Governor के संवैधानिक discretion से जुड़े निम्नलिखित कार्यों पर विचार कीजिए: 1. कुछ विधेयकों को राष्ट्रपति के विचारार्थ reserve करना। 2. राज्य में संवैधानिक तंत्र विफल होने पर राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजना। 3. यदि किसी Governor को अनुच्छेद 239(2) के तहत निकटवर्ती Union Territory का Administrator भी नियुक्त किया गया हो, तो उस प्रशासनिक भूमिका में वह राज्य मंत्रिपरिषद की सलाह से स्वतंत्र हो सकता है। 4. Sixth Schedule के कुछ मामलों में Autonomous District/Regional Councils से संबंधित विशेष निर्णय करना। सही उत्तर चुनिए:

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 11 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 9प्रश्न 11 / 50

विकल्प

Aकेवल 1, 2 और 3
Bकेवल 2, 3 और 4
Cकेवल 1 और 4
D1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर (d) है। Governor का discretion असीमित नहीं, बल्कि विशिष्ट संवैधानिक स्रोतों से निकलता है। Article 200 reservation, Article 356 के लिए report, Article 239(2) के तहत UT administrator की अलग भूमिका और Sixth Schedule में Governor को दिए गए कुछ विशेष functions इसके उदाहरण हैं। इन मामलों को सामान्य rule से अलग समझना चाहिए: सामान्यतः Governor Council of Ministers की aid and advice पर कार्य करता है और discretion केवल Constitution द्वारा मान्य अपवादों में है।

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