राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन: SIGHT और 54,000 MTPA हरित अमोनिया
भारत हरित हाइड्रोजन को केवल एक नई ईंधन तकनीक के रूप में नहीं, बल्कि उर्वरक, रिफाइनरी, इस्पात और समुद्री ईंधन जैसे कठिन-से-डीकार्बनाइज़ क्षेत्रों के लिए औद्योगिक संक्रमण के साधन के रूप में विकसित कर रहा है। सितंबर–अक्टूबर 2026 की नई निविदाएँ इस मिशन के कार्यान्वयन को परीक्षा के लिए फिर प्रासंगिक बनाती हैं।
चर्चा में क्यों?
भारतीय सौर ऊर्जा निगम (SECI) ने 24 सितंबर 2026 को SIGHT योजना के Mode-2A, Tranche-II के अंतर्गत भारत में 54,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) हरित अमोनिया के उत्पादन और आपूर्ति के लिए प्रतिस्पर्धी निविदा जारी की। इसकी पूर्व-बोली बैठक 12 अक्टूबर को हुई और ऑनलाइन बोली की अंतिम तिथि 27 अक्टूबर 2026 रखी गई।
इसके अतिरिक्त नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 14 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के अंतर्गत Hydrogen Safety Panel को सहयोग देने के लिए विशेषज्ञ संस्था हेतु रुचि-अभिव्यक्ति जारी की। इससे स्पष्ट है कि मिशन अब उत्पादन-प्रोत्साहन के साथ सुरक्षा, मानक और कार्यान्वयन संस्थानों पर भी जोर दे रहा है।
ग्रीन, ग्रे और ब्लू हाइड्रोजन
- हरित हाइड्रोजन: सामान्यतः नवीकरणीय बिजली से जल के विद्युत अपघटन द्वारा तैयार हाइड्रोजन, जिसका जीवन-चक्र उत्सर्जन बहुत कम रखा जाता है।
- ग्रे हाइड्रोजन: प्राकृतिक गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों से बना हाइड्रोजन, जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड वातावरण में छोड़ दी जाती है।
- ब्लू हाइड्रोजन: जीवाश्म-आधारित उत्पादन, पर उत्पन्न CO₂ का एक हिस्सा कार्बन कैप्चर, उपयोग एवं भंडारण (CCUS) द्वारा पकड़ा जाता है।
हरित अमोनिया क्यों?
हाइड्रोजन को सीधे लंबी दूरी तक संग्रहित और ढोना कठिन है। अमोनिया (NH₃) हाइड्रोजन का वाहक बन सकता है और उर्वरक उद्योग में पहले से स्थापित उपयोग रखता है। इसलिए हरित अमोनिया घरेलू डीकार्बनाइजेशन और संभावित निर्यात—दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन
मिशन का व्यापक उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन और उसके व्युत्पन्नों के उत्पादन, उपयोग और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है। इससे जीवाश्म ईंधन आयात पर निर्भरता घटाने, अर्थव्यवस्था के डीकार्बनाइजेशन और घरेलू तकनीकी क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य जुड़ा है।
- 2030 लक्ष्य: कम-से-कम 5 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता विकसित करने की दिशा।
- मिशन परिव्यय: ₹19,744 करोड़।
- प्रमुख औद्योगिक उपयोग: उर्वरक, रिफाइनरी, इस्पात, भारी परिवहन, जहाजरानी और ऊर्जा भंडारण।
SIGHT कार्यक्रम क्या है?
SIGHT — Strategic Interventions for Green Hydrogen Transition राष्ट्रीय मिशन का प्रमुख वित्तीय प्रोत्साहन ढाँचा है। इसके दो मुख्य घटक हैं:
- घटक-I: इलेक्ट्रोलाइजर के घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन।
- घटक-II: हरित हाइड्रोजन/उसके व्युत्पन्नों के उत्पादन को प्रोत्साहन।
SIGHT के लिए लगभग ₹17,490 करोड़ निर्धारित हैं। इलेक्ट्रोलाइजर की लागत घटाना महत्वपूर्ण है क्योंकि वही नवीकरणीय बिजली की मदद से जल को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में विभाजित करता है।
मुख्य परीक्षा हेतु विश्लेषण
भारत के लिए अवसर
- उर्वरक और रिफाइनरी में आयातित प्राकृतिक गैस/जीवाश्म आधारित हाइड्रोजन का विकल्प।
- इस्पात जैसे कठिन-से-डीकार्बनाइज़ उद्योगों में उत्सर्जन कम करने की संभावना।
- सौर और पवन संसाधनों का औद्योगिक मूल्य-वर्धन तथा नई घरेलू विनिर्माण श्रृंखला।
- हरित अमोनिया जैसे व्युत्पन्नों के निर्यात से नई ऊर्जा कूटनीति और बाजार।
मुख्य चुनौतियाँ
- लागत: नवीकरणीय बिजली और इलेक्ट्रोलाइजर कुल लागत के प्रमुख घटक हैं।
- जल: परियोजनाओं की स्थान-चयन नीति में स्थानीय जल-संतुलन जरूरी है।
- भंडारण/परिवहन: हाइड्रोजन का कम आयतन-घनत्व और विशेष अवसंरचना की आवश्यकता।
- सुरक्षा व मानक: रिसाव, ज्वलनशीलता और औद्योगिक संचालन के लिए एकरूप मानक तथा प्रशिक्षित मानव संसाधन चाहिए।
- हरितता की विश्वसनीयता: उपयोग की गई बिजली वास्तव में अतिरिक्त नवीकरणीय स्रोतों से आए और जीवन-चक्र उत्सर्जन मापा जाए।
वास्तविक UPSC विगत वर्ष प्रश्न
प्रारंभिक परीक्षा 2023
निम्नलिखित भारी उद्योगों पर विचार कीजिए:
- उर्वरक संयंत्र
- तेल रिफाइनरी
- इस्पात संयंत्र
उपर्युक्त में से कितने उद्योगों के डीकार्बनाइजेशन में हरित हाइड्रोजन के महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपेक्षा है?
(a) केवल एक (b) केवल दो (c) सभी तीन (d) कोई नहीं
उर्वरक और रिफाइनरी में हाइड्रोजन पहले से कच्चे माल/प्रक्रिया इनपुट के रूप में उपयोग होता है, जबकि इस्पात में हरित हाइड्रोजन को कोक-आधारित अपचयन का कम-कार्बन विकल्प माना जाता है।
आज का अभ्यास
प्रारंभिक प्रश्न
SIGHT के संदर्भ में: (1) इसका उद्देश्य इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण और हरित हाइड्रोजन उत्पादन को प्रोत्साहन देना है। (2) यह राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का हिस्सा है। (3) हरित अमोनिया के उत्पादन को इससे जोड़ा जा सकता है। सही कथन चुनिए।
उत्तर: 1, 2 और 3।
मुख्य परीक्षा प्रश्न
“हरित हाइड्रोजन भारत की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन दोनों के लिए अवसर है, पर इसकी सफलता लागत, अवसंरचना और सुरक्षा मानकों पर निर्भर करेगी।” चर्चा कीजिए।
15 अंक · 250 शब्द