नेपाल के लिए FRLD की पहली आपदा-विशिष्ट सहायता: $21.6 मिलियन और वैश्विक जलवायु वित्त की सीमा
नेपाल की अगस्त 2026 बाढ़ के बाद Loss and Damage Fund ने $21.6 मिलियन अस्थायी रूप से अलग किए—कोष की पहली आपदा-विशिष्ट प्रतिक्रिया, उसकी संरचना, सीमाएँ और भारत के लिए महत्व।
26 अक्टूबर 2026
चर्चा में क्यों?
तुर्किये (Turkiye) में आगामी COP31 शिखर सम्मेलन से कुछ सप्ताह पूर्व, संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) के अंतर्गत स्थापित ‘हानि और क्षति प्रतिक्रिया कोष’ (Fund for Responding to Loss and Damage - FRLD) के बोर्ड ने अगस्त 2026 की भोटेकोशी बाढ़ के बाद नेपाल के लिए $21.6 मिलियन अस्थायी रूप से अलग (provisionally set aside) किए हैं। यह किसी विशिष्ट आपदा पर FRLD की पहली प्रतिक्रिया है; इसे अंतिम स्वीकृत संवितरण नहीं समझना चाहिए। नेपाल को Barbados Implementation Modalities के तहत सामान्य submission period के बाहर funding request देने की अनुमति दी गई है।
मुख्य तथ्य
- निर्णय की प्रक्रिया: 22 अक्टूबर 2026 को आयोजित FRLD बोर्ड की पहली "असाधारण बैठक" (Extraordinary Meeting) में एक पायलट तंत्र के तहत सामान्य आवेदन विंडो से बाहर जाकर नेपाल के लिए यह राशि अनंतिम रूप से आरक्षित (Earmark) की गई (Vajiram & Ravi)।
- आपदा की पृष्ठभूमि: 26 अगस्त 2026 को मानव-जनित जलवायु परिवर्तन से प्रेरित हिम और चट्टान हिमस्खलन (Ice-and-rock avalanche) के कारण नेपाल की भोटेकोशी-त्रिशूली-नारायणी नदी प्रणाली (Bhotekoshi-Trishuli-Narayani river system) में भीषण बाढ़ आई थी (Vajiram & Ravi)।
- आवंटन बनाम वास्तविक क्षति:
- नेपाल को इस आपदा से कम-से-कम 2.69 बिलियन की आर्थिक क्षति हुई और पुनर्निर्माण की कुल आवश्यकता 4.71 से $4.75 बिलियन (लगभग ₹44,600 करोड़) आंकी गई।
- नेपाल ने कोष से 20 मिलियन की मांग की थी; बोर्ड ने कुल 21.6 मिलियन अस्थायी रूप से अलग किए (जिसमें $1.6 मिलियन कार्यान्वयन एजेंसियों का निरीक्षण शुल्क शामिल है)। यह राशि नेपाल की वास्तविक पुनर्निर्माण आवश्यकता के 0.5% से भी कम है (Vajiram & Ravi)।
- राशि का उपयोग Barbados Implementation Modalities के पायलट तंत्र के तहत आगे की स्वीकृति और परियोजना प्रक्रिया के अधीन रहेगा।
- कोष की वित्तीय स्थिति और भारत की दावेदारी:
- मार्च 2026 तक 27 देशों ने इस कोष में कुल 822.06 मिलियन (लगभग ₹7,809.6 करोड़) देने की प्रतिबद्धता (Pledge) जताई है, जिसमें 629.70 मिलियन अनुदान (Grant) के रूप में हैं।
- शीर्ष 5 योगदानकर्ता देश: इटली (110.31 मिलियन), फ्रांस (108.23 मिलियन), संयुक्त अरब अमीरात/UAE (100 मिलियन), जर्मनी (98.24 मिलियन) और यूनाइटेड किंगडम ($91.92 मिलियन)। (संयुक्त राज्य अमेरिका जनवरी 2025 में पेरिस समझौते से हटने की प्रक्रिया के तहत इसके बोर्ड से बाहर हो गया था)।
- कोष की पहली फंडिंग कॉल में 119 देशों से लगभग $2.8 बिलियन मूल्य के 176 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें भारत ने भी तीन प्रस्ताव (Requests) प्रस्तुत किए हैं (Vajiram & Ravi)।
संबंधित संस्था / कानून / अनुच्छेद / योजना / रिपोर्ट
- संस्था: हानि और क्षति प्रतिक्रिया कोष (Fund for Responding to Loss and Damage - FRLD)।
- अंतरराष्ट्रीय संधि: UNFCCC और पेरिस समझौता (Paris Agreement, 2015 का अनुच्छेद 8 जो 'Loss and Damage' को मान्यता देता है)।
- मेजबान देश (बोर्ड): फिलीपींस (मनीला)।
