1.3.3.2 गुटेनबर्ग असांतत्य

पृथ्वी के ठोस सिलिकेट मैंटल और द्रव धात्विक बाह्य क्रोड के बीच की प्रमुख सीमा को गुटेनबर्ग असांतत्य कहा जाता है।

यह लगभग 2,900 किमी गहराई पर स्थित है और इसे Core–Mantle Boundary — CMB भी कहा जाता है।

यह पृथ्वी की सबसे महत्वपूर्ण भौतिक और रासायनिक सीमाओं में से एक है क्योंकि इसके दोनों ओर पदार्थ की संरचना, घनत्व और अवस्था में बहुत बड़ा परिवर्तन होता है।

नामकरण

इस सीमा का नाम जर्मन-अमेरिकी भूकंप विज्ञानी बेनो गुटेनबर्ग के सम्मान में रखा गया।

भूकंपीय तरंगों और पृथ्वी के क्रोड के अध्ययन में उनका महत्वपूर्ण योगदान था।

गुटेनबर्ग सीमा के ऊपर और नीचे

ऊपर — निचला मैंटल: मुख्यतः ठोस सिलिकेट पदार्थ।

नीचे — बाह्य क्रोड: द्रव लौह-समृद्ध धात्विक पदार्थ।

इसलिए यह पृथ्वी के भीतर केवल एक घनत्व परिवर्तन नहीं बल्कि—

ठोस → द्रव

और

सिलिकेट → धात्विक

दोनों प्रकार के बड़े बदलाव का क्षेत्र है।

S-तरंगों का व्यवहार

S-तरंगें केवल ऐसे पदार्थ में चल सकती हैं जिसमें shear rigidity हो।

द्रव बाह्य क्रोड shear stress को सहन नहीं कर सकता।

इसलिए गुटेनबर्ग सीमा पर पहुँचने के बाद—

S-तरंगें बाह्य क्रोड में प्रवेश नहीं करतीं।

यही बाह्य क्रोड की द्रव अवस्था का सबसे महत्वपूर्ण भूकंपीय प्रमाण है।

P-तरंगों का व्यवहार

P-तरंगें द्रव में जा सकती हैं।

लेकिन मैंटल से बाह्य क्रोड में प्रवेश करते समय—

इसी कारण पृथ्वी की सतह पर लगभग 105°–145° के बीच प्रमुख P-wave shadow zone बनता है।

S-wave shadow zone

लगभग 105° से आगे सीधे S-तरंगें दर्ज नहीं होतीं।

इसका कारण है—

द्रव बाह्य क्रोड।

इस प्रकार Gutenberg boundary और shadow zones पृथ्वी के भीतर द्रव धात्विक क्रोड के अस्तित्व के निर्णायक प्रमाण बने।

घनत्व परिवर्तन

निचले मैंटल का घनत्व लगभग 5–6 g/cm³ के क्रम तक पहुँच सकता है, जबकि बाह्य क्रोड में यह लगभग 10 g/cm³ से अधिक के क्रम का होता है।

यह बड़ा density jump पृथ्वी के रासायनिक विभेदन को दिखाता है।

तापमान

क्रोड–मैंटल सीमा पर तापमान हजारों डिग्री सेल्सियस के क्रम का है।

सटीक तापमान प्रत्यक्ष रूप से नहीं मापा गया है; इसे उच्च-दाब प्रयोगों, mineral physics और geodynamic models से अनुमानित किया जाता है।

इस सीमा पर अत्यंत तीव्र तापीय gradient पाया जाता है।

Dʺ क्षेत्र

Gutenberg boundary के ठीक ऊपर निचले मैंटल के अंतिम लगभग कुछ सौ किलोमीटर को सामान्यतः Dʺ region कहा जाता है।

यह एकसमान परत नहीं है।

यहाँ—

जैसी जटिलताएँ पाई जाती हैं।

Ultra-Low Velocity Zones

CMB के कुछ छोटे क्षेत्रों में भूकंपीय तरंगों का वेग असामान्य रूप से बहुत कम होता है।

इन्हें Ultra-Low Velocity Zones — ULVZs कहते हैं।

इनका संबंध—

से जोड़ा जाता है।

इनकी वास्तविक प्रकृति पर शोध जारी है।

LLSVPs

अफ्रीका और प्रशांत महासागर के नीचे निचले मैंटल में दो बहुत विशाल low-shear-velocity regions मौजूद हैं।

इन्हें Large Low-Shear-Velocity Provinces — LLSVPs कहते हैं।

ये CMB के ऊपर स्थित विशाल thermochemical संरचनाएँ हैं।

कुछ mantle plume और hotspot models में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।

CMB और मैंटल प्लूम

गहरे गर्म पदार्थ के कुछ plume CMB के निकट से ऊपर उठ सकते हैं—यह एक प्रमुख आधुनिक geodynamic model है।

