially explicit capture-recapture मॉडल शामिल हैं।

वर्षअनुमानित बाघअनुमान सीमा
20061,4111,165–1,657
20101,7061,520–1,909
20142,2261,945–2,491
20182,9672,603–3,346
20223,6823,167–3,925

2022 के लिए 3,167 कैमरा-ट्रैप क्षेत्र से प्राप्त न्यूनतम अनुमान था; आगे के सांख्यिकीय विश्लेषण से औसत अनुमान 3,682 और ऊपरी सीमा 3,925 निकली। इसी कारण अलग-अलग स्रोतों में 3,167 और 3,682 दोनों संख्याएँ दिखाई देती हैं। परीक्षा में संदर्भ स्पष्ट करें।

2026 अपडेट: छठा AITE चक्र शुरू है। इसलिए 13 अक्टूबर 2026 तक राष्ट्रीय स्तर पर नवीनतम पूर्ण और प्रकाशित तुलनीय संख्या 2022 की 3,682 ही है।

6. भारत के सभी 58 टाइगर रिजर्व — राज्यवार

नीचे की सूची NTCA की वर्तमान सूची के अनुरूप है। यह सूची नाम याद करने के बजाय राज्यवार क्लस्टर बनाकर पढ़ने के लिए अधिक उपयोगी है।

राज्यसंख्याटाइगर रिजर्व
मध्य प्रदेश9बांधवगढ़, कान्हा, माधव, पन्ना, पेंच (MP), रातापानी, संजय-दुबरी, सतपुड़ा, वीरांगना दुर्गावती
महाराष्ट्र6बोर, मेलघाट, नवेगांव-नागजीरा, पेंच (MH), सह्याद्री, ताडोबा-अंधारी
तमिलनाडु5अनामलाई, कलक्कड़-मुंडनथुराई, मुदुमलाई, सत्यमंगलम, श्रीविल्लिपुथुर-मेघमलाई
कर्नाटक5बांदीपुर, भद्रा, बिलिगिरि रंगनाथ, काली, नागरहोल
राजस्थान5धौलपुर-करौली, मुकुंदरा हिल्स, रामगढ़ विषधारी, रणथंभौर, सरिस्का
छत्तीसगढ़4अचानकमार, गुरु घासीदास-तमोर पिंगला, इंद्रावती, उदंती-सीतानदी
असम4काजीरंगा, मानस, नामेरी, ओरांग
अरुणाचल प्रदेश3कमलांग, नामदफा, पक्के
उत्तर प्रदेश3दुधवा, पीलीभीत, रानीपुर
उत्तराखंड2कॉर्बेट, राजाजी
ओडिशा2सतकोसिया, सिमिलिपाल
केरल2परंबिकुलम, पेरियार
तेलंगाना2अमराबाद, कवाल
पश्चिम बंगाल2बक्सा, सुंदरबन
आंध्र प्रदेश1नागार्जुनसागर-श्रीशैलम
बिहार1वाल्मीकि
झारखंड1पलामू
मिजोरम1डंपा

7. नवीनतम टाइगर रिजर्व — क्रम याद रखें

क्रमरिजर्वराज्यवर्ष
53वाँरानीपुरउत्तर प्रदेश2022
54वाँवीरांगना दुर्गावतीमध्य प्रदेश2023
55वाँधौलपुर-करौलीराजस्थान2023
56वाँगुरु घासीदास-तमोर पिंगलाछत्तीसगढ़2024
57वाँरातापानीमध्य प्रदेश2024
58वाँमाधवमध्य प्रदेश2025

तथ्य-सुधार: 54वें और 55वें रिजर्व का क्रम अक्सर नोट्स में उलट दिया जाता है। वर्तमान NTCA सूची में 54वाँ वीरांगना दुर्गावती और 55वाँ धौलपुर-करौली है।

8. क्षेत्रफल और परीक्षा ट्रैप

  • सबसे बड़ा कुल अधिसूचित टाइगर रिजर्व: नागार्जुनसागर-श्रीशैलम — लगभग 3,296.31 वर्ग किमी।
  • सबसे बड़ा कोर/CTH: नागार्जुनसागर-श्रीशैलम — लगभग 2,595.72 वर्ग किमी।
  • बोर का 138.12 वर्ग किमी आंकड़ा: यह वर्तमान NTCA तालिका में उसका कोर क्षेत्र है; पूरे रिजर्व का कुल क्षेत्र 816.27 वर्ग किमी है। इसे “भारत का सबसे छोटा कुल टाइगर रिजर्व” न लिखें।
  • सुंदरबन: भारत का विशिष्ट ज्वारीय मैंग्रोव बाघ परिदृश्य।
  • अमानगढ़: उत्तर प्रदेश का क्षेत्र कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का बफर है; इसे अलग टाइगर रिजर्व न गिनें।

