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99वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2014 और राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग ( NJAC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस संशोधन द्वारा उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम प्रणाली को समाप्त कर NJAC का गठन किया गया था। 2. सुप्रीम कोर्ट एडवोके ट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन बनाम भारत संघ (2015) मामले में सर्वोच्च न्यायालय की 5-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 99वें संशोधन और NJAC अधिनियम दोनों को असंवैधानिक घोषित कर दिया। 3. न्यायालय ने माना कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता (Independence of Judiciary) संविधान का मूल ढांचा है और NJAC की संरचना इस स्वतंत्रता का उल्लंघन करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 7 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 16प्रश्न 7 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3
तीनों कथन सही हैं। अक्टूबर 2015 में 4:1 के बहुमत से संविधान पीठ ने 99वें संशोधन को न्यायपालिका की स्वतंत्रता (जो मूल ढांचा है) पर आघात मानते हुए रद्द कर दिया और कॉलेजियम प्रणाली को पुनः बहाल किया।

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