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14–22 सितंबर 2026: करंट अफेयर्स को राजव्यवस्था से जोड़कर पढ़ें

केवल वही खबरें शामिल हैं जिनसे संविधान, संसद, संस्थाओं, कानून और प्रशासन पर प्रारंभिक परीक्षा में कथन-आधारित प्रश्न बन सकता है। हर विषय में क्यों चर्चा में?, स्थिर राजव्यवस्था/शासन संबंध, क्या याद रखें? और परीक्षा ट्रैप दिया गया है।

01
संविधान • राजभाषाउच्च प्राथमिकता

हिंदी दिवस और राजभाषा के संवैधानिक प्रावधान

क्यों चर्चा में?

14 सितंबर को हिंदी दिवस 2026 और छठा अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन आयोजित हुआ। इसी दिन राजभाषा गौरव और राजभाषा कीर्ति पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

स्थिर राजव्यवस्था से सीधा संबंध

संविधान का भाग XVII राजभाषा से संबंधित है। अनुच्छेद 343 संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी निर्धारित करता है। अनुच्छेद 344 राजभाषा आयोग और संसद की समिति से संबंधित है। अनुच्छेद 345 राज्य को अपनी आधिकारिक भाषा/भाषाएँ अपनाने का अधिकार देता है।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • संघ की राजभाषा: हिंदी, लिपि: देवनागरी — अनुच्छेद 343।
  • संघ के आधिकारिक उद्देश्यों में अंग्रेज़ी के निरंतर उपयोग का वैधानिक आधार: राजभाषा अधिनियम, 1963।
  • राजभाषा आयोग और संसदीय समिति: अनुच्छेद 344।
  • राज्य की आधिकारिक भाषा: अनुच्छेद 345।
  • सर्वोच्च न्यायालय/उच्च न्यायालय और अधिनियमों की भाषा से संबंधित मुख्य प्रावधान: अनुच्छेद 348।
  • हिंदी के विकास के लिए संघ का निर्देश: अनुच्छेद 351।
ट्रैप: संविधान हिंदी को “राष्ट्रीय भाषा” नहीं कहता; अनुच्छेद 343 इसे संघ की राजभाषा कहता है।
स्रोत: गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग; भारत का संविधान; राजभाषा अधिनियम, 1963.
02
उपभोक्ता शासनउच्च प्राथमिकता

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण और डार्क पैटर्न

क्यों चर्चा में?

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने रैपिडो पर भ्रामक टिपिंग संकेतों और “कन्फर्म शेमिंग” तथा “इंटरफेस इंटरफेरेंस” जैसे डार्क पैटर्न के लिए ₹10 लाख का दंड लगाया।

स्थिर शासन से संबंध

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) की स्थापना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत हुई है। इसका उद्देश्य उपभोक्ता अधिकारों का संरक्षण, अनुचित व्यापार व्यवहार और भ्रामक विज्ञापनों पर कार्रवाई करना है। डार्क पैटर्न के निवारण और विनियमन के लिए 2023 में विशेष दिशा-निर्देश अधिसूचित किए गए थे।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • CCPA: उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 10 के तहत स्थापित।
  • यह उपभोक्ता मामले विभाग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय से संबंधित है।
  • CCPA के पास जाँच, वस्तु वापस बुलाने, प्रतिपूर्ति, भ्रामक विज्ञापन पर निर्देश और दंड जैसी शक्तियाँ हैं।
  • डार्क पैटर्न दिशा-निर्देश, 2023 में 13 पहचाने गए पैटर्न शामिल हैं।
  • उदाहरण: फॉल्स अर्जेंसी, बास्केट स्नीकिंग, कन्फर्म शेमिंग, फोर्स्ड एक्शन, इंटरफेस इंटरफेरेंस, ट्रिक वर्डिंग।
ट्रैप: CCPA और उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग एक ही संस्था नहीं हैं; एक नियामक/प्रवर्तन प्राधिकरण है, दूसरे विवाद-निवारण आयोग हैं।
स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो; उपभोक्ता मामले विभाग; उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019.
03
वैधानिक संस्थाउच्च प्राथमिकता

भारतीय विश्व मामलों की परिषद (ICWA)

क्यों चर्चा में?

