Supreme Court की PIL Guidelines के अनुसार निम्नलिखित में से किन विषयों को सामान्यतः PIL के रूप में स्वीकार नहीं किया जाता? 1. मकान-मालिक–किरायेदार का निजी विवाद। 2. व्यक्तिगत service matter तथा pension/gratuity claim। 3. चिकित्सा या अन्य शैक्षणिक संस्थान में व्यक्तिगत admission dispute। 4. High Court या subordinate court में लंबित निजी मामले की केवल शीघ्र सुनवाई की मांग। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 46 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 8प्रश्न 46 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1, 2 और 3
D1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर (d) है। Supreme Court की प्रकाशित PIL Guidelines इन चारों को सामान्यतः PIL श्रेणी से बाहर रखती हैं। Landlord-tenant, service/pension, admission disputes और pending cases की early hearing जैसी व्यक्तिगत राहतों के लिए नियमित वैधानिक/न्यायिक उपाय उपलब्ध हैं। PIL का उद्देश्य व्यक्तिगत मुकदमे को 'public interest' नाम देकर विशेष प्राथमिकता दिलाना नहीं है। यही screening frivolous PILs और न्यायालय के सार्वजनिक-हित jurisdiction के दुरुपयोग को नियंत्रित करती है।

इसी प्रश्न को अभ्यास मोड में खोलें