भारत में Judicial Activism के उभार के कारणों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल माने जाते हैं? 1. विधायिका/कार्यपालिका की निष्क्रियता या governance deficit। 2. मौलिक अधिकारों और कमजोर वर्गों के सामाजिक न्याय की रक्षा की आवश्यकता। 3. राजनीतिक संस्थाओं में जवाबदेही और आंतरिक लोकतंत्र की कमी। 4. प्रशासनिक भ्रष्टाचार तथा पर्यावरण/मानवाधिकार संरक्षण में सरकारी विफलताएँ। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 39 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 8प्रश्न 39 / 50

विकल्प

Aकेवल 1, 2 और 3
Bकेवल 2, 3 और 4
Cकेवल 1 और 4
D1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर (d) है। Judicial Activism का उभार किसी एक कारण से नहीं हुआ। शासन की निष्क्रियता, rights violations, गरीब वर्गों की न्याय तक कमजोर पहुँच, पर्यावरणीय संकट और प्रशासनिक भ्रष्टाचार ने अदालतों के सामने अधिक हस्तक्षेप की माँग पैदा की। साथ ही PIL ने procedural barriers कम किए। फिर भी activism की वैधता हर मामले में अलग प्रश्न है—न्यायपालिका को अधिकार-सुरक्षा करते समय separation of powers और संस्थागत क्षमता की सीमाओं का भी ध्यान रखना पड़ता है।

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