मॉड्यूल 3: केंद्रीय बजट, आर्थिक सर्वेक्षण, मौद्रिक नीति एवं व्यापार
2024 के मूल परीक्षा-प्रासंगिक तथ्यों को सुरक्षित रखते हुए 2025 और अक्टूबर 2026 तक के बजट, आर्थिक वृद्धि, कर, बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, सार्वजनिक उपक्रम और व्यापार समझौतों की वर्तमान स्थिति जोड़ी गई है।
अक्टूबर 2026 के अति-महत्वपूर्ण अद्यतन
- केंद्रीय बजट 2026-27: कुल व्यय ₹53.47 लाख करोड़, पूंजीगत व्यय ₹12.22 लाख करोड़ और राजकोषीय घाटे का लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product—GDP) का 4.3% है।
- नई GDP श्रृंखला: फरवरी 2026 से राष्ट्रीय खातों का आधार वर्ष 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया गया है।
- वित्त वर्ष 2025-26: नई श्रृंखला के अनंतिम अनुमान में वास्तविक GDP वृद्धि 7.7%; वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में वृद्धि 7.8% रही।
- मुद्रास्फीति: अगस्त 2026 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index—CPI) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति 4.82%; CPI का नया आधार वर्ष 2024=100 है।
- भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India—RBI): 5 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रेपो दर 5.25%, स्थायी जमा सुविधा 5.00%, सीमांत स्थायी सुविधा और बैंक दर 5.50%, नकद आरक्षित अनुपात 3.00% और सांविधिक तरलता अनुपात 18.00% है।
- आयकर: 2025-26 में नई कर व्यवस्था के स्लैब व्यापक रूप से बदले; ₹12 लाख तक सामान्य आय पर धारा 87A की छूट से शून्य कर और वेतनभोगी के लिए ₹75,000 मानक कटौती के कारण प्रभावी सीमा ₹12.75 लाख। आयकर अधिनियम, 2025 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी है।
- भारत की वैश्विक स्थिति: भारत 2025 में जापान को पीछे छोड़कर विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना।
- महारत्न/नवरत्न: नवीनतम उपलब्ध सरकारी सूची में 14 महारत्न और 26 नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम हैं; हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड 14वाँ महारत्न बना।
इस मॉड्यूल में क्या पढ़ना है?
1. केंद्रीय बजट 2024-25 — मूल परीक्षा तथ्य
23 जुलाई 2024 को प्रस्तुत पूर्ण केंद्रीय बजट के प्रमुख वित्तीय संकेतक BPSC के लिए अभी भी महत्वपूर्ण हैं।
| संकेतक | बजट 2024-25 | परीक्षा तथ्य |
|---|---|---|
| कुल व्यय | ₹48.21 लाख करोड़ | उधारियों को छोड़कर कुल प्राप्तियाँ लगभग ₹32.07 लाख करोड़ अनुमानित। |
| पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure—CapEx) | ₹11.11 लाख करोड़ | GDP का लगभग 3.4%; रेलवे, सड़क, ऊर्जा और अन्य अवसंरचना पर विशेष बल। |
| राजकोषीय घाटा | GDP का 4.9% | वित्तीय समेकन का लक्ष्य आगे 2025-26 में 4.5% से नीचे लाना था। |
| राजस्व घाटा | GDP का लगभग 1.8% | राजस्व व्यय और राजस्व प्राप्तियों का अंतर। |
| प्राथमिक घाटा | GDP का लगभग 1.4% | राजकोषीय घाटा − ब्याज भुगतान। |
गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी
बजट में इन चार समूहों पर विशेष बल दिया गया। परीक्षा तैयारी में इन्हें अक्सर GYAN स्मरण-संकेत से जोड़ा जाता है—गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी। युवाओं के रोजगार-कौशल पैकेज, प्राकृतिक खेती, उच्च उपज वाली किस्में और महिला-केंद्रित योजनाएँ इसके प्रमुख घटक थे।
2024-25 की 9 प्राथमिकताएँ
- कृषि में उत्पादकता और लचीलापन
- रोजगार और कौशल
