उर्वरक सब्सिडी, Basel leverage ratio और पूंजीगत लाभ कर
इस मॉड्यूल में तीन अलग लेकिन बार-बार पूछे जाने वाले ढाँचों को साफ किया गया है: उर्वरक सब्सिडी में यूरिया और P&K का अंतर, बैंकिंग में जोखिम-भारित पूंजी और गैर-जोखिम आधारित leverage backstop, तथा सूचीबद्ध इक्विटी पर अल्पकालिक व दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ।
1. यूरिया बनाम Nutrient Based Subsidy (NBS)
| आयाम | यूरिया | P&K उर्वरक |
|---|---|---|
| मुख्य पोषक | लगभग 46% नाइट्रोजन | फॉस्फोरस, पोटाश तथा NBS में अधिसूचित अन्य पोषक संयोजन |
| मूल्य व्यवस्था | केंद्र सरकार नियंत्रित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) ढाँचा | कंपनियाँ बाजार-गतिशीलता के अनुसार उचित MRP तय करती हैं; सरकार निगरानी करती है |
| सब्सिडी | उत्पादन/आयात लागत और नियंत्रित किसान मूल्य के अंतर को समर्थन | 1 अप्रैल 2010 से Nutrient Based Subsidy; प्रति किलोग्राम पोषक तत्व के आधार पर निश्चित सब्सिडी दर |
नीम-लेपित यूरिया का उद्देश्य नाइट्रोजन उपयोग दक्षता सुधारना और गैर-कृषि उपयोग की ओर विचलन कम करना भी रहा है।
2. असंतुलित उर्वरक उपयोग क्यों समस्या है?
यूरिया अपेक्षाकृत सस्ता रहने और P&K की कीमतों में अधिक बाजार-आधारित परिवर्तन के कारण किसान N:P:K संतुलन से हट सकते हैं। परिणामस्वरूप मिट्टी की पोषक असंतुलन, घटती पोषक-उपयोग दक्षता, सब्सिडी बोझ और पर्यावरणीय नाइट्रोजन प्रदूषण जैसी समस्याएँ पैदा हो सकती हैं।
3. CRAR बनाम leverage ratio
| आयाम | CRAR / Capital Adequacy | Leverage Ratio |
|---|---|---|
| हर | पूंजी ÷ जोखिम-भारित आस्तियाँ (RWA) | Tier 1 capital ÷ exposure measure |
| जोखिम भार | हाँ—आस्तियों को जोखिम के अनुसार भार | नहीं—गैर-जोखिम आधारित backstop |
| उद्देश्य | जोखिम के अनुरूप पूंजी | अत्यधिक कुल leverage को सीमित करना और risk-weight model की कमियों पर सुरक्षा परत |
RBI के मौजूदा ढाँचे में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के लिए न्यूनतम leverage ratio D-SIBs के लिए 4% और अन्य बैंकों के लिए 3.5% है। यह 2027 से पहली बार लागू होने वाला नया नियम नहीं है।
भारत में D-SIB के रूप में SBI, HDFC Bank और ICICI Bank सूचीबद्ध रहे हैं; D-SIB पहचान और अतिरिक्त CET1 buffer को leverage ratio से अलग रखें।
4. सूचीबद्ध इक्विटी: STCG और LTCG
23 जुलाई 2024 से लागू संशोधनों के संदर्भ में, निर्दिष्ट STT-भुगतान वाली सूचीबद्ध इक्विटी/इक्विटी-उन्मुख परिसंपत्तियों के लिए सामान्य परीक्षा-फ्रेम:
| होल्डिंग | श्रेणी | दर |
|---|---|---|
| 12 माह तक | STCG — धारा 111A के निर्दिष्ट मामले | 20% |
| 12 माह से अधिक | LTCG — धारा 112A के निर्दिष्ट मामले | ₹1.25 लाख की कुल वार्षिक छूट सीमा के ऊपर 12.5% |
परीक्षा सावधानी: पूंजीगत लाभ की दर परिसंपत्ति और धारा पर निर्भर करती है। “हर asset पर STCG 20% / LTCG 12.5%” लिखना गलत है।
5. प्रारंभिक परीक्षा ट्रैप
- NBS = 2010 से P&K उर्वरकों का पोषक-आधारित सब्सिडी ढाँचा; यूरिया इससे अलग नियंत्रित व्यवस्था में है।
- Leverage ratio जोखिम-भारित अनुपात नहीं है।
- D-SIB surcharge और leverage ratio अलग पूंजीगत अवधारणाएँ हैं।
- Listed equity में 12 माह holding threshold महत्वपूर्ण है।
6. अभ्यास
प्रारंभिक: Basel leverage ratio में denominator केवल risk-weighted assets होता है—गलत।
मुख्य परीक्षा: भारत में उर्वरक सब्सिडी की मूल्य संरचना पोषक असंतुलन को कैसे प्रभावित करती है? सुधार के उपाय सुझाइए।
स्थायी अवधारणाओं को संबंधित सरकारी, संवैधानिक, वैज्ञानिक और नियामक स्रोतों से मिलाकर प्रस्तुत किया गया है।