9. बिहार विशेष: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR)

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व पश्चिम चंपारण में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित है और तराई आर्क परिदृश्य का पूर्वी महत्वपूर्ण हिस्सा है। NTCA की वर्तमान अधिसूचित सूची में इसका कुल क्षेत्र लगभग 899.38 वर्ग किमी है—598.45 वर्ग किमी कोर और 300.93 वर्ग किमी बफर।

  • सीमा-पार कनेक्टिविटी: नेपाल के चितवन परिदृश्य और उत्तर प्रदेश के सोहागीबरवा क्षेत्र से जैविक संपर्क।
  • भू-आकृति: शिवालिक, भाबर-तराई, साल वन, घासभूमि और गंडक-आधारित नदी तंत्र।
  • बाघ वृद्धि: 2022 के आधिकारिक आकलन में 54 अलग-अलग बाघ पहचाने गए। NTCA की 2025 STRIPES रिपोर्ट ने आबादी को “करीब 60” बताया।
  • 2026 स्थानीय अपडेट: जुलाई 2026 की कैमरा-ट्रैप आधारित स्थानीय रिपोर्टों में संख्या 60 से ऊपर बताई गई, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर तुलनीय नवीनतम आधिकारिक AITE संख्या अभी 2022 की 54 है।
  • 2 अक्टूबर 2026: बक्सा टाइगर रिजर्व में वैज्ञानिक पुनर्स्थापना कार्यक्रम के तहत VTR से एक बाघिन को स्थानांतरित किया गया—यह VTR की स्रोत-आबादी के संरक्षण महत्व का नया उदाहरण है।

BPSC PYQ तथ्य: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व पश्चिम चंपारण जिले में है। बिहार लोक सेवा आयोग के आधिकारिक प्रश्नपत्र में यह तथ्य पूछा जा चुका है।

10. कैमूर टाइगर रिजर्व की वर्तमान स्थिति

कैमूर वन्यजीव अभयारण्य, कैमूर और रोहतास के पठारी-विंध्य क्षेत्र में स्थित बिहार का विशाल संरक्षित परिदृश्य है। इसे बिहार का दूसरा टाइगर रिजर्व बनाने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन 13 अक्टूबर 2026 तक NTCA की आधिकारिक 58-रिजर्व सूची में कैमूर शामिल नहीं है। इसलिए परीक्षा में इसे “अधिसूचित दूसरा टाइगर रिजर्व” न लिखें।

  • बिहार सरकार ने दिसंबर 2025 में संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दी और इसे अंतिम प्रक्रिया के लिए आगे बढ़ाया।
  • जनवरी 2026 में NTCA/WII प्रोटोकॉल के अनुरूप व्यापक वन्यजीव गणना शुरू हुई, ताकि शिकार-आधार और परिदृश्य की क्षमता का वैज्ञानिक आकलन हो सके।
  • कैमूर का महत्व मध्य भारत और उत्तर भारत के वन-परिदृश्यों के बीच संभावित कनेक्टिविटी, शुष्क पर्णपाती वनों और बड़े सतत पठारी आवास से जुड़ा है।

11. M-STrIPES, CA|TS, MEE और IBCA

M-STrIPES

Monitoring System for Tigers: Intensive Protection and Ecological Status GPS/GIS आधारित निगरानी मंच है। इसमें गश्त, अपराध/स्नेर संकेत, जैव-विविधता अवलोकन, पारिस्थितिक डेटा और मानव-वन्यजीव संघर्ष का भू-स्थानिक रिकॉर्ड बनाया जाता है।

CA|TS

Conservation Assured | Tiger Standards बाघ संरक्षण स्थलों के प्रबंधन की अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मान्यता है। आधिकारिक सरकारी अद्यतन में 23 भारतीय टाइगर रिजर्व CA|TS मान्यता प्राप्त बताए गए हैं।

Management Effectiveness Evaluation

NTCA/WII का MEE ढाँचा यह जाँचता है कि रिजर्व की योजना, प्रबंधन प्रणाली, संसाधन, संरक्षण परिणाम और संस्थागत प्रक्रियाएँ कितनी प्रभावी हैं।