हवाई, अफ्रीका और कुछ large igneous provinces के संदर्भ में deep plume hypotheses का उपयोग किया जाता है।

भारत के दक्कन ट्रैप को भी रीयूनियन plume से जोड़ने वाली व्याख्या व्यापक रूप से प्रचलित है।

CMB और भू-डायनेमो

द्रव बाह्य क्रोड में संवहन पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को उत्पन्न करता है।

CMB के आर-पार ऊष्मा प्रवाह बाह्य क्रोड से कितनी ऊष्मा निकलती है, इसे प्रभावित करता है।

इसलिए CMB पर तापीय संरचना—

से जुड़ी है।

2026 का समसामयिक अद्यतन

जून 2026 में Nature Geoscience में प्रकाशित अध्ययन ने CMB के आर-पार ऊष्मा प्रवाह की वैश्विक असमानता का अध्ययन किया।

मुख्य निष्कर्ष—

परीक्षा-योग्य संदेश

गुटेनबर्ग सीमा केवल स्थिर भूकंपीय boundary नहीं है; यह पृथ्वी के ठोस मैंटल और द्रव क्रोड के बीच सक्रिय तापीय तथा रासायनिक अंतःक्रिया का क्षेत्र भी है।

वैज्ञानिक शब्दावली की सावधानी

प्रतियोगी भूगोल में Gutenberg discontinuity = mantle–outer core boundary at ~2,900 km मानें।

कुछ विशेषज्ञ geophysical literature में “Gutenberg discontinuity” शब्द का प्रयोग shallow oceanic upper-mantle seismic feature के लिए भी ऐतिहासिक रूप से मिलता है।

UPSC/BPSC के सामान्य भूगोल में इससे भ्रमित न हों—मानक उत्तर मैंटल–बाह्य क्रोड सीमा है।

सत्यापित UPSC Prelims PYQ

Gutenberg discontinuity को नाम लेकर पूछने वाला प्रत्यक्ष UPSC CSE Prelims PYQ विश्वसनीय रूप से सत्यापित नहीं मिला।

इसलिए कोई mock question PYQ के नाम से नहीं दिया गया है।

सत्यापित UPSC Mains PYQ

UPSC Geology Optional, 2016 — 10 अंक

प्रश्न:

“Explain the major discontinuities within the Earth's interior.”

इस उत्तर में Gutenberg discontinuity के लिए—

लिखना आवश्यक है।

सत्यापित BPSC Prelims PYQ

BPSC CCE Prelims में Gutenberg discontinuity को नाम लेकर पूछने वाला प्रत्यक्ष, आधिकारिक-key से विश्वसनीय रूप से सत्यापित प्रश्न उपलब्ध स्रोतों में नहीं मिला।

कुछ test-series/अनौपचारिक संकलनों में ऐसे प्रश्न हैं, पर उन्हें PYQ नहीं माना गया है।

सत्यापित BPSC Mains PYQ

68वीं BPSC Mains — Geology Optional, 2023

प्रश्न:

“We know that the outer core is liquid because—”

सही उत्तर:

S waves cannot pass through it.

यह Gutenberg boundary के नीचे द्रव बाह्य क्रोड के भूकंपीय प्रमाण से प्रत्यक्ष रूप से संबंधित प्रश्न है।

इसे BPSC GS Mains का प्रश्न नहीं समझना चाहिए।

Prelims के लिए अंतिम तथ्य

Gutenberg discontinuity लगभग 2,900 किमी गहराई पर है।

यह मैंटल और बाह्य क्रोड की सीमा है।

इसके ऊपर ठोस सिलिकेट मैंटल है।

इसके नीचे द्रव लौह-समृद्ध बाह्य क्रोड है।

S-तरंगें बाह्य क्रोड में प्रवेश नहीं करतीं।

P-तरंगों का वेग सीमा पर घटता है और वे तीव्र रूप से अपवर्तित होती हैं।

P-wave shadow zone लगभग 105°–145° है।

Dʺ region CMB के ठीक ऊपर स्थित है।

CMB heat flow geodynamo को प्रभावित कर सकता है।

निष्कर्ष

गुटेनबर्ग असांतत्य लगभग 2,900 किमी गहराई पर स्थित वह प्रमुख सीमा है जहाँ ठोस सिलिकेट मैंटल द्रव धात्विक बाह्य क्रोड में बदलता है। S-तरंगों की समाप्ति और P-तरंगों के तीव्र अपवर्तन ने इसकी पहचान और बाह्य क्रोड की द्रव अवस्था स्थापित की। आधुनिक शोध इसे पृथ्वी के thermal evolution, deep mantle dynamics और geodynamo को जोड़ने वाले सक्रिय क्षेत्र के रूप में देखता है।