- अंतरिम ट्रस्टी एवं सचिवालय मेजबान: विश्व बैंक (World Bank)।
आवश्यक स्थिर पृष्ठभूमि
- 'हानि और क्षति' (Loss and Damage) की अवधारणा: जलवायु परिवर्तन के वे नकारात्मक प्रभाव जिन्हें न तो शमन (Mitigation) द्वारा रोका जा सका और न ही अनुकूलन (Adaptation) द्वारा सहन किया जा सकता है, उन्हें 'हानि और क्षति' कहा जाता है। इसमें आर्थिक हानि (अवसंरचना, कृषि, संपत्ति का विनाश) और गैर-आर्थिक हानि (मानव जीवन, सांस्कृतिक विरासत, जैव विविधता, स्वदेशी ज्ञान और विस्थापन से उत्पन्न मानसिक आघात) दोनों शामिल हैं।
- FRLD का ऐतिहासिक विकास क्रम:
- 1991: वानुअतु (Vanuatu) ने छोटे द्वीपीय देशों (AOSIS) की ओर से पहली बार ऐसे कोष का प्रस्ताव रखा।
- COP19 (वारसॉ, 2013): जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से जुड़ी हानि और क्षति के लिए 'वारसॉ इंटरनेशनल मैकेनिज्म' (WIM) की स्थापना।
- COP27 (शर्म अल-शेख, मिस्र, 2022): हानि और क्षति कोष (Loss and Damage Fund) स्थापित करने पर ऐतिहासिक सहमति।
- COP28 (दुबई, यूएई, 2023): कोष का औपचारिक परिचालन (Operationalisation) प्रारंभ।
- FRLD की शासन संरचना:
- इसके बोर्ड में कुल 26 सदस्य होते हैं: 12 विकसित देशों (Developed Country Parties) से और 14 विकासशील देशों (Developing Country Parties) से (Vajiram & Ravi)।
- वर्ष 2024 में फिलीपींस को इसके बोर्ड के मेजबान देश के रूप में चुना गया (जिसे कानूनी व्यक्तित्व प्रदान करने के लिए फिलीपींस में अधिनियम पारित किया गया), जबकि विश्व बैंक को 4 वर्षों के लिए अंतरिम ट्रस्टी और सचिवालय मेजबान बनाया गया।
- इसके प्रारंभिक आवंटन का कम-से-कम 50% हिस्सा अल्पविकसित देशों (LDCs) और छोटे द्वीपीय विकासशील राज्यों (SIDS) के लिए आरक्षित है।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए तथ्य एवं संभावित Traps
- संभावित Trap 1 (संरचना और प्रतिनिधित्व): FRLD बोर्ड में विकसित और विकासशील देशों का बराबर (50:50) प्रतिनिधित्व नहीं है, बल्कि विकासशील देशों का बहुमत है (26 में से 14 सदस्य विकासशील देशों से और 12 विकसित देशों से)। (तुलना करें: ग्रीन क्लाइमेट फंड - GCF के 24 सदस्यीय बोर्ड में 12 विकसित और 12 विकासशील देशों से होते हैं)।
- संभावित Trap 2 (पात्रता): क्या केवल LDCs और SIDS ही FRLD से धन प्राप्त करने के पात्र हैं? नहीं। जलवायु परिवर्तन से विशेष रूप से सुभेद्य सभी विकासशील देश इसके पात्र हैं (भारत ने भी 3 प्रस्ताव भेजे हैं, और नेपाल को पहला आवंटन मिला है), यद्यपि न्यूनतम 50% राशि LDCs और SIDS के लिए आरक्षित है।
- संभावित Trap 3 (स्थापना बनाम परिचालन): स्थापना COP27 (शर्म अल-शेख, 2022) में हुई और परिचालन COP28 (दुबई, 2023) में हुआ।
Map / Location Relevance
- भोटेकोशी-त्रिशूली-नारायणी नदी प्रणाली: भोटेकोशी और त्रिशूली नदियाँ तिब्बत/नेपाल हिमालय से निकलकर मध्य नेपाल में सप्तगंडकी (नारायणी) नदी प्रणाली बनाती हैं, जो भारत (बिहार के पश्चिमी चंपारण में वाल्मीकिनगर) में गंडक नदी के नाम से प्रवेश करती है और सोनपुर (हाजीपुर) के निकट गंगा में मिलती है।
- मनीला (फिलीपींस): FRLD बोर्ड का मुख्यालय (साथ ही एशियाई विकास बैंक - ADB का मुख्यालय भी यहीं स्थित है)।
Mains Syllabus Linkage
- GS Paper 3: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन (जलवायु वित्त और UNFCCC तंत्र)।
