संविधान के अनुच्छेद 275 और अनुच्छेद 282 के तहत दिए जाने वाले अनुदानों (Grants-in-Aid) के मध्य अंतर के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 28 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 5प्रश्न 28 / 50

विकल्प

Aअनुच्छेद 275 के अनुदान वैधानिक/संवैधानिक प्रकृति के हैं और वित्त आयोग की सिफारिशों से जुड़े होते हैं, जबकि अनुच्छेद 282 केंद्र या राज्य को किसी सार्वजनिक प्रयोजन हेतु विवेकाधीन अनुदान देने की शक्ति देता है।
Bअनुच्छेद 275 केवल केंद्रशासित प्रदेशों को दिया जाता है, जबकि अनुच्छेद 282 राज्यों को।
Cअनुच्छेद 282 वित्त आयोग की सिफारिश पर अनिवार्य रूप से दिया जाने वाला अनुदान है।
Dअनुच्छेद 275 योजना आयोग की सिफारिश पर दिया जाता था।
सही उत्तर: A. अनुच्छेद 275 के अनुदान वैधानिक/संवैधानिक प्रकृति के हैं और वित्त आयोग की सिफारिशों से जुड़े होते हैं, जबकि अनुच्छेद 282 केंद्र या राज्य को किसी सार्वजनिक प्रयोजन हेतु विवेकाधीन अनुदान देने की शक्ति देता है।
सही उत्तर (a) है। अनुच्छेद 275 के तहत संसद भारत की संचित निधि से राज्यों को grants-in-aid प्रदान कर सकती है; इनकी मात्रा और वितरण में वित्त आयोग महत्वपूर्ण संवैधानिक भूमिका निभाता है। अनुच्छेद 282 अधिक व्यापक और विवेकाधीन प्रकृति का है—संघ या राज्य किसी सार्वजनिक प्रयोजन के लिए अनुदान दे सकते हैं, भले वह विषय उनकी सामान्य विधायी सूची में न हो। यही वैधानिक और विवेकाधीन अनुदानों का मुख्य अंतर है।

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