अर्थव्यवस्था एवं शासन • UPSC 2027

राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली: व्यवसाय अनुमोदनों का डिजिटल मंच

राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली निवेशकों को आवश्यक सरकारी अनुमोदनों की पहचान, आवेदन और निगरानी एक ही डिजिटल इंटरफेस से करने का मंच देती है। 22 सितंबर 2026 को इसके पाँच वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसकी संरचना और भूमिका फिर चर्चा में रही।

स्रोत तिथि: 22–23 सितंबर 2026
प्रकाशित: 23 सितंबर 2026अंतिम अद्यतन: 23 सितंबर 2026अर्थव्यवस्था एवं शासनपरीक्षा: प्रारंभिक + मुख्यGS-II + GS-IIIस्रोत-सत्यापित

पाठ्यक्रम से जुड़ाव

  • प्रारंभिक परीक्षा: DPIIT, राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली और उसके प्रमुख मॉड्यूल।
  • मुख्य परीक्षा GS-II: ई-शासन, पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधार।
  • मुख्य परीक्षा GS-III: निवेश वातावरण, औद्योगिक नीति और व्यवसाय सुगमता।

चर्चा में क्यों?

राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली को 22 सितंबर 2021 को सार्वजनिक रूप से शुरू किया गया था। 22 सितंबर 2026 के सरकारी पृष्ठभूमि नोट में इसके पाँच वर्ष पूरे होने पर इसे भारत में व्यवसाय अनुमोदनों की पहचान, आवेदन और ट्रैकिंग को एकीकृत करने वाले डिजिटल मंच के रूप में रेखांकित किया गया।

मुख्य बिंदु

  • इसे उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) लागू करता है।
  • “अपने अनुमोदन जानें” मॉड्यूल व्यवसाय की प्रकृति के आधार पर आवश्यक अनुमतियों की संकेतात्मक सूची देता है।
  • सामान्य पंजीकरण प्रपत्र बार-बार समान जानकारी भरने की आवश्यकता घटाने के लिए बनाया गया है।
  • आवेदक डैशबोर्ड आवेदन की स्थिति और लंबित कार्रवाई देखने में सहायता करता है।
  • दस्तावेज भंडार और इलेक्ट्रॉनिक संचार मॉड्यूल विभिन्न विभागों के साथ डिजिटल प्रक्रिया को सुगम बनाते हैं।

पृष्ठभूमि और विस्तार

भारत में व्यवसाय स्थापित करने के लिए केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और नियामक संस्थाओं से अनेक अनुमतियाँ आवश्यक हो सकती हैं। पहले अलग-अलग पोर्टलों, प्रपत्रों और दस्तावेज आवश्यकताओं के कारण समय, लागत और सूचना-असमता बढ़ती थी। राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली का उद्देश्य इन प्रक्रियाओं को एक ही डिजिटल प्रवेश-द्वार से जोड़ना है, जबकि संबंधित विभागों की वैधानिक अनुमोदन शक्तियाँ बनी रहती हैं।

इसका अर्थ यह नहीं कि एक पोर्टल सभी स्वीकृतियाँ स्वतः देता है। मंच मुख्यतः अनुमोदनों की पहचान, आवेदन, दस्तावेज, विभागीय एकीकरण और स्थिति-ट्रैकिंग को सरल बनाता है। अंतिम निर्णय संबंधित सक्षम प्राधिकरण ही करता है।

राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली का विकास बजट में घोषित निवेश स्वीकृति प्रकोष्ठ की अवधारणा से जुड़ा है और DPIIT ने इसे Invest India के सहयोग से विकसित किया।

महत्व, प्रभाव और चुनौतियाँ

अनुपालन लागत में कमी: एक ही सूचना और दस्तावेज बार-बार देने की जरूरत घट सकती है।

पारदर्शिता: डिजिटल ट्रैकिंग से आवेदन की स्थिति अधिक स्पष्ट होती है और प्रशासनिक अनिश्चितता कम हो सकती है।

निवेश सुगमता: परियोजना आरंभ होने में लगने वाला समय घटने से निवेश निर्णयों को गति मिल सकती है।

चुनौती—पूर्ण एकीकरण: सभी विभागों, राज्यों और स्थानीय निकायों की प्रक्रियाएँ समान स्तर पर डिजिटाइज्ड नहीं हैं।

