1.5.3.3 मैंटल संवहन

पृथ्वी के मैंटल में ताप और घनत्व के अंतर के कारण बहुत धीमी दीर्घकालीन पदार्थ-गति को मैंटल संवहन (Mantle Convection) कहा जाता है।

मैंटल ठोस है, लेकिन करोड़ों वर्षों के समयमान पर उच्च ताप और दबाव के कारण वह श्यान पदार्थ की तरह धीरे-धीरे प्रवाहित कर सकता है।

ऊष्मा का स्रोत

मैंटल संवहन को ऊर्जा मिलती है—

से।

संवहन का सरल सिद्धांत

गर्म पदार्थ का घनत्व अपेक्षाकृत कम होता है और वह ऊपर उठने की प्रवृत्ति रखता है।

ठंडा पदार्थ अधिक घना होकर नीचे जाने की प्रवृत्ति रखता है।

लेकिन वास्तविक मैंटल संवहन स्कूल-चित्रों जैसे नियमित गोलाकार कोशिकाओं तक सीमित नहीं है।

ऊपर उठता प्रवाह

जहाँ गर्म मैंटल ऊपर आता है, वहाँ—

नीचे जाता प्रवाह

सबडक्शन में ठंडी महासागरीय स्थलमंडल गहरे मैंटल में जाती है।

यह पृथ्वी की सबसे शक्तिशाली ठंडी नीचे जाती धाराओं में से है।

प्लेटें स्वयं संवहन का भाग

आधुनिक विज्ञान में प्लेट और मैंटल को पूर्णतः अलग प्रणालियाँ नहीं माना जाता।

ठंडी प्लेट का सबडक्शन स्वयं संवहन चलाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

इसलिए यह कहना कि—

“मैंटल संवहन प्लेटों को ऊपर से केवल खींचता है”

अत्यधिक सरल है।

आर्थर होम्स का योगदान

ब्रिटिश भूवैज्ञानिक आर्थर होम्स ने 1920–30 के दशक में मैंटल में तापीय संवहन को महाद्वीपीय गति का संभावित यांत्रिक कारण बताया।

यह वेगेनर के सिद्धांत की यांत्रिक कमजोरी दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण विचार था।

ऊपरी और पूर्ण मैंटल संवहन

ऐतिहासिक रूप से बहस रही कि संवहन केवल ऊपरी मैंटल तक सीमित है या पूरे मैंटल में होता है।

भूकंपीय टोमोग्राफी से कई सबडक्टिंग स्लैब गहरे निचले मैंटल तक जाती दिखाई देती हैं।

इसलिए आधुनिक मॉडल व्यापक पूरे-मैंटल संवहन को महत्वपूर्ण मानते हैं, यद्यपि 660 किमी संक्रमण क्षेत्र प्रवाह को प्रभावित कर सकता है।

प्लूम और संवहन

कुछ गर्म उर्ध्वगामी संरचनाओं को मैंटल प्लूम (Mantle Plume) कहा जाता है।

इनका संबंध—

से जोड़ा जाता है।

सभी हॉटस्पॉट के लिए समान गहरे प्लूम मॉडल पर पूर्ण सहमति नहीं है।

मैंटल संवहन और मध्य-महासागरीय कटक

कटक पर प्लेट अलग होती है।

इसके नीचे गर्म मैंटल ऊपर उठता है।

दाबमुक्त पिघलाव से बेसाल्टिक मैग्मा बनता है।

लेकिन कटक का स्थान केवल किसी स्वतंत्र “गर्म संवहन धारा” द्वारा तय नहीं होता; प्लेट खिंचाव और गहरी गतिशीलता परस्पर जुड़े हैं।

मैंटल संवहन और सबडक्शन

ठंडी स्लैब का नीचे डूबना नकारात्मक उछाल से प्रेरित होता है।

यह आसपास के मैंटल प्रवाह को खींचता है।

कई आधुनिक मॉडल में यह संवहन की प्रमुख प्रेरक प्रक्रिया है।

भारतीय प्लेट और मैंटल प्रवाह

2024 के वैश्विक भूगतिशील मॉडल ने भारत के नीचे एक बड़े पैमाने के उत्तरगामी ऊपरी-मैंटल प्रवाह का प्रस्ताव किया।

मॉडल में यह प्रवाह भारतीय क्रेटोनिक जड़ को धकेलकर भारत–एशिया अभिसरण में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

2025 की नई व्याख्या

2025 के अधिक उच्च-रिज़ॉल्यूशन मॉडल ने वही समस्या प्लेट के अंदर दर्ज तनाव को अतिरिक्त सीमा-शर्त बनाकर पुनः जाँची।

इस अध्ययन ने पाया कि सुमात्रा–जावा स्लैब पुल प्रमुख चालक है और आधारभूत मैंटल खिंचाव गौण भूमिका निभाता है।

परीक्षा में संतुलित उत्तर

मैंटल संवहन प्लेट गतिशीलता की मूल गहरी प्रणाली है, लेकिन किसी विशेष प्लेट की सतही गति को केवल आधारभूत संवहन से नहीं समझाया जा सकता। स्लैब पुल और सीमा बल भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

भूकंपीय टोमोग्राफी

भूकंपीय तरंगों के वेग में क्षेत्रीय अंतर से पृथ्वी के भीतर 3-आयामी संरचना बनाई जाती है।

इसे भूकंपीय टोमोग्राफी (Seismic Tomography) कहते हैं।

सामान्यतः—

का संकेत दे सकता है।

इसी से डूबती स्लैब और गर्म मैंटल संरचनाओं का अध्ययन होता है।

सत्यापित संघ लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न

मैंटल संवहन को सीधे पूछने वाला प्रत्यक्ष हालिया प्रश्न स्पष्ट रूप से सत्यापित नहीं मिला।

सत्यापित संघ लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा प्रश्न

प्लेट विवर्तनिकी और महाद्वीपीय गति से जुड़े भूगोल वैकल्पिक प्रश्नों में मैंटल संवहन की भूमिका उत्तर का आवश्यक भाग रही है, पर इस सूक्ष्म शीर्षक पर अलग प्रत्यक्ष प्रश्न का विश्वसनीय मिलान नहीं मिला।

सत्यापित बिहार लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न

प्रत्यक्ष सत्यापित प्रश्न नहीं मिला।

सत्यापित बिहार लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा प्रश्न

प्रत्यक्ष सत्यापित प्रश्न नहीं मिला।

प्रारंभिक परीक्षा के अंतिम तथ्य

मैंटल मुख्यतः ठोस है।

भूवैज्ञानिक समय में वह प्रवाहित कर सकता है।

आर्थर होम्स ने संवहन को महाद्वीपीय गति से जोड़ा।

सबडक्टिंग स्लैब नीचे जाती ठंडी संवहन धारा है।

भूकंपीय टोमोग्राफी से गहरी संरचना देखी जाती है।

मैंटल संवहन और प्लेट गति एक-दूसरे से जुड़े हैं, लेकिन समानार्थी नहीं।

निष्कर्ष

मैंटल संवहन पृथ्वी की आंतरिक ऊष्मा को स्थानांतरित करने और स्थलमंडलीय पुनर्चक्रण को चलाने वाली मूल ग्रह-गतिशील प्रक्रिया है। आधुनिक विज्ञान इसे प्लेटों से अलग सरल कोशिका नहीं, बल्कि स्लैब, प्लूम, सीमा बल और पूरे मैंटल के संयुक्त प्रवाह के रूप में देखता है।