'प्रतिषेध' (Prohibition) और 'उत्प्रेषण' (Certiorari) रिटों के मध्य मुख्य अंतर क्या है?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 39 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 3प्रश्न 39 / 50

विकल्प

Aप्रतिषेध केवल निवारक (Preventive) है जो कार्यवाही के दौरान जारी की जाती है, जबकि उत्प्रेषण निवारक और उपचारात्मक (Curative) दोनों है जो निर्णय के बाद भी जारी की जा सकती है।
Bप्रतिषेध केवल कार्यपालिका के खिलाफ जारी होती है, जबकि उत्प्रेषण न्यायपालिका के खिलाफ।
Cप्रतिषेध उच्च न्यायालय जारी करता है, जबकि उत्प्रेषण केवल उच्चतम न्यायालय जारी कर सकता है।
Dप्रतिषेध निजी निकायों के विरुद्ध जारी की जा सकती है, जबकि उत्प्रेषण नहीं।
सही उत्तर: A. प्रतिषेध केवल निवारक (Preventive) है जो कार्यवाही के दौरान जारी की जाती है, जबकि उत्प्रेषण निवारक और उपचारात्मक (Curative) दोनों है जो निर्णय के बाद भी जारी की जा सकती है।
प्रतिषेध तब जारी होता है जब निचली अदालत अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर काम कर रही हो (रोकने के लिए)। उत्प्रेषण अधिकार क्षेत्र की त्रुटि या प्राकृतिक न्याय के उल्लंघन पर निर्णय को रद्द करने (उपचार) हेतु भी जारी होता है।

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