- समावेशी मानव संसाधन विकास और सामाजिक न्याय
- विनिर्माण और सेवाएँ
- शहरी विकास
- ऊर्जा सुरक्षा
- अवसंरचना
- नवाचार, अनुसंधान एवं विकास
- अगली पीढ़ी के सुधार
2. बजट 2025-26 से बजट 2026-27 तक
वित्त वर्ष 2025-26 — संशोधित स्थिति
2026-27 का बजट प्रस्तुत करते समय वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमानों में कुल व्यय लगभग ₹49.6 लाख करोड़, पूंजीगत व्यय लगभग ₹11 लाख करोड़ और राजकोषीय घाटा GDP का 4.4% रखा गया। इस प्रकार 4.5% से नीचे लाने का पूर्व वित्तीय समेकन लक्ष्य पूरा हुआ।
केंद्रीय बजट 2026-27 — नवीनतम वित्तीय आँकड़े
| संकेतक | बजट अनुमान 2026-27 |
|---|---|
| कुल व्यय | ₹53.47 लाख करोड़ |
| उधारियों को छोड़कर प्राप्तियाँ | लगभग ₹36.5 लाख करोड़ |
| केंद्र की निवल कर प्राप्तियाँ | लगभग ₹28.7 लाख करोड़ |
| सरकारी पूंजीगत व्यय | ₹12.22 लाख करोड़ — GDP का लगभग 3.1% |
| प्रभावी पूंजीगत व्यय | ₹17.15 लाख करोड़ — GDP का लगभग 4.4% |
| राजकोषीय घाटा | GDP का 4.3% |
| राजस्व घाटा | GDP का 1.5% |
| प्राथमिक घाटा | GDP का 0.7% |
| केंद्र सरकार ऋण/GDP | 55.6% |
| राज्यों को कर हस्तांतरण | ₹15.26 लाख करोड़ |
परीक्षा बिंदु: 2024-25 में राजकोषीय घाटा 4.9% था; 2025-26 संशोधित अनुमान 4.4% और 2026-27 बजट अनुमान 4.3% है। क्रम याद रखें।
3. केंद्रीय बजट 2024-25 में बिहार के लिए विशेष आर्थिक एवं अवसंरचना पैकेज
सड़क एवं एक्सप्रेसवे — ₹26,000 करोड़
- पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे
- बक्सर–भागलपुर एक्सप्रेसवे
- बोधगया–राजगीर–वैशाली–दरभंगा संपर्क मार्ग
- बक्सर में गंगा नदी पर अतिरिक्त 2-लेन पुल
पीरपैंती ताप विद्युत परियोजना
2024 के बजट में भागलपुर जिले के पीरपैंती में 2,400 मेगावाट की नई ताप विद्युत परियोजना के लिए लगभग ₹21,400 करोड़ का उल्लेख था। बाद में बिहार सरकार ने शुल्क-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से परियोजना विकसित करने का निर्णय लिया और अदाणी पावर लिमिटेड 2,400 मेगावाट परियोजना के लिए चयनित हुई। 6 अगस्त 2025 को आशय-पत्र जारी हुआ; 2026 में परियोजना के पूर्व-निर्माण एवं वैधानिक स्वीकृति संबंधी कार्य आगे बढ़े।
कोसी–मेची अंतर्राज्यीय नहीं, अंतर-राज्यीय नहीं: बिहार के भीतर की लिंक परियोजना
कोसी–मेची अंतःराज्यीय लिंक परियोजना को मार्च 2025 में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना–त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (Pradhan Mantri Krishi Sinchayi Yojana–Accelerated Irrigation Benefit Programme—PMKSY-AIBP) में शामिल किया गया। अनुमानित लागत ₹6,282.32 करोड़ और केंद्रीय सहायता ₹3,652.56 करोड़ है। जुलाई 2026 तक शेष कार्य की लागत ₹6,143.22 करोड़ के संदर्भ में केंद्रीय सहायता जारी ढाँचे के तहत थी; परियोजना का लक्ष्य मार्च 2029 है। इससे अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार में सिंचाई लाभ अपेक्षित है।
पर्यटन एवं धार्मिक अवसंरचना
- विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर, गया
- महाबोधि मंदिर कॉरिडोर, बोधगया
- राजगीर का समग्र धार्मिक एवं पर्यटन विकास
- नालंदा को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर बल
4. आयकर — 2024 से 2026 तक बदलाव
बजट 2024-25 की नई कर व्यवस्था
| कर योग्य आय | दर |
|---|---|
| ₹0–3 लाख | शून्य |
| ₹3–7 लाख | 5% |
| ₹7–10 लाख | 10% |
| ₹10–12 लाख | 15% |
| ₹12–15 लाख | 20% |
| ₹15 लाख से अधिक | 30% |
