राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति (अनुच्छेद 123) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति अध्यादेश तब जारी कर सकते हैं जब संसद के दोनों सदनों में से कम-से-कम एक सदन सत्र में न हो और तत्काल कार्रवाई आवश्यक हो। 2. अध्यादेश का प्रभाव संसद द्वारा बनाए गए अधिनियम के समान होता है। 3. संसद के पुनः समवेत होने के छह सप्ताह बाद अध्यादेश समाप्त हो जाता है, यदि उसे पहले निरस्त न किया जाए या विधायी रूप न दिया जाए। 4. अध्यादेश द्वारा संविधान में संशोधन किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 11 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 6प्रश्न 11 / 50

विकल्प

Aकेवल 1, 2 और 3
Bकेवल 2, 3 और 4
Cकेवल 1 और 4
D1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: A. केवल 1, 2 और 3
सही उत्तर (a) है। अनुच्छेद 123 अध्यादेश को अस्थायी विधायी साधन बनाता है, न कि संविधान संशोधन का विकल्प। राष्ट्रपति तभी अध्यादेश जारी कर सकते हैं जब दोनों सदन एक साथ सत्र में न हों और तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता हो। अध्यादेश संसद के कानून जैसी शक्ति रखता है, पर पुनःसमवेत संसद के छह सप्ताह बाद समाप्त हो जाता है। अनुच्छेद 368 की विशेष संशोधन प्रक्रिया को अध्यादेश से दरकिनार नहीं किया जा सकता।

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