1.5.4.3 रूपांतरित सीमा
जहाँ दो विवर्तनिक प्लेटें एक-दूसरे से न तो दूर जाती हैं और न सीधे टकराती हैं, बल्कि एक-दूसरे के समानांतर विपरीत दिशाओं में खिसकती हैं, वहाँ रूपांतरित सीमा (Transform Boundary) बनती है।
इस सीमा पर सामान्यतः न नई पर्पटी का निर्माण होता है और न पुरानी पर्पटी का बड़े पैमाने पर विनाश। इसलिए इसे संरक्षणात्मक प्लेट सीमा (Conservative Plate Boundary) भी कहा जाता है।
मूल प्रक्रिया
दो प्लेटों के बीच क्षैतिज खिसकाव होता है।
घर्षण के कारण दोनों प्लेटें कुछ समय तक अटक सकती हैं।
तनाव बढ़ता रहता है।
जब शैलें अचानक खिसकती हैं तो ऊर्जा भूकंप के रूप में मुक्त होती है।
इसी कारण रूपांतरित सीमाएँ शक्तिशाली उथले भूकंपों से जुड़ी हो सकती हैं।
रूपांतर भ्रंश
रूपांतरित सीमा पर विकसित प्रमुख संरचना रूपांतर भ्रंश (Transform Fault) है।
यह सामान्य भ्रंश और उत्क्रम भ्रंश से अलग है क्योंकि इसमें मुख्य विस्थापन क्षैतिज होता है।
ऐसे भ्रंशों में गति—
- दाएँ-पार्श्व,
- बाएँ-पार्श्व
हो सकती है।
दाएँ-पार्श्व गति
यदि भ्रंश के दूसरी ओर का भूखंड दाईं ओर जाता दिखाई दे।
बाएँ-पार्श्व गति
यदि दूसरी ओर का भूखंड बाईं ओर जाता दिखाई दे।
मध्य-महासागरीय कटक पर रूपांतर भ्रंश
मध्य-महासागरीय कटक सीधे और निरंतर नहीं होते।
उनके अलग-अलग खंडों को रूपांतर भ्रंश जोड़ते हैं।
इस व्यवस्था को स्पष्ट करने में तुजो विल्सन का महत्वपूर्ण योगदान था।
रूपांतर भ्रंश ने प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत को यह समझाने में मदद की कि कटक खंड एक-दूसरे से विस्थापित क्यों दिखाई देते हैं।
भ्रंश क्षेत्र और रूपांतर भ्रंश में अंतर
महासागर तल पर सक्रिय रूपांतर भ्रंश केवल उन दो कटक खंडों के बीच सक्रिय होता है जहाँ प्लेटें विपरीत दिशा में खिसकती हैं।
उसके आगे का पुराना निशान भ्रंश क्षेत्र (Fracture Zone) कहलाता है।
भ्रंश क्षेत्र में वर्तमान सक्रिय पार्श्विक गति आवश्यक नहीं होती।
परीक्षा-फँद
हर भ्रंश क्षेत्र सक्रिय रूपांतर सीमा नहीं है।
सैन एंड्रियास भ्रंश
कैलिफोर्निया का सैन एंड्रियास भ्रंश विश्व का प्रसिद्ध महाद्वीपीय रूपांतरित सीमा उदाहरण है।
यह प्रशांत प्लेट और उत्तर अमेरिकी प्लेट के बीच दाएँ-पार्श्व खिसकाव से जुड़ा है।
यह क्षेत्र बार-बार भूकंपों के लिए प्रसिद्ध है।
मृत सागर रूपांतर
अफ्रीकी और अरब प्लेटों के बीच पार्श्विक गति से जुड़ा मृत सागर रूपांतर भ्रंश भी महत्वपूर्ण उदाहरण है।
न्यूज़ीलैंड
दक्षिणी आल्प्स क्षेत्र में प्रशांत और ऑस्ट्रेलियाई प्लेटों के बीच अल्पाइन भ्रंश प्रमुख पार्श्विक सीमा है।
यहाँ रूपांतरित गति के साथ संपीड़न भी जुड़ा है।
इससे पता चलता है कि वास्तविक प्लेट सीमाएँ हमेशा आदर्श प्रकार में सीमित नहीं होतीं।
रूपांतर सीमा और भूकंप
रूपांतर सीमाओं पर भूकंप सामान्यतः—
- उथले,
- भ्रंशीय,
- क्षैतिज विस्थापन प्रधान
होते हैं।
यहाँ सबडक्शन जैसी गहरी भूकंप पट्टी नहीं बनती।
ज्वालामुखिता
रूपांतरित सीमा पर सामान्यतः ज्वालामुखिता प्रमुख नहीं होती क्योंकि—
- न बड़े पैमाने पर दाबमुक्त पिघलाव होता है,
- न सामान्य सबडक्शन-जनित जल प्रवाह।
