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संघ लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा 2022 • सामान्य अध्ययन-III • प्रश्न 10

भारत की समुद्री सुरक्षा चुनौतियाँ और सुधार पहलें

अक्षर आकार

वास्तविक विगत वर्ष प्रश्न।

10 अंकशब्द-सीमा: 150 शब्दमाध्यम: हिंदी

प्रश्न

भारत में समुद्री सुरक्षा चुनौतियाँ क्या हैं? समुद्री सुरक्षा में सुधार के लिए की गई संगठनात्मक, तकनीकी और प्रक्रियात्मक पहलों की विवेचना कीजिए।

प्रश्न की मांग

  • समुद्री खतरों का संक्षिप्त वर्गीकरण करना।
  • सुधारों को संगठनात्मक, तकनीकी और प्रक्रियात्मक तीन भागों में लिखना।
  • अंत में एकीकृत समुद्री क्षेत्र-जागरूकता की आवश्यकता बताना।

आदर्श उत्तर

भारत की 7,500 किमी से अधिक तटरेखा, द्वीपीय क्षेत्र और हिंद महासागर में सामरिक स्थिति उसे समुद्री आतंकवाद, घुसपैठ, समुद्री डकैती, हथियार/मादक पदार्थ तस्करी, अवैध मत्स्यन, महत्वपूर्ण अपतटीय प्रतिष्ठानों पर हमले तथा बाहरी नौसैनिक प्रतिस्पर्धा के प्रति संवेदनशील बनाती है।

सुधार पहलें

  • संगठनात्मक: नौसेना–तटरक्षक–राज्य समुद्री पुलिस की त्रि-स्तरीय व्यवस्था; सूचना प्रबंधन एवं विश्लेषण केंद्र (IMAC) तथा हिंद महासागर क्षेत्र के लिए सूचना संलयन केंद्र (IFC-IOR)।
  • तकनीकी: तटीय निगरानी रडार-श्रृंखला, स्वचालित पहचान प्रणाली (AIS), राष्ट्रीय कमान-नियंत्रण-संचार एवं आसूचना नेटवर्क (NC3I), उपग्रह और हवाई निगरानी।
  • प्रक्रियात्मक: मछली पकड़ने वाली नौकाओं का पंजीकरण, मछुआरों की पहचान, संयुक्त गश्त, मानक संचालन प्रक्रियाएँ और ‘सागर कवच’ जैसे अभ्यास।

आगे छोटे पोतों की वास्तविक समय पहचान, बंदरगाह साइबर सुरक्षा, ड्रोन/कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी और सभी एजेंसियों के साझा Maritime Domain Awareness चित्र को मजबूत करना आवश्यक है।

मूल्यवर्धन

प्रमुख संस्थागत शब्द: IMAC, IFC-IOR, NC3I, Coastal Surveillance Network.