- GS Paper 2: महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संस्थान, एजेंसियाँ और मंच—उनकी संरचना, अधिदेश; भारत और उसके पड़ोसी देश।
विस्तृत विश्लेषण
- महत्व (प्रतीकात्मक से परिचालन की ओर कदम):
- तीन दशकों के कूटनीतिक संघर्ष के बाद किसी वास्तविक जलवायु आपदा (नेपाल की बाढ़) के लिए धन का आवंटन यह सिद्ध करता है कि FRLD केवल कागजी घोषणा नहीं है।
- आपातकालीन 'पायलट विंडो' का उपयोग भविष्य में त्वरित आपदा प्रतिक्रिया के लिए एक संस्थागत टेम्पलेट (Template) बन सकता है।
- आलोचना एवं संरचनात्मक चुनौतियाँ:
- मांग और आपूर्ति के बीच विशाल खाई: नेपाल की 4.75 बिलियन की आवश्यकता के मुकाबले मात्र 21.6 मिलियन (<0.5%) का आवंटन और कुल $822 मिलियन का वैश्विक कोष जलवायु संकट की भयावहता के सामने अत्यंत अपर्याप्त है।
- जलवायु वित्त के टूटे वादे: विकसित देशों ने 2020–2025 के लिए 100 बिलियन प्रतिवर्ष का लक्ष्य समय पर पूरा नहीं किया। 2024 में विकासशील देशों की 1.3 ट्रिलियन प्रतिवर्ष की आकलित आवश्यकता के विरुद्ध वर्ष 2035 तक मात्र $300 बिलियन प्रतिवर्ष (NCQG) की प्रतिबद्धता जताई गई (Vajiram & Ravi)।
- नौकरशाही जटिलता (11-चरणीय चक्र): आपातकालीन कोष होने के बावजूद यह पारंपरिक विकास बैंक की तरह 11-चरणीय अनुमोदन चक्र (11-step funding cycle) से गुजरता है। अगस्त की बाढ़ के लिए अक्टूबर में सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद भी वास्तविक धन दिसंबर 2026 के बाद ही मिलेगा।
- प्रशासनिक लागत और स्वैच्छिक योगदान: 21.6 मिलियन में से 1.6 मिलियन (~7.4%) केवल निगरानी शुल्क में चला जाएगा। साथ ही, अमेरिका जैसे बड़े उत्सर्जक देश का बाहर होना और बाध्यकारी अंशदान का अभाव कोष की दीर्घकालिक स्थिरता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
आगे की राह
- त्वरित संवितरण (Parametric Trigger-based Disbursement): 11-चरणीय जटिल प्रक्रिया के स्थान पर आपदा की तीव्रता के वैज्ञानिक मापदंडों (Parametric Insurance/Triggers) के आधार पर 72 घंटे से 15 दिनों के भीतर स्वचालित आपातकालीन सहायता जारी करने की व्यवस्था हो।
- अभिनव एवं बाध्यकारी वित्तपोषण स्रोत: केवल स्वैच्छिक सरकारी अनुदानों पर निर्भर रहने के बजाय अंतरराष्ट्रीय विमानन एवं समुद्री शिपिंग पर कार्बन लेवी, जीवाश्म ईंधन कंपनियों पर विंडफॉल टैक्स (Polluter Pays Principle) और SDR (विशेष आहरण अधिकार) के पुनर्चक्रण से कोष का विस्तार किया जाए।
- हिमालयी क्षेत्रीय समन्वय: भारत और नेपाल जैसे हिमालयी देशों को GLOF (हिमनद झील प्रस्फोट बाढ़) और हिमस्खलन के लिए साझा क्षेत्रीय पूर्व-चेतावनी प्रणाली और संयुक्त FRLD परियोजना प्रस्ताव तैयार करने चाहिए।
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न (Prelims Practice MCQs)
प्रश्न 1. 'हानि और क्षति प्रतिक्रिया कोष' (Fund for Responding to Loss and Damage - FRLD) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) की वित्तीय क्रियाविधि के अंतर्गत कार्य करता है।
- इसके शासी बोर्ड (Governing Board) में विकसित देशों के प्रतिनिधियों की संख्या विकासशील देशों के प्रतिनिधियों की तुलना में अधिक है।
- फिलीपींस को इसके बोर्ड के मेजबान देश के रूप में चुना गया है, जबकि विश्व बैंक इसके अंतरिम ट्रस्टी के रूप में कार्य करता है।
- हाल ही में नेपाल इस कोष से देश-विशिष्ट आपदा आवंटन प्राप्त करने वाला पहला देश बना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
(a) केवल 1, 2 और 3