भारतीय विश्व मामलों की परिषद (ICWA) ने राष्ट्रीय महत्त्व के संस्थान के रूप में अपनी मान्यता के 25 वर्ष पूरे किए; उपराष्ट्रपति ने सप्रू हाउस, नई दिल्ली में आयोजित समारोह को संबोधित किया।

स्थिर राजव्यवस्था से संबंध

ICWA की स्थापना 1943 में एक गैर-आधिकारिक, गैर-राजनीतिक विदेश नीति विचार-मंच के रूप में हुई थी। भारतीय विश्व मामलों की परिषद अधिनियम, 2001 (Indian Council of World Affairs Act, 2001) ने इसे राष्ट्रीय महत्त्व का संस्थान घोषित किया और इसे वैधानिक निगमित स्वरूप दिया।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • स्थापना: 1943।
  • मुख्यालय: सप्रू हाउस, नई दिल्ली।
  • संबंधित मंत्रालय: विदेश मंत्रालय।
  • 2001 के अधिनियम द्वारा राष्ट्रीय महत्त्व का संस्थान घोषित।
  • भारत के उपराष्ट्रपति ICWA के पदेन अध्यक्ष होते हैं।
  • 1947 का एशियाई संबंध सम्मेलन ICWA के ऐतिहासिक आयोजनों में शामिल है।
ट्रैप: ICWA को संवैधानिक संस्था न मानें; इसकी वर्तमान वैधानिक स्थिति संसद के 2001 के अधिनियम से आती है।
स्रोत: उपराष्ट्रपति सचिवालय; ICWA; इंडिया कोड.
04
प्रशासनिक सुधारमध्यम-उच्च प्राथमिकता

विशेष अभियान 6.0: स्वच्छता और लंबित मामलों का निपटारा

क्यों चर्चा में?

विशेष अभियान 6.0 की प्रगति की निगरानी के लिए समर्पित वेब-पोर्टल शुरू किया गया। इस संस्करण में सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों के निपटारे के साथ ई-कचरे के वैज्ञानिक संग्रह, पृथक्करण और निस्तारण पर विशेष जोर है।

स्थिर शासन से संबंध

विशेष अभियान केंद्र सरकार के प्रशासनिक सुधार और कार्यालयी दक्षता से जुड़ा है। प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) 2021 से इन अभियानों का समन्वय कर रहा है।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • नोडल विभाग: DARPG।
  • DARPG, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत है।
  • 2026 तैयारी चरण: 16–30 सितंबर; क्रियान्वयन चरण: 2–31 अक्टूबर।
  • मुख्य लक्ष्य: स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन, लंबित संदर्भों/लोक शिकायतों का निपटारा, कार्यालय स्थान का बेहतर उपयोग।
  • 2026 का विशेष फोकस: ई-कचरे का प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निस्तारण।
ट्रैप: विशेष अभियान 6.0 किसी एक मंत्रालय की योजना नहीं; DARPG के समन्वय में अनेक मंत्रालय/विभाग इसमें भाग लेते हैं।
स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो; प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग.
05
वैधानिक निकाय • मीडिया शासनउच्च प्राथमिकता

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC)

क्यों चर्चा में?

केंद्र सरकार ने CBFC को 18 सदस्यों के साथ पुनर्गठित किया और 18 सितंबर को सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए फिल्मों के प्रमाणन संबंधी संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए।

स्थिर राजव्यवस्था से संबंध

CBFC एक वैधानिक निकाय है और इसका आधार सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 है। अधिनियम की धारा 3 के तहत केंद्र सरकार बोर्ड का गठन करती है। यह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • मंत्रालय: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय।
  • कानूनी आधार: सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952।
  • बोर्ड का गठन: केंद्र सरकार।
  • 2026 पुनर्गठन: 18 सदस्य; अवधि 3 वर्ष या अगले आदेश तक, जो पहले हो।
  • वर्तमान प्रमाणन व्यवस्था में U, UA 7+, UA 13+, UA 16+ और A जैसी आयु-आधारित श्रेणियाँ प्रयुक्त होती हैं।
  • 18 सितंबर 2026 को संशोधित फिल्म प्रमाणन दिशा-निर्देश जारी किए गए।
ट्रैप: CBFC “फिल्म सेंसर बोर्ड” नाम से लोकप्रिय है, लेकिन इसका वैधानिक नाम Central Board of Film Certification है।
स्रोत: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय; प्रेस सूचना ब्यूरो; सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952.
06
संसदीय समिति • जनगणनाउच्च प्राथमिकता

शहरी क्षेत्र को परिभाषित करने के जनगणना मानदंड

क्यों चर्चा में?

आवास और शहरी कार्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने “शहरी क्षेत्रों की परिभाषा के जनगणना मानदंड” विषय पर अपनी मसौदा रिपोर्ट पर विचार और उसे अपनाने की कार्यवाही की।