International Big Cat Alliance

IBCA का शुभारंभ 2023 में सात बड़ी बिल्ली प्रजातियों—बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा—के संरक्षण सहयोग के लिए हुआ। 23 जनवरी 2025 से यह पूर्ण संधि-आधारित अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन बन गया। 2026 में भारत ने पहला IBCA शिखर सम्मेलन आयोजित किया।

12. प्रमुख चुनौतियाँ और आगे की राह

  • आवास विखंडन: सड़क, रेलवे, नहर, खनन और शहरीकरण गलियारों को काटते हैं।
  • मानव-बाघ संघर्ष: स्रोत आबादी बढ़ने पर dispersing बाघ कृषि और मानव-प्रभुत्व वाले क्षेत्रों में प्रवेश कर सकते हैं।
  • शिकार-आधार: prey depletion होने पर सुरक्षित वन भी व्यवहार्य बाघ आबादी नहीं संभाल सकते।
  • अवैध वन्यजीव व्यापार: संगठित अपराध और सीमा-पार तस्करी निरंतर खतरा हैं।
  • जलवायु परिवर्तन: सुंदरबन जैसे तटीय आवासों में समुद्र-स्तर, लवणता और चक्रवात जोखिम बढ़ाते हैं।
  • आगे की राह: कॉरिडोर-आधारित भूमि-उपयोग योजना, वन्यजीव-अनुकूल अंडरपास/ओवरपास, वैज्ञानिक शिकार-आधार पुनर्स्थापन, तेज मुआवजा, स्थानीय समुदाय की भागीदारी, M-STrIPES और कैमरा-ट्रैप निगरानी।

13. प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास

प्रश्न 1

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (1) NTCA वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत सांविधिक निकाय है। (2) भारत में 13 अक्टूबर 2026 तक 58 टाइगर रिजर्व हैं। (3) कैमूर बिहार का अधिसूचित दूसरा टाइगर रिजर्व है।

उत्तर: केवल 1 और 2।

प्रश्न 2

निम्नलिखित में सही युग्म चुनिए: माधव—58वाँ; रातापानी—57वाँ; गुरु घासीदास-तमोर पिंगला—56वाँ।

उत्तर: तीनों युग्म सही हैं।

प्रश्न 3

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व किस जिले में है? उत्तर: पश्चिम चंपारण, बिहार।

14. मुख्य परीक्षा अभ्यास

UPSC GS-III: “भारत की बाघ संरक्षण नीति अब संरक्षित क्षेत्रों से आगे बढ़कर परिदृश्य, कॉरिडोर और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व की नीति बन चुकी है।” प्रोजेक्ट टाइगर की संस्थागत उपलब्धियों और वर्तमान चुनौतियों के संदर्भ में विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

BPSC: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की पारिस्थितिक और सीमा-पार महत्ता का वर्णन करते हुए बिहार में प्रस्तावित कैमूर टाइगर रिजर्व की आवश्यकता और वर्तमान स्थिति स्पष्ट कीजिए।

15. 30 सेकंड की त्वरित पुनरावृत्ति

  • 1973 — प्रोजेक्ट टाइगर; 9 प्रारंभिक रिजर्व
  • 2006 — NTCA को वैधानिक आधार; धारा 38L
  • 2022 — 3,682 बाघ; सीमा 3,167–3,925
  • 58 रिजर्व — 18 राज्य — ~84,488 वर्ग किमी
  • 58वाँ — माधव, मध्य प्रदेश, 2025
  • 2026 — छठा AITE चक्र जारी
  • बिहार — वाल्मीकि आधिकारिक; कैमूर अभी प्रक्रियाधीन
  • VTR — पश्चिम चंपारण; 2022 में 54 बाघ
  • M-STrIPES — GPS/GIS आधारित निगरानी
  • 23 भारतीय रिजर्व — CA|TS मान्यता
  • IBCA — 23 जनवरी 2025 से treaty-based intergovernmental organization
प्राथमिक/आधिकारिक स्रोततथ्य सत्यापन

रिजर्व संख्या, क्षेत्रफल, कानूनी ढाँचा, 2022 अनुमान, 2026 आकलन चक्र और नवीनतम संरक्षण अद्यतनों को NTCA तथा भारत सरकार के स्रोतों से मिलाया गया है।