विकल्प
Aअध्यादेश शक्ति पूरी तरह न्यायिक समीक्षा से बाहर है।
Bविधायिका के समक्ष रखे बिना बार-बार अध्यादेश को पुनःप्रख्यापित करना संवैधानिक शक्ति का दुरुपयोग और संविधान पर कपट है।
Cराष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह के बिना अध्यादेश जारी कर सकते हैं।
Dअध्यादेश की अधिकतम अवधि तीन वर्ष हो सकती है।
सही उत्तर: B. विधायिका के समक्ष रखे बिना बार-बार अध्यादेश को पुनःप्रख्यापित करना संवैधानिक शक्ति का दुरुपयोग और संविधान पर कपट है।
सही उत्तर (b) है। डी.सी. वाधवा मामले ने लगातार पुनःप्रख्यापन को संवैधानिक प्रक्रिया का दुरुपयोग माना, और कृष्ण कुमार सिंह मामले ने अध्यादेश की असाधारण प्रकृति तथा विधायी नियंत्रण पर जोर दिया। अध्यादेश नियमित कानून-निर्माण का विकल्प नहीं है। इसकी शक्ति न्यायिक समीक्षा के अधीन है और कार्यपालिका अध्यादेशों को बार-बार जारी करके विधायिका की भूमिका को निष्प्रभावी नहीं कर सकती।