राष्ट्रपति पर महाभियोग (Impeachment — अनुच्छेद 61) की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. महाभियोग का आरोप संसद के किसी भी सदन में शुरू किया जा सकता है। 2. प्रस्ताव पर उस सदन के कम-से-कम एक-चौथाई सदस्यों के हस्ताक्षर होने चाहिए और राष्ट्रपति को 14 दिन का नोटिस दिया जाना चाहिए। 3. प्रस्ताव को प्रत्येक सदन में उस सदन की कुल सदस्य संख्या के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से पारित होना आवश्यक है। 4. संसद के मनोनीत सदस्य महाभियोग की कार्यवाही में भाग ले सकते हैं, यद्यपि वे राष्ट्रपति के निर्वाचन में भाग नहीं लेते। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 6 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 6प्रश्न 6 / 50

विकल्प

Aकेवल 1, 2 और 3
Bकेवल 2, 3 और 4
Cकेवल 1 और 4
D1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर (d) है। अनुच्छेद 61 के तहत आरोप किसी भी सदन से शुरू हो सकता है। नोटिस पर कम-से-कम एक-चौथाई सदस्यों के हस्ताक्षर और 14 दिन की सूचना आवश्यक है। प्रत्येक सदन में कुल सदस्य संख्या के दो-तिहाई बहुमत की शर्त अत्यंत कठोर है। एक महत्वपूर्ण अंतर यह है कि मनोनीत सांसद राष्ट्रपति चुनाव में वोट नहीं देते, लेकिन महाभियोग में भाग ले सकते हैं; वहीं राज्य विधानसभाएँ राष्ट्रपति चुनाव में भाग लेती हैं पर महाभियोग में नहीं।

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