RBI का भुवनेश्वर डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान: वित्तीय अवसंरचना की नई सुरक्षा परत
RBI के चौथे data centre, RTGS-NEFT resilience, e-Kuber, cyber training और sovereign financial infrastructure का UPSC के लिए विस्तृत अध्ययन।
26 अक्टूबर 2026
चर्चा में क्यों?
25 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री ने भुवनेश्वर के निकट जटनी स्थित RBI के नए Data Centre और Cybersecurity Training Institute का उद्घाटन किया। यह भारत की डिजिटल वित्तीय अवसंरचना की निरंतरता, साइबर सुरक्षा और तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण है।
मुख्य तथ्य
- परिसर लगभग 18.55 एकड़ में विकसित किया गया और लागत लगभग ₹169 करोड़ बताई गई।
- यह RBI का चौथा डेटा सेंटर है; तीन मौजूदा केंद्र महाराष्ट्र में हैं। भौगोलिक दूरी और अलग seismic zone प्रणालीगत resilience बढ़ाते हैं।
- यहाँ RTGS और NEFT जैसी mission-critical प्रणालियाँ रखी जाएँगी। RBI Governor के अनुसार e-Kuber और अन्य केंद्रीय बैंक अनुप्रयोगों को भी समर्थन मिलेगा।
- Cybersecurity Training Institute RBI के साथ बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थाओं के कर्मचारियों को cybersecurity, AI, big data, quantum और blockchain जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देगा।
- RBI अपनी महत्वपूर्ण infrastructure के लिए third-party cloud पर निर्भर न रहने की रणनीति पर बल दे रहा है।
RTGS, NEFT और e-Kuber
- RTGS: उच्च-मूल्य भुगतान का real-time, gross settlement; प्रत्येक लेनदेन अलग-अलग निपटता है।
- NEFT: RBI संचालित retail payment system; 24×7 उपलब्ध और batches में settlement करता है।
- e-Kuber: RBI का core banking platform, जिसके माध्यम से केंद्र/राज्य सरकारों और बैंकों के साथ केंद्रीय बैंकिंग कार्य किए जाते हैं।
UPSC विश्लेषण
- Operational resilience: वित्तीय प्रणाली में एक ही भौगोलिक क्षेत्र पर निर्भरता घटती है।
- Cyber sovereignty: भुगतान और सरकारी बैंकिंग डेटा की सुरक्षा राष्ट्रीय आर्थिक सुरक्षा से जुड़ती है।
- Systemic risk: RTGS/NEFT जैसी प्रणालियों का downtime पूरे बैंकिंग नेटवर्क में spillover पैदा कर सकता है; इसलिए redundancy, disaster recovery और trained manpower जरूरी हैं।
- नई चुनौती: AI-सक्षम fraud, ransomware, supply-chain attacks और quantum-era cryptography वित्तीय नियामकों के लिए नई क्षमताओं की मांग करते हैं।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए
- RTGS और NEFT RBI संचालित प्रणालियाँ हैं; UPI का संचालन NPCI करता है, जबकि अंतिम settlement RBI infrastructure से जुड़ा है।
- RBI अधिनियम, 1934 केंद्रीय बैंक का मूल कानून है; भुगतान प्रणालियों के विनियमन में Payment and Settlement Systems Act, 2007 महत्वपूर्ण है।
अभ्यास प्रश्न
मुख्य परीक्षा: भारत की तीव्र डिजिटल वित्तीय वृद्धि के संदर्भ में केंद्रीय बैंक की data-centre redundancy और cyber-capacity building को वित्तीय स्थिरता के आवश्यक घटक के रूप में समझाइए। (10 अंक, 150 शब्द)
मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम संबंध
GS-III: भारतीय अर्थव्यवस्था, बैंकिंग/वित्तीय स्थिरता, बुनियादी ढाँचा और साइबर सुरक्षा; GS-II: डिजिटल शासन के संस्थागत आयाम।
प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास
प्रश्न 1. RBI के भुवनेश्वर Data Centre के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह RBI का चौथा data centre है।
- इसका उद्देश्य RTGS और NEFT जैसी mission-critical payment systems की geographical redundancy बढ़ाना है।
- UPI का प्रत्यक्ष संचालन RBI करता है।
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या
उत्तर: (a)। कथन 1 सही—भुवनेश्वर चौथा RBI data centre है। कथन 2 सही—geographical redundancy और disaster recovery इसका प्रमुख उद्देश्य है। कथन 3 गलत—UPI का संचालन NPCI करता है; RBI भुगतान प्रणाली का नियामक/पर्यवेक्षक है।
प्रश्न 2. निम्न में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
1. RTGS — वास्तविक समय में gross settlement
2. NEFT — RBI संचालित electronic fund transfer system
3. e-Kuber — RBI का core banking platform
(a) केवल 1
(b) केवल 1 और 2
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या
उत्तर: (d)। तीनों युग्म सही हैं। RTGS में transactions individual gross basis पर settle होते हैं; NEFT RBI का nationwide fund-transfer system है; e-Kuber RBI का core banking solution है।
स्रोत और संदर्भ
मुख्य परीक्षा आदर्श उत्तर
इस विषय के अभ्यास प्रश्न का शोध-सत्यापित, अंक और शब्द-सीमा के अनुरूप उत्तर अलग पृष्ठ पर पढ़ें।