इसी बजट में वेतनभोगियों के लिए मानक कटौती ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 और पारिवारिक पेंशन कटौती ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 की गई थी।
बजट 2025-26 — व्यापक स्लैब परिवर्तन
| कर योग्य आय | नई दर |
|---|---|
| ₹0–4 लाख | शून्य |
| ₹4–8 लाख | 5% |
| ₹8–12 लाख | 10% |
| ₹12–16 लाख | 15% |
| ₹16–20 लाख | 20% |
| ₹20–24 लाख | 25% |
| ₹24 लाख से अधिक | 30% |
- नई कर व्यवस्था में सामान्य आय पर धारा 87A की छूट के कारण ₹12 लाख तक कर देय नहीं।
- वेतनभोगी करदाता के लिए ₹75,000 की मानक कटौती जोड़ने पर शून्य कर की प्रभावी आय सीमा ₹12.75 लाख।
2026 का प्रमुख बदलाव
आयकर अधिनियम, 2025 (Income-tax Act, 2025) 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हुआ। इसका उद्देश्य पुरानी आयकर विधि को सरल संरचना, सरल भाषा और कम जटिल अनुपालन ढाँचे से प्रतिस्थापित करना है।
5. आर्थिक सर्वेक्षण एवं प्रमुख मैक्रो-आर्थिक संकेतक
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26
- सर्वेक्षण ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रारंभिक वास्तविक GDP वृद्धि 7.4% बताई थी और वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 6.8%–7.2% की वृद्धि का अनुमान दिया।
- अप्रैल–दिसंबर 2025 में औसत खुदरा मुद्रास्फीति लगभग 1.7% रही।
- सितंबर 2025 में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (Gross Non-Performing Assets—GNPA) अनुपात बहुदशकीय निम्न स्तर लगभग 2.2% पर था।
फरवरी–जून 2026: GDP श्रृंखला का बड़ा बदलाव
- राष्ट्रीय खातों का आधार वर्ष 2011-12 से 2022-23 किया गया।
- नई श्रृंखला के जून 2026 अनंतिम अनुमान में वित्त वर्ष 2025-26 की वास्तविक GDP वृद्धि 7.7% और नाममात्र GDP लगभग ₹346.36 लाख करोड़ रही।
- वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में वास्तविक GDP वृद्धि 7.8% रही।
मुद्रास्फीति सूचकांकों के नए आधार वर्ष
- उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index—CPI): आधार वर्ष 2024=100; अगस्त 2026 खुदरा मुद्रास्फीति 4.82%।
- उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (Consumer Food Price Index—CFPI): अगस्त 2026 खाद्य मुद्रास्फीति 5.95%।
- थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index—WPI): आधार वर्ष 2022-23; अगस्त 2026 मुद्रास्फीति 9.92%।
भारत की अर्थव्यवस्था का वैश्विक स्थान
भारत 2025 में जापान को पीछे छोड़कर नाममात्र GDP के आधार पर विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना। इसलिए पुराने नोट्स में “पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था” वाला तथ्य अब ऐतिहासिक संदर्भ है।
विदेशी मुद्रा भंडार
सितंबर 2026 के आरंभ में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 785.7 अरब अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा; उसके बाद RBI के बाजार हस्तक्षेप और परिसंपत्ति मूल्यांकन के कारण साप्ताहिक उतार-चढ़ाव हुआ।
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश
वित्त वर्ष 2025-26 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश इक्विटी प्रवाह (Foreign Direct Investment Equity Inflow—FDI Equity Inflow) लगभग 58.85 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। सिंगापुर लगभग 19.8 अरब डॉलर के साथ सबसे बड़ा स्रोत देश रहा। राज्यवार महाराष्ट्र प्रथम और कर्नाटक द्वितीय; क्षेत्रवार कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर तथा सेवा क्षेत्र प्रमुख रहे।
