LIVEUPSC CSE 2027 & BPSC • नोट्स • समसामयिकी • PYQ • Tests

भारत के राष्ट्रपति और राज्यपाल को संविधान के अनुच्छेद 361 के तहत प्राप्त व्यक्तिगत उन्मुक्तियों ( Personal Immunities) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वे अपने पद की शक्तियों और कर्तव्यों के प्रयोग में किए गए किसी कार्य के लिए किसी भी न्यायालय के प्रति उत्तरदायी नहीं हैं। 2. उनके कार्यकाल के दौरान उनके विरुद्ध किसी भी न्यायालय में कोई आपराधिक कार्यवाही ( Criminal proceedings) शुरू नहीं की जा सकती और न ही जारी रखी जा सकती है। 3. उनके कार्यकाल के दौरान उनकी गिरफ्तारी या कारावास के लिए किसी न्यायालय से कोई वारंट जारी नहीं किया जा सकता। 4. उनके द्वारा व्यक्तिगत हैसियत से किए गए कार्यों के लिए 2 महीने की पूर्व लिखित सूचना दिए बिना कोई दीवानी मुकदमा दायर नहीं किया जा सकता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 47 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 18प्रश्न 47 / 50

विकल्प

Aकेवल 1, 2 और 3
Bकेवल 2, 3 और 4
Cकेवल 1 और 4
D1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: D. 1, 2, 3 और 4
चारों कथन सही हैं। अनुच्छेद 361 राष्ट्रपति और राज्यपाल को आपराधिक मामलों में पूर्ण उन्मुक्ति तथा दीवानी मामलों में 2 महीने के नोटिस की शर्त के साथ संरक्षण प्रदान करता है।

इसी प्रश्न को अभ्यास मोड में खोलें