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भारतीय राजव्यवस्था • मुख्य परीक्षा अभ्यास

अभ्यास प्रश्न 9

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1. प्रश्न2. मॉडल उत्तर

प्रश्न

प्रश्न 9 (10 अंक | 150 शब्द): संविधान के अनुच्छेद 244क (Article 244A) के संवैधानिक महत्व को स्पष्ट कीजिए। असम के पहाड़ी जिलों में इसके क्रियान्वयन की माँग क्यों उठती रही है?

मॉडल उत्तर

परिचय: भारतीय संविधान के भाग 10 में स्थित अनुच्छेद 244क (Article 244A) को 22वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1969 द्वारा अंतःस्थापित किया गया था। यह छठी अनुसूची की स्वायत्त जिला परिषद (ADC) और पूर्ण राज्य (Full Statehood) के बीच की एक अनूठी संवैधानिक कड़ी है।

प्रमुख संवैधानिक प्रावधान:

यह संसद को विधि द्वारा असम के कुछ या सभी जनजातीय क्षेत्रों को मिलाकर असम राज्य के भीतर एक 'स्वायत्त राज्य' (Autonomous State - "State within a State") का निर्माण करने की शक्ति देता है।
संसद ऐसे स्वायत्त राज्य के लिए एक स्थानीय विधानमंडल या मंत्रिपरिषद या दोनों का सृजन कर सकती है और राज्य सूची व समवर्ती सूची के विषयों का बँटवारा कर सकती है।
अनुच्छेद 244A(4) के अनुसार ऐसी विधि को अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन नहीं माना जाता (यह साधारण बहुमत से पारित हो सकती है)। इसी के तहत 1969 में मेघालय को स्वायत्त राज्य बनाया गया था।

असम के पहाड़ी जिलों में इसकी माँग क्यों है? असम के कार्बी आंगलोंग और दीमा हसाओ (उत्तरी कछार हिल्स) जिलों के जनजातीय संगठन लंबे समय से यह तर्क देते हैं कि छठी अनुसूची की जिला परिषदें असम सरकार के वित्तीय और प्रशासनिक नियंत्रण के कारण अपर्याप्त हैं, इसलिए उन्हें अनुच्छेद 244A के तहत 'स्वायत्त राज्य' का दर्जा दिया जाए।

निष्कर्ष: अनुच्छेद 244A राज्य के विभाजन के बिना क्षेत्रीय आकांक्षाओं को उच्चतम स्वायत्तता देने का एक दूरदर्शी संवैधानिक उपकरण है।