संविधान सभा में भारत के लिए अध्यक्षीय प्रणाली के स्थान पर संसदीय प्रणाली को अपनाने के प्रमुख कारणों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल थे? 1. ब्रिटिश शासन के दौरान इस व्यवस्था से भारतीयों की पूर्व-परिचितता। 2. स्थायित्व की तुलना में उत्तरदायित्व को अधिक प्राथमिकता देना। 3. विधायिका और कार्यपालिका के बीच टकराव से बचने की आवश्यकता। 4. भारतीय समाज की विषम और बहुलवादी प्रकृति। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 4 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 5प्रश्न 4 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 1, 2 और 3
Cकेवल 2, 3 और 4
D1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर (d) है। संविधान निर्माताओं ने संसदीय शासन को इसलिए प्राथमिकता दी क्योंकि भारत इस व्यवस्था से पहले से परिचित था और वे 'स्थायित्व' से अधिक 'उत्तरदायित्व' को महत्व देते थे। संसदीय प्रणाली कार्यपालिका और विधायिका के बीच संस्थागत समन्वय बनाए रखती है, जिससे टकराव की संभावना अपेक्षाकृत कम होती है। बहुलवादी भारतीय समाज में विविध समूहों को मंत्रिपरिषद और संसद के माध्यम से प्रतिनिधित्व देने की क्षमता भी इसे उपयुक्त बनाती है।

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