99वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2014 और National Judicial Appointments Commission (NJAC) के संदर्भ में उच्चतम न्यायालय ने 2015 में क्या निर्णय दिया?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 4 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 8प्रश्न 4 / 50

विकल्प

ANJAC को वैध ठहराया और collegium समाप्त कर दिया।
B99वें संशोधन और NJAC Act को असंवैधानिक घोषित कर collegium व्यवस्था बहाल की।
Cकेवल विधि मंत्री को NJAC से हटाकर शेष व्यवस्था स्वीकार की।
Dमामला 11 न्यायाधीशों की पीठ को भेज दिया गया।
सही उत्तर: B. 99वें संशोधन और NJAC Act को असंवैधानिक घोषित कर collegium व्यवस्था बहाल की।
सही उत्तर (b) है। 2015 के Fourth Judges Case में पाँच-न्यायाधीशीय संविधान पीठ ने 4:1 बहुमत से 99वें संविधान संशोधन और NJAC Act को असंवैधानिक घोषित किया। मुख्य आधार न्यायपालिका की स्वतंत्रता और न्यायिक नियुक्तियों में संस्थागत स्वतंत्रता था, जिसे संविधान की मूल संरचना का हिस्सा माना गया। परिणामस्वरूप collegium व्यवस्था पुनर्जीवित हुई। यह निर्णय इस सिद्धांत को भी पुष्ट करता है कि संविधान संशोधन भी Basic Structure की न्यायिक समीक्षा से परे नहीं हैं।

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