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गरीबी • सामाजिक न्याय • समावेशी विकास

अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस 2026 और भारत का बहुआयामी गरीबी सूचकांक

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गरीबी को केवल आय की कमी से समझना पर्याप्त नहीं है। स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, स्वच्छता, पोषण और वित्तीय पहुँच जैसी कई वंचनाएँ एक साथ किसी परिवार की वास्तविक जीवन-स्थितियों को तय करती हैं। 17 अक्टूबर का दिवस इसी व्यापक दृष्टि को समझने का अच्छा अवसर है।

17 अक्टूबर 2026

पाठ्यक्रम से संबंध

  • प्रारंभिक: संयुक्त राष्ट्र दिवस, बहुआयामी गरीबी सूचकांक, नीति आयोग, UNDP, OPHI और Alkire–Foster पद्धति।
  • मुख्य GS-I: गरीबी और विकासात्मक मुद्दे।
  • मुख्य GS-II: गरीबी एवं भूख, सामाजिक क्षेत्र और कल्याणकारी नीतियाँ।
  • मुख्य GS-III: समावेशी विकास तथा विकास के सामाजिक आयाम।

चर्चा में क्यों?

संयुक्त राष्ट्र द्वारा 17 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस मनाया जाता है। 2026–2028 की व्यापक थीम “United for Peace and Human Rights” है और 2026 का विशेष फोकस “Safe Homes for All” है। संयुक्त राष्ट्र ने आवास को गरीबी, गरिमा और अन्य अधिकारों से जोड़ा है; दुनिया में 2.8 अरब से अधिक लोग किसी न किसी प्रकार की अपर्याप्त आवास-स्थिति का सामना कर रहे हैं।

इसके साथ ही 12 अक्टूबर 2026 को जारी वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक ने गरीबी के गैर-मौद्रिक आयामों को फिर केंद्र में रखा। 108 देशों की 6.3 अरब आबादी में लगभग 1.2 अरब लोग, यानी 18.9%, तीव्र बहुआयामी गरीबी में पाए गए।

बहुआयामी गरीबी सूचकांक: परीक्षा के लिए आधार

वैश्विक MPI संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और ऑक्सफोर्ड गरीबी एवं मानव विकास पहल (OPHI) से जुड़ा वैश्विक मापन ढाँचा है। यह Alkire–Foster पद्धति के दोहरी कट-ऑफ दृष्टिकोण का उपयोग करता है।

तीन आयाम और दस वैश्विक संकेतक

  • स्वास्थ्य: पोषण, बाल मृत्यु।
  • शिक्षा: स्कूली शिक्षा के वर्ष, स्कूल उपस्थिति।
  • जीवन स्तर: खाना पकाने का ईंधन, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, आवास और परिसंपत्तियाँ।

यदि किसी व्यक्ति का परिवार भारित संकेतकों के कम-से-कम एक-तिहाई में वंचित है तो उसे MPI गरीब माना जाता है। MPI = गरीबी की घटना (H) × गरीबी की तीव्रता (A)।

भारत का राष्ट्रीय MPI

नीति आयोग का राष्ट्रीय MPI वैश्विक ढाँचे के दस संकेतकों को बनाए रखते हुए भारत की प्राथमिकताओं के अनुरूप दो अतिरिक्त संकेतक जोड़ता है—मातृ स्वास्थ्य और बैंक खाता। इसलिए राष्ट्रीय MPI में कुल 12 संकेतक हैं।

परीक्षा सावधानी: मातृ स्वास्थ्य और बैंक खाता भारत के राष्ट्रीय MPI में अतिरिक्त संकेतक हैं; वे वैश्विक MPI के मूल 10 संकेतकों का हिस्सा नहीं हैं।

भारत में बहुआयामी गरीबी: आँकड़े सही तरह पढ़ें

नीति आयोग के NFHS-आधारित आकलन में बहुआयामी गरीबी का अनुपात 24.85% (2015–16) से घटकर 14.96% (2019–21) हुआ। 2005–06 में तुलनीय अनुपात 55.34% था।