6. भारतीय रिज़र्व बैंक, बैंकिंग एवं डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना
5 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी मौद्रिक दरें
| दर/अनुपात | वर्तमान स्तर | अर्थ |
|---|---|---|
| रेपो दर | 5.25% | जिस दर पर वाणिज्यिक बैंक RBI से अल्पावधि धन लेते हैं। |
| स्थायी जमा सुविधा (Standing Deposit Facility—SDF) | 5.00% | बिना संपार्श्विक के अतिरिक्त तरलता अवशोषित करने की सुविधा। |
| सीमांत स्थायी सुविधा (Marginal Standing Facility—MSF) | 5.50% | बैंकों के लिए आपातकालीन ओवरनाइट उधारी। |
| बैंक दर | 5.50% | RBI की दीर्घतर नीति-संदर्भ दरों में से एक। |
| नकद आरक्षित अनुपात (Cash Reserve Ratio—CRR) | 3.00% | बैंकों की शुद्ध मांग और समय देनदारियों का RBI के पास नकद रखा जाने वाला हिस्सा। |
| सांविधिक तरलता अनुपात (Statutory Liquidity Ratio—SLR) | 18.00% | निर्धारित तरल परिसंपत्तियों में रखा जाने वाला न्यूनतम अनुपात। |
अक्टूबर 2026 की मौद्रिक नीति समिति की बैठक 5–7 अक्टूबर को निर्धारित है; इसलिए 5 अक्टूबर तक नवीनतम प्रभावी निर्णय अगस्त 2026 वाला 5.25% रेपो दर है।
गैर-निष्पादित परिसंपत्तियाँ
- आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का GNPA सितंबर 2025 में लगभग 2.2% के बहुदशकीय निम्न स्तर पर बताया गया।
- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (Public Sector Banks—PSBs) में 31 मार्च 2026 को GNPA 1.93% और शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्ति 0.39% रही।
डिजिटल रुपया
RBI का केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (Central Bank Digital Currency—CBDC) पायलट खुदरा डिजिटल रुपया और थोक डिजिटल रुपया दोनों रूपों में जारी है; उपयोग के नए क्षेत्र, ऑफलाइन कार्यक्षमता और प्रोग्रामेबल भुगतान जैसे प्रयोग बढ़ाए गए हैं।
एकीकृत भुगतान इंटरफेस
- एकीकृत भुगतान इंटरफेस (Unified Payments Interface—UPI) जुलाई 2026 में लगभग 2,365.8 करोड़ लेनदेन और ₹29.87 लाख करोड़ मूल्य तक पहुँचा।
- सितंबर 2026 तक UPI स्वीकृति अथवा सीमा-पार प्रेषण के रूप में 11 विदेशी देशों में सक्रिय था।
- प्रमुख देशों में भूटान, नेपाल, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, श्रीलंका, मॉरीशस, कतर, कंबोडिया, ग्रीस और मालदीव शामिल हैं।
7. महारत्न एवं नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम
केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (Central Public Sector Enterprises—CPSEs) की नवीनतम उपलब्ध सरकारी सूची में 14 महारत्न और 26 नवरत्न हैं।
14 महारत्न CPSEs
- भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड
- भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड
- कोल इंडिया लिमिटेड
- गेल (इंडिया) लिमिटेड
- हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड
- इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड
- एनटीपीसी लिमिटेड
- ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड
- पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन
- पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड
- स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड
- आरईसी लिमिटेड
- ऑयल इंडिया लिमिटेड
- हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड
महत्वपूर्ण बदलाव: ऑयल इंडिया लिमिटेड 13वीं महारत्न बनी थी; अक्टूबर 2024 में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को महारत्न दर्जा मिलने से संख्या 14 हो गई।