स्थिर शासन से संबंध

भारत की जनगणना में शहरी क्षेत्र मुख्यतः वैधानिक नगर और जनगणना नगर के रूप में वर्गीकृत किए जाते हैं। यह वर्गीकरण प्रशासनिक शासन और सांख्यिकीय शहरीकरण—दोनों को समझने में महत्त्वपूर्ण है।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • वैधानिक नगर: नगरपालिका, नगर निगम, छावनी बोर्ड या अधिसूचित नगर क्षेत्र समिति आदि वाला स्थान।
  • जनगणना नगर: तीन शर्तें एक साथ—न्यूनतम जनसंख्या 5,000; कम-से-कम 75% पुरुष मुख्य कार्यकर्ता गैर-कृषि कार्यों में; जनसंख्या घनत्व कम-से-कम 400 प्रति वर्ग किमी।
  • 1 लाख या अधिक जनसंख्या वाले नगर को जनगणना संदर्भ में “city” कहा जाता है।
  • जनगणना नगर सांख्यिकीय रूप से शहरी हो सकता है, लेकिन उसके पास अनिवार्यतः शहरी स्थानीय निकाय नहीं होता।
  • जनगणना का प्रशासन भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त के कार्यालय द्वारा किया जाता है, जो गृह मंत्रालय के अंतर्गत है।
ट्रैप: हर जनगणना नगर (Census Town) नगरपालिका नहीं होता और हर वैधानिक नगर (statutory town) को 5,000/75%/400 की तीनों शर्तें पूरी करना आवश्यक नहीं।
स्रोत: PRS Legislative Research; भारत की जनगणना, 2011 की आधिकारिक परिभाषाएँ.
07
नागरिक-केंद्रित डिजिटल शासनमध्यम-उच्च प्राथमिकता

वनटैग (OneTag) फास्टैग (FASTag) पोर्टेबिलिटी सेवा

क्यों चर्चा में?

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राजमार्गयात्रा ऐप पर वनटैग (OneTag) फास्टैग (FASTag) पोर्टेबिलिटी सेवा उपलब्ध कराई। इससे उपयोगकर्ता वाहन पर लगा वही FASTag रखते हुए जारीकर्ता संस्था बदल सकता है।

स्थिर शासन से संबंध

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) एक वैधानिक प्राधिकरण है, जिसका गठन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अधिनियम, 1988 (NHAI Act, 1988) के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, रखरखाव और प्रबंधन के लिए किया गया।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • NHAI: सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीन।
  • कानूनी आधार: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अधिनियम, 1988।
  • OneTag: FASTag का जारीकर्ता बदलने की सुविधा, नया भौतिक टैग लेने की आवश्यकता नहीं।
  • सेवा: राजमार्गयात्रा मोबाइल ऐप पर।
  • उद्देश्य: उपयोगकर्ता विकल्प और नागरिक-केंद्रित डिजिटल सेवा में सुधार।
ट्रैप: NHAI को सड़क परिवहन मंत्रालय स्वयं न मानें; यह मंत्रालय के अधीन एक अलग वैधानिक प्राधिकरण है।
स्रोत: सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय; प्रेस सूचना ब्यूरो; इंडिया कोड.
08
संसद • गृह मंत्रालयउच्च प्राथमिकता

विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026

क्यों चर्चा में?

18 सितंबर को संयुक्त संसदीय समिति के समक्ष गृह मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (Foreign Contribution Regulation Amendment Bill, 2026) पर ब्रीफिंग दी।

स्थिर राजव्यवस्था से संबंध

मूल विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 (FCRA) व्यक्तियों, संघों और कंपनियों द्वारा विदेशी अंशदान की स्वीकृति और उपयोग को नियंत्रित करता है। 2026 का विधेयक ऐसे मामलों में विदेशी अंशदान और उससे बनी संपत्तियों के प्रबंधन के लिए नया ढाँचा प्रस्तावित करता है, जहाँ विदेशी अंशदान विनियमन (FCRA) प्रमाण-पत्र रद्द, समर्पित या समाप्त हो जाए।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • संबंधित मंत्रालय: गृह मंत्रालय।
  • मूल कानून: विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 (FCRA)।
  • 2026 विधेयक लोक सभा में 25 मार्च 2026 को पेश हुआ; बाद में संयुक्त संसदीय समिति को भेजा गया।
  • प्रस्तावित “नामित प्राधिकरण (Designated Authority)” प्रमाण-पत्र समाप्त होने की स्थिति में विदेशी अंशदान/संपत्ति का पर्यवेक्षण और प्रबंधन कर सकेगा।
  • राजनीतिक दल, चुनाव उम्मीदवार, विधायक/सांसद, न्यायाधीश और कुछ समाचार-संबंधित संस्थाएँ विदेशी अंशदान स्वीकार करने पर प्रतिबंधित श्रेणियों में आती हैं।
  • FCRA प्रमाण-पत्र का नवीनीकरण सामान्यतः प्रत्येक 5 वर्ष में आवश्यक होता है।
ट्रैप: FCRA का प्रशासन विदेश मंत्रालय नहीं, गृह मंत्रालय करता है।
स्रोत: गृह मंत्रालय; PRS Legislative Research; विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 (FCRA).
09
संघवाद • भाषाउच्च प्राथमिकता

तुलु को अतिरिक्त आधिकारिक भाषा का दर्जा: संवैधानिक दृष्टि

क्यों चर्चा में?