चुनौती—प्रक्रिया बनाम पोर्टल: यदि मूल नियम जटिल हैं, तो केवल डिजिटल इंटरफेस जटिलता समाप्त नहीं करता। वास्तविक सुधार के लिए अनुमोदनों का सरलीकरण और अनावश्यक अनुपालनों का हटना भी जरूरी है।

चुनौती—डेटा सुरक्षा: व्यवसाय संबंधी संवेदनशील दस्तावेजों के केंद्रीकृत डिजिटल उपयोग में साइबर सुरक्षा और गोपनीयता महत्त्वपूर्ण हैं।

मुख्य परीक्षा

यह उदाहरण दिखाता है कि ई-शासन का लक्ष्य केवल सेवाओं को ऑनलाइन करना नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रिया का पुनर्रचना करना है। प्रभावी डिजिटल शासन में साझा डेटा मानक, विभागीय अंत:संचालनीयता, समयबद्ध सेवा, जवाबदेही, अपील व्यवस्था और साइबर सुरक्षा एक साथ आवश्यक हैं। इसी कारण राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली को “व्यवसाय सुगमता” के साथ “प्रक्रिया सुधार” के दृष्टिकोण से पढ़ना अधिक उपयुक्त है।

आगे की राह

  • केंद्र, राज्य और स्थानीय अनुमतियों का चरणबद्ध पूर्ण एकीकरण।
  • एक ही डेटा को बार-बार मांगने की प्रवृत्ति समाप्त करने के लिए “एक बार प्रस्तुत” सिद्धांत।
  • समय-सीमा आधारित अनुमोदन और कारण सहित डिजिटल निर्णय।
  • साइबर सुरक्षा, लॉगिंग और डेटा अभिगम नियंत्रण मजबूत करना।
  • उपयोगकर्ता शिकायतों और असफल आवेदनों के आधार पर प्रक्रिया-सुधार करना।

संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

  • DPIIT — वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत विभाग।
  • राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली का सार्वजनिक शुभारंभ 22 सितंबर 2021 को हुआ।
  • “अपने अनुमोदन जानें” मॉड्यूल अनुमतियों की संकेतात्मक सूची बताता है; यह स्वयं अंतिम स्वीकृति नहीं है।
  • यह मंच मौजूदा केंद्रीय और राज्य स्वीकृति प्रणालियों को एकीकृत करता है, उन्हें समाप्त नहीं करता।

विगत वर्षों के प्रश्न और अपेक्षित प्रश्न

सत्यापित PYQ

मुख्य परीक्षा GS-II, 2023 — भावार्थ: ई-शासन ने प्रभावशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाई है; फिर भी कौन-सी कमियाँ इन लाभों को पूरी तरह साकार होने से रोकती हैं?

अपेक्षित प्रारंभिक प्रश्न

प्रश्न 1. राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: (1) इसे DPIIT लागू करता है। (2) “अपने अनुमोदन जानें” मॉड्यूल व्यवसाय को आवश्यक अनुमतियों की संकेतात्मक सूची देता है। (3) यह सभी विभागीय वैधानिक अनुमोदनों को स्वतः प्रदान कर देता है। सही कूट चुनिए।

उत्तर देखें

उत्तर: केवल (1) और (2) सही हैं।

प्रश्न 2. सामान्य पंजीकरण प्रपत्र का प्रमुख उद्देश्य क्या है?

उत्तर देखें

उत्तर: अलग-अलग अनुमोदनों में बार-बार समान सूचना भरने की आवश्यकता कम करना।

अपेक्षित मुख्य प्रश्न

डिजिटल पोर्टल तभी वास्तविक प्रशासनिक सुधार बनता है जब उसके साथ प्रक्रियाओं का सरलीकरण, विभागीय अंत:संचालनीयता और जवाबदेही भी हो। राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली के संदर्भ में विवेचना कीजिए।

PYQ सत्यापन: UPSC मुख्य परीक्षा 2023, GS-II।

स्रोतप्राथमिक तथा विश्वसनीय स्रोत

सामग्री स्रोतों का स्वतंत्र, परीक्षा-उन्मुख पुनर्लेखन है; किसी प्रकाशन का पाठ प्रतिलिपि नहीं किया गया है।