अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति के Advisory Jurisdiction के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विधि या तथ्य के ऐसे प्रश्न पर जो सार्वजनिक महत्व का हो, राष्ट्रपति Supreme Court से राय मांग सकते हैं; ऐसी स्थिति में न्यायालय राय देने से इंकार भी कर सकता है। 2. अनुच्छेद 143(2) के तहत अनुच्छेद 131 के proviso में आने वाले संविधान-पूर्व संधि/समझौते से संबंधित विवाद संदर्भित किए जा सकते हैं, जिन पर Supreme Court राय देता है। 3. Supreme Court की advisory opinion राष्ट्रपति पर बाध्यकारी नहीं होती। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 15 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 8प्रश्न 15 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3
सही उत्तर (d) है। अनुच्छेद 143(1) में राष्ट्रपति public importance के law/fact question पर राय मांग सकते हैं; Supreme Court ने इस श्रेणी में उत्तर देने से इंकार की गुंजाइश भी स्वीकार की है। अनुच्छेद 143(2) विशेष रूप से अनुच्छेद 131 proviso वाले पूर्व-संवैधानिक treaty/agreement disputes के संदर्भ की अनुमति देता है। Advisory opinion न्यायिक निर्णय की तरह राष्ट्रपति को बाध्य नहीं करती; उसका महत्व अत्यधिक persuasive और संवैधानिक मार्गदर्शक का होता है।

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