1.5.4 प्लेट सीमाएँ
जहाँ दो विवर्तनिक प्लेटें एक-दूसरे से मिलती, अलग होती या समानांतर खिसकती हैं, उन क्षेत्रों को प्लेट सीमाएँ (Plate Boundaries) कहा जाता है।
पृथ्वी की अधिकांश सक्रिय—
- भूकंपीयता,
- ज्वालामुखिता,
- पर्वतनिर्माण,
- महासागरीय गर्त,
- मध्य-महासागरीय कटक
प्लेट सीमाओं के आसपास केंद्रित हैं।
तीन मुख्य प्रकार
1. अपसारी सीमा
दो प्लेटें एक-दूसरे से दूर जाती हैं।
नई पर्पटी बनती है।
इसे रचनात्मक सीमा (Constructive Boundary) भी कहते हैं।
उदाहरण—
- मध्य-अटलांटिक कटक,
- पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट।
2. अभिसारी सीमा
दो प्लेटें एक-दूसरे की ओर आती हैं।
एक प्लेट सबडक्ट हो सकती है अथवा दो महाद्वीप टकरा सकते हैं।
इसे विनाशात्मक सीमा (Destructive Boundary) भी कहा जाता है, विशेषकर जहाँ महासागरीय पर्पटी सबडक्शन में नष्ट होती है।
उदाहरण—
- एंडीज,
- जापान,
- हिमालय।
3. रूपांतरित सीमा
दो प्लेटें एक-दूसरे के समानांतर विपरीत दिशाओं में खिसकती हैं।
यहाँ न नई पर्पटी बनती है, न सामान्यतः पर्पटी का बड़े पैमाने पर विनाश होता है।
इसे संरक्षणात्मक सीमा (Conservative Boundary) कहा जाता है।
उदाहरण—
सैन एंड्रियास भ्रंश।
सीमाओं की तुलना
| सीमा | प्लेट गति | पर्पटी | प्रमुख स्थलरूप | भूकंप | ज्वालामुखिता |
|---|---|---|---|---|---|
| अपसारी | दूर | नई बनती | कटक/रिफ्ट | उथले | सामान्य |
| अभिसारी | पास | नष्ट/मोटी | गर्त/चाप/पर्वत | उथले से गहरे | सामान्य, पर महाद्वीप-टक्कर में कम |
| रूपांतरित | समानांतर | न निर्माण न विनाश | भ्रंश | उथले | सामान्यतः नहीं |
प्लेट सीमा हमेशा पतली रेखा नहीं
मानचित्र में प्लेट सीमाएँ पतली रेखाओं से दिखाई जाती हैं।
वास्तविक पृथ्वी में सीमा कई सौ किलोमीटर चौड़ी विकृति-पट्टी हो सकती है।
विशेष रूप से महाद्वीपीय टक्कर क्षेत्रों में विकृति व्यापक क्षेत्र में फैली होती है।
भूकंप वितरण
लगभग सभी बड़े भूकंप प्लेट सीमाओं से जुड़े होते हैं।
लेकिन कुछ भूकंप प्लेट के आंतरिक भाग में भी होते हैं।
इन्हें अंतःप्लेट भूकंप (Intraplate Earthquakes) कहा जाता है।
भारत में लातूर और कच्छ जैसे उदाहरण प्लेट के आंतरिक भाग की सक्रियता दर्शाते हैं।
ज्वालामुखिता
अधिकांश सक्रिय ज्वालामुखी—
- अपसारी सीमाओं,
- सबडक्शन अभिसारी सीमाओं
से जुड़े हैं।
हॉटस्पॉट ज्वालामुखिता प्लेट सीमा के भीतर भी हो सकती है।
इसलिए “सभी ज्वालामुखी प्लेट सीमा पर होते हैं” गलत है।
त्रि-संगम
जहाँ तीन प्लेट सीमाएँ मिलती हैं उसे त्रि-संगम (Triple Junction) कहते हैं।
यह तीन कटक, कटक–भ्रंश, गर्त आदि के संयोजन से बन सकता है।
अफार क्षेत्र इसका प्रसिद्ध उदाहरण है।
भारत से संबंधित प्लेट सीमाएँ
हिमालय
भारतीय और यूरेशियाई प्लेट की अभिसारी महाद्वीपीय टक्कर सीमा।
अंडमान–निकोबार
भारतीय महासागरीय स्थलमंडल का सुंडा/बर्मा प्रणाली के नीचे सबडक्शन।
कार्ल्सबर्ग कटक
हिंद महासागर का अपसारी कटक।
मध्य भारतीय महासागर
यहाँ प्लेट के आंतरिक विकृति क्षेत्र महत्वपूर्ण हैं और कठोर प्लेट की सरल अवधारणा को चुनौती देते हैं।
2025–2026 समसामयिक अद्यतन
2025 में तिब्बत के नीचे भारतीय प्लेट की जटिल फटने वाली संरचना पर अध्ययन ने दिखाया कि महाद्वीप–महाद्वीप सीमा गहराई में एक साधारण सतह नहीं है।
2026 में दक्षिण-पूर्वी हिंद महासागर कटक पर वास्तविक अपसारी घटना का प्रत्यक्ष मापन किया गया।
दोनों अध्ययन दिखाते हैं कि अलग-अलग सीमा प्रकारों को आज आधुनिक भू-मापन से वास्तविक समय और 3-आयामी रूप में समझा जा रहा है।
सत्यापित संघ लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न
विभिन्न सीमा प्रकारों की सूची पर प्रत्यक्ष हालिया प्रारंभिक प्रश्न का स्पष्ट सत्यापन नहीं मिला।
सत्यापित संघ लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा प्रश्न
भूगोल वैकल्पिक, 2019
प्रश्न:
विभिन्न प्रकार की प्लेट सीमाओं की तुलना कीजिए।
यह इस विषय का प्रत्यक्ष प्रश्न है।
भूगोल वैकल्पिक, 2014
प्लेट विवर्तनिकी द्वारा हिमालय और अपालेशियन पर्वतों की उत्पत्ति समझाने को कहा गया।
सत्यापित बिहार लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न
69वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा, 2023 में प्लेट विवर्तनिकी और नई पर्पटी निर्माण की अवधारणाएँ प्रत्यक्ष पूछी गईं।
सीमा प्रकारों को एक साथ मिलाने वाला स्पष्ट प्रत्यक्ष प्रश्न विश्वसनीय रूप से सत्यापित नहीं मिला।
सत्यापित बिहार लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा प्रश्न
प्रत्यक्ष सत्यापित प्रश्न नहीं मिला।
प्रारंभिक परीक्षा के अंतिम तथ्य
अपसारी = नई पर्पटी।
अभिसारी = सबडक्शन/टक्कर।
रूपांतरित = समानांतर खिसकाव।
अपसारी भूकंप उथले।
सबडक्शन में गहरे भूकंप संभव।
हिमालय = अभिसारी सीमा।
सैन एंड्रियास = रूपांतरित सीमा।
निष्कर्ष
प्लेट सीमाएँ पृथ्वी की सतह के सबसे सक्रिय भूगतिशील क्षेत्र हैं। पृथ्वी की नई पर्पटी का निर्माण, पुरानी पर्पटी का पुनर्चक्रण, पर्वतनिर्माण और अधिकांश भूकंप–ज्वालामुखिता इन्हीं सीमाओं से जुड़ी है।