(b) केवल 1, 3 और 4
(c) केवल 2 और 4
(d) 1, 2, 3 और 4
- सही उत्तर: (b) केवल 1, 3 और 4
- व्याख्या:
- कथन 1 सही है: FRLD की स्थापना COP27 (2022) में हुई और COP28 (2023) में इसे UNFCCC की वित्तीय क्रियाविधि के तहत परिचालित किया गया।
- कथन 2 गलत है: FRLD के 26 सदस्यीय बोर्ड में 12 सदस्य विकसित देशों से और 14 सदस्य विकासशील देशों से होते हैं। अतः इसमें विकासशील देशों का प्रतिनिधित्व अधिक है।
- कथन 3 सही है: वर्ष 2024 में फिलीपींस को FRLD बोर्ड का मेजबान देश चुना गया और विश्व बैंक को अंतरिम ट्रस्टी एवं सचिवालय मेजबान नियुक्त किया गया।
- कथन 4 सही है: अक्टूबर 2026 में अगस्त 2026 की बाढ़ के लिए नेपाल को $21.6 मिलियन का पहला देश-विशिष्ट आवंटन मंजूर किया गया है।
प्रश्न 2. भोटेकोशी और त्रिशूली नदियाँ, जो हाल ही में हिमस्खलन-जनित बाढ़ के कारण चर्चा में रहीं, भारत में प्रवेश करने वाली किस प्रमुख नदी प्रणाली की मुख्य सहायक धाराएँ हैं?
(a) कोसी नदी
(b) गंडक नदी
(c) शारदा (काली) नदी
(d) तीस्ता नदी
- सही उत्तर: (b) गंडक नदी
- व्याख्या: नेपाल में सप्तगंडकी नदी प्रणाली सात प्रमुख सहायक नदियों (काली गंडकी, त्रिशूली, बूढ़ी गंडकी, मर्स्यांगदी, सेती, दरौंदी और मादी) से मिलकर बनती है, जिसमें भोटेकोशी त्रिशूली की मुख्य ऊपरी धारा है। तराई क्षेत्र में इसे 'नारायणी' और भारत (बिहार) में प्रवेश करने पर 'गंडक नदी' कहा जाता है।
वास्तविक UPSC PYQ
- Prelims PYQ (UPSC CSE 2015):
प्रश्न: 'हरित जलवायु निधि' (Green Climate Fund) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- यह विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन का सामना करने हेतु अनुकूलन और न्यूनीकरण पद्धतियों में सहायता देने के आशय से बनी है।
- इसे UNEP, OECD, एशियाई विकास बैंक और विश्व बैंक के तत्वावधान में स्थापित किया गया है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1, न ही 2
- सही उत्तर: (a) केवल 1
- व्याख्या: हरित जलवायु कोष (GCF) की स्थापना UNFCCC के कानकुन सम्मेलन (COP16, 2010) में विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन (Adaptation) और शमन (Mitigation) में वित्तीय सहायता देने के लिए की गई थी (कथन 1 सही है)। इसे UNEP, OECD या ADB के संयुक्त तत्वावधान में नहीं, बल्कि सीधे UNFCCC की वित्तीय क्रियाविधि के अंतर्गत स्थापित किया गया है (कथन 2 गलत है)।
- Mains PYQ (UPSC CSE 2021, GS Paper 3, प्रश्न संख्या 12, 15 अंक, 250 शब्द):
प्रश्न: संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क सम्मेलन (UNFCCC) के पक्षकारों के सम्मेलन (COP) के 26वें सत्र के प्रमुख परिणामों का वर्णन कीजिए। इस सम्मेलन में भारत द्वारा की गई प्रतिबद्धताएँ क्या हैं?
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न (Mains Practice)
- नेपाल के लिए FRLD द्वारा 21.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर अस्थायी रूप से अलग किया जाना एक प्रक्रियात्मक उपलब्धि है, किंतु यह वैश्विक जलवायु वित्त की अपर्याप्तता और पहुँच संबंधी चुनौतियों को भी उजागर करता है। आगामी COP31 के संदर्भ में विकासशील देशों के लिए जलवायु न्याय की चुनौतियों का परीक्षण कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द)
स्रोत और संदर्भ
मुख्य परीक्षा आदर्श उत्तर
इस विषय के अभ्यास प्रश्न का शोध-सत्यापित, अंक और शब्द-सीमा के अनुरूप उत्तर अलग पृष्ठ पर पढ़ें।