Governor की अध्यादेश-निर्माण शक्ति (अनुच्छेद 213) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. द्विसदनीय राज्य में अध्यादेश केवल तभी जारी हो सकता है जब दोनों सदन सत्र में न हों। 2. अध्यादेश-शक्ति राज्य विधानमंडल की विधायी क्षमता के सह-विस्तृत है। 3. पुनर्समवेत विधानमंडल के छह सप्ताह बाद अध्यादेश समाप्त हो जाता है, यदि पहले निरस्त/प्रतिस्थापित न हो। 4. कुछ विषयों पर राष्ट्रपति के निर्देश के बिना Governor अध्यादेश जारी नहीं कर सकता। सही उत्तर चुनिए:

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 8 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 9प्रश्न 8 / 50

विकल्प

Aकेवल 1, 2 और 3
Bकेवल 2, 3 और 4
Cकेवल 1 और 4
D1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: B. केवल 2, 3 और 4
सही उत्तर (b) है। कथन 1 गलत है। अनुच्छेद 213 की सटीक भाषा के अनुसार एकसदनीय राज्य में Assembly के सत्र में रहते अध्यादेश नहीं बन सकता; द्विसदनीय राज्य में अध्यादेश निषिद्ध तब है जब दोनों Houses एक साथ session में हों। इसलिए यदि एक सदन session में है और दूसरा नहीं, तो परिस्थितियाँ होने पर अध्यादेश संभव है। अध्यादेश विधानमंडल की विधायी सीमा से बाहर नहीं जा सकता, छह सप्ताह वाली sunset rule लागू होती है और proviso कुछ मामलों में President की instructions आवश्यक बनाता है।

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