उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रस्ताव लोकसभा में कम-से-कम 100 सदस्यों या राज्यसभा में 50 सदस्यों के हस्ताक्षर से आरंभ हो सकता है। 2. संबंधित पीठासीन अधिकारी प्रस्ताव स्वीकार या अस्वीकार कर सकता है। 3. स्वीकार होने पर तीन-सदस्यीय जाँच समिति गठित की जाती है। 4. आरोप सिद्ध होने पर प्रत्येक सदन में विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित होना आवश्यक है। उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 7 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 8प्रश्न 7 / 50

विकल्प

Aकेवल दो
Bकेवल तीन
Cसभी चार
Dकेवल एक
सही उत्तर: C. सभी चार
सही उत्तर (c) है। Judges (Inquiry) Act, 1968 के तहत प्रारंभिक notice के लिए लोकसभा में 100 और राज्यसभा में 50 सदस्यों का समर्थन चाहिए। Speaker/Chairman प्रस्ताव स्वीकार या अस्वीकार कर सकते हैं। स्वीकार होने पर तीन-सदस्यीय जाँच समिति आरोपों की जाँच करती है। यदि समिति कदाचार या असमर्थता सिद्ध पाती है, तभी संसद में removal motion आगे बढ़ता है और दोनों सदनों में कुल सदस्य संख्या का बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वालों का कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत आवश्यक होता है।

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