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उच्चतम न्यायालय में उपचारात्मक याचिका ( Curative Petition) की अवधारणा के उद्भव और नियमों के संदर्भ में रूपा अशोक हुर्रा बनाम अशोक हुर्रा (2002) मामले में क्या सिद्धांत तय किए गए? 1. पुनर्विचार याचिका ( Review Petition) खारिज होने के बाद भी अन्याय के निवारण और प्रक्रिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए उपचारात्मक याचिका दायर की जा सकती है। 2. यह याचिका केवल अत्यंत दुर्लभ मामलों में स्वीकार की जाती है, जैसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का घोर उल्लंघन हुआ हो या न्यायाधीश का व्यक्तिगत हित ( Bias) रहा हो। 3. याचिका पर विचार करने से पहले उच्चतम न्यायालय के तीन वरिष्ठतम न्यायाधीशों और उस पीठ के न्यायाधीशों (यदि उपलब्ध हों) द्वारा इसका परीक्षण किया जाना अनिवार्य है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 43 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 18प्रश्न 43 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3
तीनों कथन सही हैं। 2002 में रूपा हुर्रा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपने ही अंतिम फैसले के खिलाफ उपचारात्मक याचिका का नवाचार किया, जो न्याय की विफलता रोकने का अंतिम कानूनी उपाय है।

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