संविधान के अनुच्छेद 360 के तहत 'वित्तीय आपातकाल' (Financial Emergency) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसकी घोषणा राष्ट्रपति तब कर सकते हैं जब भारत या उसके किसी हिस्से की वित्तीय स्थिरता या साख खतरे में हो। 2. संसद के दोनों सदनों द्वारा इसे 2 महीने के भीतर साधारण बहुमत से अनुमोदित किया जाना चाहिए। 3. एक बार अनुमोदित होने के बाद यह तब तक जारी रह सकता है जब तक इसे वापस न लिया जाए; हर छह महीने में पुनः अनुमोदन की आवश्यकता नहीं है। 4. वित्तीय आपातकाल के दौरान उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों सहित संघ/राज्य से वेतन पाने वाले व्यक्तियों के वेतन-भत्तों में कटौती संबंधी निर्देश दिए जा सकते हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 49 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 5प्रश्न 49 / 50

विकल्प

Aकेवल 1, 2 और 3
Bकेवल 2, 3 और 4
Cकेवल 1 और 4
D1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर (d) है। अनुच्छेद 360 का आधार भारत या उसके किसी भाग की वित्तीय स्थिरता अथवा credit पर खतरा है। उद्घोषणा को दो महीने में संसद की स्वीकृति चाहिए, लेकिन राष्ट्रीय आपातकाल की तरह प्रत्येक छह महीने नवीनीकरण नहीं चाहिए। इसके दौरान संघ राज्यों को वित्तीय औचित्य के सिद्धांतों का पालन करने के निर्देश दे सकता है और वेतन-भत्तों में कटौती संबंधी निर्देश भी संभव हैं, जिनमें उच्चतम और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश शामिल हो सकते हैं। भारत में अब तक वित्तीय आपातकाल लागू नहीं किया गया है।

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