उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित 'Judges Cases' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रथम Judges Case (1981) में 'consultation' को 'concurrence' के समान नहीं माना गया। 2. द्वितीय Judges Case (1993) में न्यायपालिका की प्रधानता स्थापित करते हुए collegium प्रणाली की नींव पड़ी। 3. तृतीय Judges Case (1998) में राष्ट्रपति के अनुच्छेद 143 संदर्भ पर न्यायालय ने Supreme Court नियुक्तियों के लिए collegium को CJI और चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों का समूह स्पष्ट किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 3 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 8प्रश्न 3 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3
सही उत्तर (d) है। First Judges Case में कार्यपालिका की भूमिका अपेक्षाकृत मजबूत मानी गई और consultation को concurrence नहीं माना गया। 1993 के Second Judges Case ने इस स्थिति को बदलते हुए न्यायिक नियुक्तियों में CJI की संस्थागत राय को प्रधानता दी और collegium व्यवस्था विकसित हुई। 1998 के Third Judges Case में राष्ट्रपति के संदर्भ पर इस संस्थागत परामर्श को विस्तृत किया गया और Supreme Court नियुक्तियों के लिए CJI + चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों वाली संरचना स्पष्ट हुई।

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