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103वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 के संवैधानिक पहलुओं पर जनहित अभियान बनाम भारत संघ (2022) मामले में उच्चतम न्यायालय की 5-न्यायाधीशों की संविधान पीठ के निर्णय के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सर्वोच्च न्यायालय ने 3:2 के बहुमत से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों ( EWS) के लिए 10% आरक्षण की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा। 2. न्यायालय ने माना कि केवल आर्थिक आधार पर दिया गया आरक्षण संविधान के मूल ढांचे ( Basic Structure) का उल्लंघन नहीं करता है। 3. न्यायालय ने माना कि EWS आरक्षण से SC, ST और OBC को बाहर रखना गैर-संवैधानिक और मनमाना भेदभाव है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 3 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 16प्रश्न 3 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: A. केवल 1 और 2
कथन 3 गलत है क्योंकि बहुमत के निर्णय ने यह माना कि , SC ST OBC और पहले से ही अनुच्छेद 15(4), 15(5) और 16(4) के तहत आरक्षण का लाभ ले रहे हैं, अतः उन्हें EWS कोटे से अलग रखना तर्क संगत वर्गीकरण है और मूल ढांचे का उल्लंघन नहीं है। कथन 1 और 2 सही हैं।

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