BPSC · बिहार विशेष · इतिहास
भाग 5: आधुनिक बिहार-III — किसान राजनीति से भारत छोड़ो आंदोलन तक
किसान सभा, समाजवादी राजनीति, सविनय अवज्ञा, 1937 की प्रांतीय सरकार, रामगढ़ अधिवेशन और 1942 की अगस्त क्रांति।
किसान आंदोलनसहजानंद · बकाश्त
1937श्रीकृष्ण सिंह मंत्रिमंडल
1942सात शहीद · आजाद दस्ता
इस भाग में क्या पढ़ना है?
1. किसान आंदोलन और स्वामी सहजानंद सरस्वती
- 1922–23 में मुंगेर में शाह मुहम्मद जुबैर और श्रीकृष्ण सिंह के नेतृत्व में प्रारंभिक किसान सभा बनी।
- 1928 में बिहटा में स्वामी सहजानंद सरस्वती ने किसान संगठन को व्यापक आधार दिया।
- बिहार प्रांतीय किसान सभा: 1929 में सोनपुर के अवसर पर संगठित; स्वामी सहजानंद इसके प्रमुख अध्यक्ष बने।
- अखिल भारतीय किसान सभा: 1936, लखनऊ; प्रथम अध्यक्ष स्वामी सहजानंद सरस्वती।
- बकाश्त आंदोलन: बड़हिया ताल, गया और सारण के विभिन्न क्षेत्रों में बेदखल जोतदार किसानों की जमीन वापसी का संघर्ष; कार्यानंद शर्मा, यदुनंदन शर्मा और राहुल सांकृत्यायन जैसे नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका।
3. सविनय अवज्ञा और नमक सत्याग्रह
- समुद्रतट न होने के बावजूद बिहार में नमकीन मिट्टी से नमक बनाकर कानून तोड़ा गया; चंपारण, सारण और पटना प्रमुख केंद्र बने।
- नखास पिंड, पटना: अप्रैल 1930 के नमक सत्याग्रह का प्रमुख स्थानीय स्थल।
- चौकीदारी कर बंदी: सारण, चंपारण, मुंगेर और शाहाबाद में ग्रामीण प्रतिरोध का शक्तिशाली रूप।
- महिलाओं ने विदेशी वस्त्र और मदिरा दुकानों की पिकेटिंग में सक्रिय भूमिका निभाई; प्रभावती देवी और चंद्रावती देवी जैसे नाम उल्लेखनीय हैं।
4. 1937 का प्रांतीय चुनाव और मंत्रिमंडल
- भारत शासन अधिनियम 1935 के अंतर्गत हुए चुनाव में कांग्रेस ने बिहार विधानसभा में बहुमत प्राप्त किया।
- कांग्रेस द्वारा प्रारंभ में सरकार न बनाने पर मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी।
- 20 जुलाई 1937 को डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस मंत्रिमंडल गठित हुआ; डॉ. अनुग्रह नारायण सिन्हा वित्त सहित प्रमुख जिम्मेदारियों में थे।
- 1939 में द्वितीय विश्वयुद्ध के प्रश्न पर कांग्रेस मंत्रिमंडलों ने इस्तीफा दिया।
5. रामगढ़ कांग्रेस और व्यक्तिगत सत्याग्रह
- 1940 का कांग्रेस अधिवेशन रामगढ़ में हुआ, जो तब अविभाजित बिहार का हिस्सा था; अध्यक्ष मौलाना अबुल कलाम आजाद थे।
- राजेंद्र प्रसाद स्वागत समिति के अध्यक्ष थे।
- बिहार में व्यक्तिगत सत्याग्रह के प्रमुख प्रारंभिक सत्याग्रहियों में श्रीकृष्ण सिंह और अनुग्रह नारायण सिन्हा शामिल थे।
6. भारत छोड़ो आंदोलन, 1942
पटना सचिवालय के सात शहीद
11 अगस्त 1942 को पटना सचिवालय पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का प्रयास कर रहे छात्रों पर गोली चलाई गई। सात छात्र शहीद हुए: उमाकांत प्रसाद सिंह, रामानंद सिंह, सतीश प्रसाद झा, जगतपति कुमार, देवीपद चौधरी, राजेंद्र सिंह और रामगोविंद सिंह। आज सचिवालय के सामने शहीद स्मारक उनकी स्मृति का प्रतीक है।
जयप्रकाश नारायण और आजाद दस्ता
- 9 नवंबर 1942 की दीपावली रात जयप्रकाश नारायण अपने साथियों के साथ हजारीबाग केंद्रीय कारागार से निकले।
- नेपाल की तराई में भूमिगत आजाद दस्ता संगठित किया गया; इसका उद्देश्य औपनिवेशिक संचार और प्रशासनिक तंत्र को बाधित करना था।
- राम मनोहर लोहिया भूमिगत प्रचार और रेडियो गतिविधियों से जुड़े।
- हनुमाननगर की गिरफ्तारी के बाद क्रांतिकारी साथियों ने जेपी और लोहिया को मुक्त कराया।
7. BPSC के पिछले वर्षों के प्रश्न
- 69वीं BPSC (2023): भारत छोड़ो आंदोलन में जयप्रकाश नारायण किस जेल से निकले? उत्तर: हजारीबाग केंद्रीय कारागार।
- 68वीं BPSC (2023): 11 अगस्त 1942 के पटना सचिवालय गोलीकांड में कितने छात्र शहीद हुए? उत्तर: 7।
- 67वीं BPSC पुनर्परीक्षा (2022): अखिल भारतीय किसान सभा के प्रथम अध्यक्ष? उत्तर: स्वामी सहजानंद सरस्वती।
- 67वीं BPSC (2022): 1937 के प्रथम कांग्रेस मंत्रिमंडल के प्रीमियर? उत्तर: डॉ. श्रीकृष्ण सिंह।
- 66वीं BPSC (2020): बिहार प्रांतीय किसान सभा के गठन से जुड़ा प्रमुख नेता? उत्तर: स्वामी सहजानंद सरस्वती।
- 66वीं BPSC पुनर्परीक्षा (2020): नेपाल में आजाद दस्ता से जुड़ा प्रमुख नेता? उत्तर: जयप्रकाश नारायण।
- 65वीं BPSC (2019): 1934 की समाजवादी बैठक में अध्यक्ष? उत्तर: आचार्य नरेंद्र देव।
- 64वीं BPSC (2018): नखास पिंड कहाँ था? उत्तर: पटना।
- 63वीं BPSC (2017): बड़हिया ताल बकाश्त आंदोलन के प्रमुख नेता? उत्तर: कार्यानंद शर्मा।
- 56वीं–59वीं BPSC (2015): बिहार के प्रथम व्यक्तिगत सत्याग्रही? उत्तर: डॉ. श्रीकृष्ण सिंह।
अद्यतन: 5 अक्टूबर 2026
2. बिहार में समाजवादी राजनीति