इसलिए—
रूपांतर सीमा = भूकंप अधिक, ज्वालामुखिता सामान्यतः कम।
2025 म्यांमार भूकंप — आधुनिक उदाहरण
28 मार्च 2025 को म्यांमार में M7.7 मंडले भूकंप सागाइंग भ्रंश पर आया।
यह एक उथला दाएँ-पार्श्व स्ट्राइक-स्लिप भूकंप था।
2026 में प्रकाशित अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण अध्ययन के अनुसार—
- सतही भ्रंश लगभग 475 किमी तक फटा,
- औसत सतही खिसकाव लगभग 3.3 मीटर,
- अधिकतम लगभग 5.6 मीटर,
- कुछ हिस्सों में भ्रंश-प्रसार गति कतरनी तरंगों की गति से अधिक रही।
इसे अतिशीघ्र भ्रंश-प्रसार (Supershear Rupture) का महत्वपूर्ण उदाहरण माना गया।
सागाइंग भ्रंश भारतीय प्लेट के पूर्वी क्षेत्र, बर्मा सूक्ष्म-प्लेट और सुंडा क्षेत्र की जटिल पार्श्विक विवर्तनिकी से जुड़ा है।
परीक्षा-योग्य संबंध
यह घटना दिखाती है कि पार्श्विक भ्रंश भी बहुत लंबा सतही विच्छेद और विनाशकारी भूकंप उत्पन्न कर सकते हैं।
रूपांतर सीमाओं पर स्थलरूप
दीर्घकालीन पार्श्विक गति से—
- सीधी घाटियाँ,
- विस्थापित नदी-धाराएँ,
- सैग ताल,
- भ्रंश रेखीय अवनमन,
- दाब-पर्वत
बन सकते हैं।
भारत के संदर्भ में
भारत के मुख्य भूभाग में सैन एंड्रियास जैसी प्रमुख प्लेट-सीमा रूपांतर रेखा नहीं है।
लेकिन—
- हिमालय,
- उत्तर-पूर्व,
- अंडमान क्षेत्र,
- भारतीय महासागर
में अनेक स्ट्राइक-स्लिप भ्रंश और पार्श्विक विकृति क्षेत्र सक्रिय हैं।
इसलिए “रूपांतर भ्रंश” और “हर स्ट्राइक-स्लिप भ्रंश” को पूर्णतः समान मानना उचित नहीं है।
महत्वपूर्ण भेद
रूपांतर भ्रंश प्लेट सीमा का विशेष प्रकार है।
स्ट्राइक-स्लिप भ्रंश प्लेट के भीतर भी हो सकता है।
सत्यापित संघ लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न
रूपांतरित सीमा को सीधे नाम लेकर पूछने वाला स्पष्ट हालिया प्रत्यक्ष प्रश्न सत्यापित नहीं मिला।
सत्यापित संघ लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा प्रश्न
भूगोल वैकल्पिक, 2019
विभिन्न प्रकार की प्लेट सीमाओं की तुलना करने वाला प्रश्न रूपांतरित सीमा पर प्रत्यक्ष लागू होता है।
सत्यापित बिहार लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न
69वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा, 2023 में प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत प्रत्यक्ष पूछा गया, लेकिन रूपांतरित सीमा पर अलग सत्यापित प्रश्न नहीं मिला।
सत्यापित बिहार लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा प्रश्न
प्रत्यक्ष सत्यापित प्रश्न नहीं मिला।
प्रारंभिक परीक्षा के अंतिम तथ्य
रूपांतरित सीमा पर प्लेटें समानांतर खिसकती हैं।
नई पर्पटी नहीं बनती।
सामान्यतः पर्पटी का बड़े पैमाने पर विनाश नहीं होता।
भूकंप उथले होते हैं।
ज्वालामुखिता सामान्यतः प्रमुख नहीं।
सैन एंड्रियास प्रसिद्ध उदाहरण।
तुजो विल्सन ने रूपांतर भ्रंश अवधारणा विकसित की।
निष्कर्ष
रूपांतरित सीमाएँ पृथ्वी की प्लेट गतिशीलता की क्षैतिज कतरनी पट्टियाँ हैं। ये पर्पटी का निर्माण या विनाश नहीं करतीं, लेकिन घर्षण और तनाव संचय के कारण अत्यंत विनाशकारी उथले भूकंप उत्पन्न कर सकती हैं।