नवरत्न विस्तार
2024–25 में भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी, रेलटेल, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, राष्ट्रीय उर्वरक लिमिटेड, राष्ट्रीय जलविद्युत ऊर्जा निगम, सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, सतलुज जल विद्युत निगम, सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स जैसे कई उपक्रमों को नवरत्न दर्जा मिला/सूची में शामिल किया गया। कुल संख्या 26 तक पहुँची।
8. नवीन मुक्त व्यापार समझौते एवं आर्थिक गलियारे
भारत–यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौता
- हस्ताक्षर: 10 मार्च 2024।
- प्रभावी: 1 अक्टूबर 2025।
- यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (European Free Trade Association—EFTA): स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन।
- 15 वर्षों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार की निवेश-संबद्ध प्रतिबद्धता।
2025–26 में भारत का विस्तारित व्यापार समझौता नेटवर्क
| समझौता | स्थिति अक्टूबर 2026 तक |
|---|---|
| भारत–EFTA व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौता | 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी |
| भारत–ओमान व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (Comprehensive Economic Partnership Agreement—CEPA) | 18 दिसंबर 2025 को हस्ताक्षर; 1 जून 2026 से प्रभावी |
| भारत–यूनाइटेड किंगडम व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (Comprehensive Economic and Trade Agreement—CETA) | 24 जुलाई 2025 को हस्ताक्षर; 15 जुलाई 2026 से प्रभावी |
| भारत–न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौता | 27 अप्रैल 2026 को हस्ताक्षर; अनुसमर्थन प्रक्रिया में |
| भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता | 27 जनवरी 2026 को वार्ता निष्कर्ष की घोषणा; औपचारिक हस्ताक्षर हेतु आवश्यक प्रक्रियाएँ जारी |
भारत–मध्य पूर्व–यूरोप आर्थिक गलियारा
भारत–मध्य पूर्व–यूरोप आर्थिक गलियारा (India–Middle East–Europe Economic Corridor—IMEC) की घोषणा सितंबर 2023 के नई दिल्ली समूह-20 शिखर सम्मेलन में हुई। इसका उद्देश्य भारत को समुद्री और रेल संपर्क के माध्यम से संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और यूरोप से जोड़ना है।
9. पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण BPSC प्रश्न
उत्तर: वित्त मंत्रालय। मौद्रिक नीति RBI के अधीन होती है।
उत्तर: बजट की 7 प्राथमिकताओं से।
उत्तर: 1 जुलाई 2017।
उत्तर: उधारी सस्ती होने और प्रणालीगत तरलता/ऋण विस्तार को प्रोत्साहन मिलने की संभावना बढ़ती है।
उत्तर: सिंगापुर। वित्त वर्ष 2025-26 में भी सिंगापुर सबसे बड़ा स्रोत देश रहा।
उत्तर: उस समय 2011-12। वर्तमान अद्यतन: फरवरी 2026 से GDP श्रृंखला का आधार वर्ष 2022-23 है।
उत्तर: सेवा क्षेत्र।
उत्तर: राजकोषीय घाटा − ब्याज भुगतान।
उत्तर: क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड।
उत्तर: डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन। उन्हें 2024 में मरणोपरांत भारत रत्न दिया गया।
10. परीक्षा अभ्यास
उत्तर: 4.3%।
उत्तर: 2022-23।
उत्तर: 4.82%।
उत्तर: 5.25%।
उत्तर: 1 अक्टूबर 2025।
उत्तर: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड।
उत्तर: सिंगापुर।
उत्तर: 30%।
अद्यतन: 5 अक्टूबर 2026