केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य मामला (1973) के ऐतिहासिक निर्णय के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह निर्णय 13 न्यायाधीशों की अब तक की सबसे बड़ी संविधान पीठ द्वारा 7:6 के बहुमत से सुनाया गया था। 2. इसने 24वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1971 की वैधता को बरकरार रखा। 3. इसने 'मूल संरचना' (Basic Structure) के सिद्धांत का प्रतिपादन किया और कहा कि संसद संविधान के आधारभूत ढांचे को विकृत नहीं कर सकती। 4. इस निर्णय की तिथि (24 अप्रैल 1973) नौवीं अनुसूची के कानूनों की न्यायिक समीक्षा के लिए कट-ऑफ तिथि बन गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 46 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 4प्रश्न 46 / 50

विकल्प

Aकेवल 1, 2 और 3
Bकेवल 2, 3 और 4
Cकेवल 1 और 4
D1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: D. 1, 2, 3 और 4
चारों कथन पूर्णतः सही हैं। 24 अप्रैल 1973 को आए इस निर्णय ने भारतीय संविधान की सर्वोच्चता और संतुलन को सदा के लिए सुनिश्चित किया।

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