LIVEUPSC CSE 2027 & BPSC • नोट्स • समसामयिकी • PYQ • Tests

ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 के प्रमुख प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ग्राम न्यायालयों की स्थापना ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को उनके द्वार पर सस्ता और त्वरित न्याय प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। 2. ग्राम न्यायालय की अध्यक्षता एक न्यायाधिकारी द्वारा की जाती है जो प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट ( Judicial Magistrate of the First Class) के समकक्ष होता है। 3. ग्राम न्यायालय एक मोबाइल कोर्ट (Mobile Court) के रूप में कार्य करता है और यह दीवानी और आपराधिक दोनों प्रकार के विवादों की सुनवाई कर सकता है। 4. ग्राम न्यायालय भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 के कड़े नियमों से बंधा होता है और वह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं कर सकता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 48 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 17प्रश्न 48 / 50

विकल्प

Aकेवल 1, 2 और 3
Bकेवल 2, 3 और 4
Cकेवल 1 और 4
D1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: A. केवल 1, 2 और 3
कथन 1, 2 और 3 सही हैं; कथन 4 गलत है। Gram Nyayalayas Act, 2008 का Section 30 ग्राम न्यायालय को ऐसे साक्ष्य प्राप्त करने की अनुमति देता है जिसे वह विवाद के प्रभावी निपटारे में सहायक समझे, भले वह सामान्य Evidence Act के तहत अन्यथा प्रासंगिक/ग्राह्य न हो। इसलिए इसे पुराने कठोर साक्ष्य नियमों से पूर्णतः बँधा हुआ नहीं माना जाता।

इसी प्रश्न को अभ्यास मोड में खोलें