संसद में विपक्ष के नेता (Leader of the Opposition) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह संविधान में निर्मित एक संवैधानिक पद है। 2. संसदीय मान्यता की पुरानी प्रथा/स्पीकर की दिशाओं में एक-दशमांश सदस्यता का मानदंड महत्वपूर्ण रहा है, यद्यपि 1977 के मूल अधिनियम की परिभाषा स्वयं '10%' शब्द नहीं लिखती। 3. विपक्ष के नेता को 1977 के कानून द्वारा सांविधिक मान्यता और वेतन-भत्तों का ढाँचा प्राप्त हुआ। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 14 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 7प्रश्न 14 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: B. केवल 2 और 3
सही उत्तर (b) है। विपक्ष के नेता का पद संवैधानिक नहीं, सांविधिक रूप से मान्य पद है। Salary and Allowances of Leaders of Opposition in Parliament Act, 1977 की धारा 2 सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता को, पीठासीन अधिकारी की मान्यता के अधीन, LoP के रूप में परिभाषित करती है; इस अधिनियम के पाठ में 10% की शर्त स्पष्ट रूप से नहीं है। एक-दशमांश मानदंड ऐतिहासिक संसदीय दिशाओं/मान्यता-प्रथा से आया है। यह सूक्ष्म अंतर UPSC स्तर पर बहुत महत्वपूर्ण है।

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