42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा अनुच्छेद 368 में खंड (4) और (5) जोड़कर संसद की संशोधन शक्ति को असीमित बनाने का प्रयास किया गया था। उच्चतम न्यायालय ने किस मामले में इन उपबंधों को असंवैधानिक घोषित कर रद्द किया?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 47 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 4प्रश्न 47 / 50

विकल्प

Aइंदिरा नेहरू गांधी मामला (1975)
Bमिनर्वा मिल्स मामला (1980)
Cमेनका गांधी मामला (1978)
Dवामन राव मामला (1981)
सही उत्तर: B. मिनर्वा मिल्स मामला (1980)
मिनर्वा मिल्स मामले (1980) में न्यायालय ने अनुच्छेद 368(4) और (5) को अमान्य कर दिया क्योंकि संसद की सीमित संशोधन शक्ति स्वयं मूल ढांचे का अंग है; संसद अपनी सीमित शक्ति का प्रयोग कर उसे असीमित नहीं बना सकती।

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