फॉरेस्ट डिक्लेरेशन असेसमेंट 2026 और बरदा में एशियाई शेरों का विस्तार
2025 में वैश्विक वनों की कटाई घटी, फिर भी दुनिया 2030 के वन लक्ष्यों से बहुत पीछे है। भारत में गुजरात का बरदा वन्यजीव अभयारण्य एशियाई शेरों की नई प्राकृतिक उप-आबादी के रूप में उभरा है—यह संरक्षण सफलता के साथ भौगोलिक जोखिम-विविधीकरण का भी मामला है।
फॉरेस्ट डिक्लेरेशन असेसमेंट 2026
13 अक्टूबर 2026 को जारी Forest Declaration Assessment 2026 के अनुसार 2025 में विश्व ने 7 मिलियन हेक्टेयर से थोड़ा अधिक वन क्षेत्र खोया। यह 2024 की तुलना में लगभग 15% कम था, लेकिन 2030 तक वनों की कटाई रोकने की आवश्यक राह की तुलना में दुनिया अभी भी लगभग 70% ऑफ-ट्रैक है।
रिपोर्ट की बड़ी सीख यह है कि एक वर्ष की गिरावट को संरचनात्मक सफलता नहीं माना जा सकता। कृषि-विस्तार, पशुपालन, कमोडिटी आपूर्ति-श्रृंखला, खनन, आग और भूमि-अधिकार संबंधी कमजोरियाँ अब भी प्रमुख दबाव हैं।
30×30 लक्ष्य
कुनमिंग–मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढाँचे (KMGBF) का लक्ष्य 3 वर्ष 2030 तक पृथ्वी के कम-से-कम 30% स्थलीय, अंतर्देशीय जल, तटीय और समुद्री क्षेत्रों के प्रभावी संरक्षण की दिशा देता है। केवल क्षेत्र घोषित करना पर्याप्त नहीं; प्रबंधन की गुणवत्ता और स्थानीय समुदायों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।
बरदा वन्यजीव अभयारण्य: दूसरा प्राकृतिक केंद्र
- स्थान: गुजरात के पोरबंदर और देवभूमि द्वारका जिलों में, सौराष्ट्र क्षेत्र।
- क्षेत्रफल: लगभग 192.31 वर्ग किमी।
- प्राकृतिक विस्तार: 2023 में गिर परिदृश्य से प्राकृतिक प्रवास के बाद शेरों की स्थायी उपस्थिति मजबूत हुई।
- आबादी: आधिकारिक 2025 जानकारी के अनुसार बरदा में 17 शेर—6 वयस्क और 11 शावक।
एक स्थान पर प्रजाति-संकेंद्रण का जोखिम
गिर परिदृश्य में संरक्षण ने एशियाई शेरों की संख्या बढ़ाई है, पर किसी संकटग्रस्त प्रजाति का अधिकांश भाग एक ही भौगोलिक क्षेत्र में होना महामारी, वनाग्नि, चक्रवात और अन्य आपदाओं के प्रति सामूहिक जोखिम बढ़ाता है। बरदा जैसी उप-आबादी इस जोखिम को कुछ हद तक बाँटती है।
Project Lion का व्यापक उद्देश्य आवास-सुधार, शिकार-आधार, वन्यजीव स्वास्थ्य, गलियारों और मानव–वन्यजीव सहअस्तित्व को मजबूत करना है।
मुख्य परीक्षा हेतु विश्लेषण
अंतर-क्षेत्रीय विस्तार बनाम अंतर-राज्यीय स्थानांतरण
बरदा का विकास गुजरात के भीतर भौगोलिक विकेंद्रीकरण को मजबूत करता है। फिर भी महामारी या बड़े क्षेत्रीय आपदा जोखिम से बचाव के लिए भौगोलिक रूप से स्वतंत्र दूसरी आबादी के पक्ष में वैज्ञानिक तर्क बना रहता है। 2013 में सर्वोच्च न्यायालय ने कुछ एशियाई शेरों के कूनो, मध्य प्रदेश में स्थानांतरण की दिशा में आदेश दिया था; यह बहस अब भी संरक्षण जीवविज्ञान के संदर्भ में प्रासंगिक है।
वनों के लिए नीति संदेश
- कमोडिटी आपूर्ति-श्रृंखलाओं में वनोन्मूलन-मुक्त मानक।
- आदिवासी और स्थानीय समुदायों के वैध भूमि/वन अधिकारों की सुरक्षा।
- संरक्षित क्षेत्र के साथ जैविक गलियारे और परिदृश्य-स्तरीय प्रबंधन।
- उपग्रह निगरानी, आग-प्रबंधन और कॉर्पोरेट ट्रेसबिलिटी।
अभ्यास
प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास
बरदा वन्यजीव अभयारण्य गुजरात के सौराष्ट्र में स्थित है और 2025 तक वहाँ एशियाई शेरों की एक प्रजननशील उप-आबादी स्थापित हो चुकी थी। कथन सही है या गलत?
उत्तर: सही।
मुख्य परीक्षा अभ्यास
“एकल भौगोलिक क्षेत्र में संकटग्रस्त प्रजाति का अत्यधिक संकेंद्रण संरक्षण सफलता और पारिस्थितिक जोखिम—दोनों है।” बरदा में एशियाई शेरों के विस्तार के संदर्भ में विवेचना कीजिए। (150 शब्द, 10 अंक)