नीति आयोग के 2024 के चर्चा-पत्र में 2013–14 और 2022–23 के लिए प्रत्यक्ष सर्वेक्षण आँकड़ा उपलब्ध न होने के कारण प्रवृत्ति-आधारित अनुमान लगाया गया। इस आधार पर 2013–14 का 29.17% और 2022–23 का 11.28% अनुमानित किया गया तथा लगभग 24.82 करोड़ लोगों के इस अवधि में बहुआयामी गरीबी से बाहर आने का अनुमान दिया गया।

महत्वपूर्ण अंतर: 14.96% NFHS-5 आधारित अवलोकन है; 11.28% वर्ष 2022–23 के लिए प्रक्षेपित/अनुमानित आँकड़ा है। दोनों को एक जैसा वास्तविक सर्वेक्षण परिणाम नहीं लिखना चाहिए।

मुख्य परीक्षा हेतु विश्लेषण

गरीबी में कमी के बावजूद चुनौती क्यों बनी रहती है?

  • रोजगार की गुणवत्ता: अनौपचारिक और कम उत्पादकता वाले काम आय को अस्थिर रखते हैं।
  • मानव पूँजी: स्वास्थ्य, पोषण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में वंचना पीढ़ी-दर-पीढ़ी गरीबी को बनाए रख सकती है।
  • क्षेत्रीय असमानता: राज्य, जिला और ग्रामीण-शहरी स्तर पर उपलब्धियों में बड़ा अंतर है।
  • आवास और बुनियादी सेवाएँ: सुरक्षित घर, पेयजल, स्वच्छता और बिजली की कमी अन्य अधिकारों तक पहुँच को भी कमजोर करती है।
  • जलवायु जोखिम: सूखा, बाढ़ और गर्मी जैसे झटके सीमांत परिवारों को दोबारा गरीबी में धकेल सकते हैं।

आगे की दिशा

प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) की दक्षता के साथ सार्वभौमिक मूल सेवाओं की गुणवत्ता, स्थानीय रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, पोषण, कौशल, किफायती आवास और जलवायु-सहनशील आजीविका को जोड़ना जरूरी है। बहुआयामी दृष्टि का लाभ यही है कि नीति केवल आय नहीं, बल्कि वास्तविक वंचनाओं को लक्षित कर सकती है।

वास्तविक UPSC विगत वर्ष प्रश्न

प्रारंभिक परीक्षा 2026

बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. MPI की गणना Alkire-Foster पद्धति का उपयोग करके की जाती है।
  2. नीति आयोग द्वारा गणना किए गए MPI में कुल बारह संकेतक हैं।
  3. मातृ स्वास्थ्य और बैंक खाता, नीति आयोग के MPI और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के MPI के सामान्य संकेतक हैं।

उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

(a) केवल 1 और 2   (b) 1, 2 और 3   (c) केवल 1 और 3   (d) केवल 2

सही उत्तर: (a) केवल 1 और 2

राष्ट्रीय MPI में 12 संकेतक हैं और यह Alkire–Foster पद्धति पर आधारित है। मातृ स्वास्थ्य और बैंक खाता भारत द्वारा जोड़े गए दो अतिरिक्त संकेतक हैं, इसलिए कथन 3 गलत है।

मुख्य परीक्षा 2018 — सामान्य अध्ययन-I

“भारत में सरकार द्वारा गरीबी उन्मूलन के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के कार्यान्वयन के बावजूद गरीबी अभी भी विद्यमान है।” कारण बताते हुए व्याख्या कीजिए।

10 अंक · 150 शब्द

आज का अभ्यास

प्रारंभिक प्रश्न

राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक के संदर्भ में: 1. इसे MoSPI जारी करता है। 2. इसमें वैश्विक MPI से दो अतिरिक्त संकेतक हैं। 3. मातृ स्वास्थ्य और बैंक खाता राष्ट्रीय MPI के संकेतक हैं। सही विकल्प चुनिए।

(a) केवल 1 और 2   (b) केवल 2 और 3   (c) केवल 1 और 3   (d) 1, 2 और 3

उत्तर: (b) केवल 2 और 3। राष्ट्रीय MPI नीति आयोग से संबंधित है।

मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन

प्रश्न: भारत में बहुआयामी गरीबी में उल्लेखनीय कमी के बावजूद गरीबी उन्मूलन की चुनौती समाप्त नहीं हुई है। उपलब्धियों और शेष चुनौतियों का परीक्षण करते हुए आगे की राह सुझाइए।

10 अंक · 150 शब्द

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