विकल्प
Aमूल अधिकारों को 'अलौकिक और अपरिवर्तनीय' (Transcendental and immutable) स्थान प्राप्त है, अतः संसद मौलिक अधिकारों को छीन या कम नहीं कर सकती।
Bसंसद संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन करने के लिए स्वतंत्र है।
Cनीति निदेशक तत्व मूल अधिकारों से सर्वोच्च हैं।
Dसंविधान संशोधन न्यायिक समीक्षा के दायरे से पूरी तरह बाहर है।
सही उत्तर: A. मूल अधिकारों को 'अलौकिक और अपरिवर्तनीय' (Transcendental and immutable) स्थान प्राप्त है, अतः संसद मौलिक अधिकारों को छीन या कम नहीं कर सकती।
गोलकनाथ मामले (1967) में 11 न्यायाधीशों की पीठ ने 6:5 के बहुमत से निर्णय दिया कि मौलिक अधिकार अप्रतिरोध्य हैं और संसद अनुच्छेद 368 का प्रयोग करके किसी भी मूल अधिकार को न तो समाप्त कर सकती है और न ही सीमित।