लोकसभा अध्यक्ष की शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वह प्रमाणित करता है कि कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं। 2. संसद की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता सामान्यतः वही करता है। 3. लोकसभा की संसदीय समितियों के अध्यक्ष/सभापतियों की नियुक्ति में उसकी केंद्रीय भूमिका होती है। 4. जिन समितियों—जैसे कार्य मंत्रणा समिति और नियम समिति—का अध्यक्ष स्वयं पदेन सदस्य/अध्यक्ष है, वहाँ वह समिति की अध्यक्षता करता है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 10 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 7प्रश्न 10 / 50

विकल्प

Aकेवल 1, 2 और 3
Bकेवल 2, 3 और 4
Cकेवल 1 और 4
D1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर (d) है। धन विधेयक का प्रमाणीकरण लोकसभा अध्यक्ष की विशिष्ट शक्ति है और अनुच्छेद 110(3) इसे निर्णायक बनाता है। संयुक्त बैठक की अध्यक्षता भी सामान्यतः अध्यक्ष करते हैं। संसदीय समितियों की संरचना और अध्यक्षता में Speaker की प्रमुख संस्थागत भूमिका है; Business Advisory Committee, Rules Committee और General Purposes Committee जैसी समितियों में वह स्वयं पदेन अध्यक्ष होता है। इन शक्तियों के कारण अध्यक्ष केवल सदन का moderator नहीं, बल्कि संसदीय संस्था का प्रशासनिक केंद्र भी है।

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