यदि सर्वोच्च न्यायालय किसी व्यक्ति के राष्ट्रपति के रूप में चुनाव को शून्य (Void) घोषित कर देता है, तो उसके द्वारा निर्णय की तारीख से पहले राष्ट्रपति के रूप में किए गए आधिकारिक कार्यों का क्या होगा?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 5 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 6प्रश्न 5 / 50

विकल्प

Aसभी कार्य प्रारंभ से ही अवैध और निष्प्रभावी हो जाते हैं।
Bनिर्णय की तारीख से पहले किए गए आधिकारिक कार्य वैध बने रहते हैं।
Cसंसद को उन सभी कार्यों की पुष्टि के लिए विशेष कानून पारित करना पड़ता है।
Dनया राष्ट्रपति प्रत्येक कार्य की अलग-अलग समीक्षा करता है।
सही उत्तर: B. निर्णय की तारीख से पहले किए गए आधिकारिक कार्य वैध बने रहते हैं।
सही उत्तर (b) है। अनुच्छेद 71(2) प्रशासनिक निरंतरता की रक्षा करता है। यदि बाद में राष्ट्रपति का चुनाव शून्य भी घोषित हो जाए, तब भी सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से पहले राष्ट्रपति पद की शक्तियों और कर्तव्यों के निर्वहन में किए गए कार्य केवल इस आधार पर अमान्य नहीं होते। इसका उद्देश्य शासन में कानूनी अनिश्चितता और व्यापक प्रशासनिक अव्यवस्था से बचना है।

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