कर्नाटक मंत्रिमंडल ने दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों में तुलु को राज्य की दूसरी अतिरिक्त आधिकारिक भाषा का दर्जा देने का निर्णय लिया।

स्थिर राजव्यवस्था से संबंध

अनुच्छेद 345 राज्य विधानमंडल को राज्य में उपयोग होने वाली किसी एक या अधिक भाषाओं अथवा हिंदी को राज्य के सभी या कुछ आधिकारिक उद्देश्यों के लिए अपनाने की अनुमति देता है। यह व्यवस्था संविधान की आठवीं अनुसूची से अलग है।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • राज्य की आधिकारिक भाषा/भाषाएँ: अनुच्छेद 345।
  • राज्यों के बीच तथा राज्य और संघ के बीच आधिकारिक संचार: अनुच्छेद 346।
  • किसी राज्य की जनसंख्या के किसी भाग द्वारा बोली जाने वाली भाषा के विशेष मान्यता-संबंधी प्रावधान: अनुच्छेद 347।
  • तुलु अभी आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं है।
  • किसी भाषा का राज्य की आधिकारिक भाषा होना और आठवीं अनुसूची में होना दो अलग संवैधानिक प्रश्न हैं।
ट्रैप: आठवीं अनुसूची में न होने से किसी राज्य को उस भाषा को अपने आधिकारिक कार्य के लिए अपनाने से स्वतः नहीं रोका जाता।
स्रोत: कर्नाटक मंत्रिमंडल निर्णय की समसामयिक रिपोर्ट; भारत का संविधान, अनुच्छेद 345–347.
10
संसदीय प्रक्रियाअत्यंत उच्च प्राथमिकता

राज्य सभा का अनिश्चितकालीन स्थगन (Adjournment sine die)

क्यों चर्चा में?

22 सितंबर को राज्य सभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई। यह संसदीय प्रक्रिया में “अनिश्चितकालीन स्थगन (adjournment sine die)”, “सत्रावसान (prorogation)” और “विघटन (dissolution)” के अंतर को दोहराने का अच्छा अवसर है।

स्थिर राजव्यवस्था से संबंध

अनिश्चितकालीन स्थगन (Adjournment sine die) का अर्थ है सदन की बैठक को अगली बैठक की कोई निश्चित तारीख तय किए बिना समाप्त करना। यह शक्ति पीठासीन अधिकारी के पास होती है। इसके विपरीत सत्रावसान (prorogation) राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • Adjournment: सदन की एक बैठक/बैठक-क्रम को स्थगित करना — पीठासीन अधिकारी।
  • अनिश्चितकालीन स्थगन (Adjournment sine die): अगली बैठक की तारीख तय किए बिना स्थगन — पीठासीन अधिकारी।
  • Prorogation: सदन के सत्र का औपचारिक अंत — राष्ट्रपति, अनुच्छेद 85(2)(a)।
  • Dissolution: केवल लोक सभा के लिए — राष्ट्रपति, अनुच्छेद 85(2)(b), या कार्यकाल पूर्ण होने पर।
  • राज्य सभा भंग नहीं होती; यह स्थायी सदन है — अनुच्छेद 83(1)।
  • दो सत्रों के बीच 6 महीने से अधिक का अंतर नहीं हो सकता — अनुच्छेद 85(1)।
ट्रैप: अनिश्चितकालीन स्थगन (Adjournment sine die) और सत्रावसान (prorogation) समान नहीं हैं। पहला पीठासीन अधिकारी करता है; दूसरा राष्ट्रपति।
स्रोत: राज्य सभा सचिवालय; PRS Legislative Research; भारत का संविधान, अनुच्छेद 83 और 85.
30 सेकंड पुनरावृत्ति

इस सप्ताह के सबसे संभावित राजव्यवस्था ट्रैप

राजभाषा — हिंदी = संघ की राजभाषा, “राष्ट्रीय भाषा” नहीं

CCPA — उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019; उपभोक्ता आयोग से अलग

ICWA — 2001 अधिनियम; उपराष्ट्रपति पदेन अध्यक्ष

CBFC — वैधानिक निकाय; सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952

जनगणना नगर (Census Town) — 5,000 + 75% पुरुष मुख्य कार्यकर्ता गैर-कृषि + 400/वर्ग किमी

NHAI — वैधानिक प्राधिकरण; अधिनियम 1988

FCRA — गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय नहीं

तुलु — अनुच्छेद 345 ≠ आठवीं अनुसूची

sine die — पीठासीन अधिकारी; सत्रावसान (prorogation) — राष्ट्रपति

राज्य सभा — स्थायी सदन; विघटन (dissolution) नहीं