विकल्प
Aराष्ट्रपति शासन लगाने की उद्घोषणा न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के अधीन है।
Bसंसद के अनुमोदन से पहले विधानसभा को भंग करने के बजाय सामान्यतः निलंबित स्थिति में रखा जाना चाहिए।
Cयदि न्यायालय राष्ट्रपति शासन को असंवैधानिक पाता है, तो वह बर्खास्त राज्य सरकार और विधानसभा को बहाल कर सकता है।
Dसत्तारूढ़ दल के बहुमत पर संदेह होने पर राज्यपाल बिना सदन में शक्ति-परीक्षण (Floor Test) कराए सीधे राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर सकता है।
सही उत्तर: D. सत्तारूढ़ दल के बहुमत पर संदेह होने पर राज्यपाल बिना सदन में शक्ति-परीक्षण (Floor Test) कराए सीधे राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर सकता है।
सही उत्तर (d) है। बोम्मई निर्णय का केंद्रीय सिद्धांत यह है कि बहुमत का परीक्षण राजभवन में राज्यपाल के निजी आकलन से नहीं, विधानसभा के पटल पर होना चाहिए। न्यायालय ने अनुच्छेद 356 की उद्घोषणा को न्यायिक समीक्षा के अधीन माना और असंवैधानिक उद्घोषणा होने पर सरकार/विधानसभा की बहाली की शक्ति स्वीकार की। इसलिए बिना floor test के केवल व्यक्तिपरक संदेह पर राष्ट्रपति शासन की सिफारिश बोम्मई सिद्धांत के विपरीत है।