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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 50

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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981–1000 / 4666 प्रश्न

प्रश्न-संग्रह

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विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिदिसंबर 1919 में आयोजित 'अमृतसर कांग्रेस अधिवेशन' (Amritsar Session of INC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिवेशन की अध्यक्…

दिसंबर 1919 में आयोजित 'अमृतसर कांग्रेस अधिवेशन' (Amritsar Session of INC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिवेशन की अध्यक्षता पंडित मोतीलाल नेहरू ने की थी। 2. अधिवेशन में जलियांवाला बाग के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और ब्रिटिश सरकार के अत्याचारों की कड़ी भर्त्सना की गई। 3. गांधीजी ने भीड़ द्वारा की गई हिंसा (अमृतसर और गुजरात में पांच अंग्रेजों की हत्या) की भी खुलकर निंदा की और कांग्रेस से आत्म-मंथन का प्रस्ताव पारित कराया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। अमृतसर अधिवेशन में मोतीलाल नेहरू अध्यक्ष थे। गांधीजी ने जहां सरकारी बर्बरता की निंदा की, वहीं भारतीय जनता द्वारा की गई हिंसा की भी निंदा करने का साहस दिखाया, जिससे स्पष्ट हुआ कि उनका आंदोलन नैतिक शुचिता पर आधारित है।

BPSC विगत वर्ष • इतिहास और संस्कृति • 2022दूसरी शताब्दी ईस्वी के संस्कृत शिलालेख के अनुसार कृत्रिम जलाशय सुदर्शन झील की मरम्मत किसने कराई?
दूसरी शताब्दी ईस्वी के संस्कृत शिलालेख के अनुसार कृत्रिम जलाशय सुदर्शन झील की मरम्मत किसने कराई?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) रुद्रदामन

व्याख्या

  • जूनागढ़ अभिलेख में पश्चिमी क्षत्रप शासक रुद्रदामन द्वारा सुदर्शन झील की मरम्मत का उल्लेख है।
विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिदेवबंद स्कूल से जुड़े महमूद-उल-हसन और मौलाना अबुल कलाम आजाद के विचारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. महमूद-उल-हसन ने इस्लामी …

देवबंद स्कूल से जुड़े महमूद-उल-हसन और मौलाना अबुल कलाम आजाद के विचारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. महमूद-उल-हसन ने इस्लामी सिद्धांतों को भारतीय राष्ट्रवाद और स्वतंत्रता संग्राम के साथ जोड़ने का प्रयास किया। 2. 1919 में देवबंद के राष्ट्रवादियों ने 'जमीयत-उल-उलेमा-ए-हिंद' की स्थापना की। 3. मौलाना अबुल कलाम आजाद ने 1912 में 'अल-हिलाल' (Al-Hilal) नामक क्रांतिकारी उर्दू पत्रिका निकाली, जिसने राष्ट्रवादी मुसलमानों को कांग्रेस से जोड़ा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। महमूद-उल-हसन ने राष्ट्रीय आंदोलन का समर्थन किया। 1919 में जमीयत-उल-उलेमा-ए-हिंद बनी। मौलाना आजाद ने 1912 में 'अल- हिलाल' द्वारा मुस्लिम जनमानस में राष्ट्रवादी चेतना जगाई।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिद्वितीय आंग्ल-अफगान युद्ध (1878–1880) और मई 1879 की 'गंडमक की संधि' (Treaty of Gandamak) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अमीर श…

द्वितीय आंग्ल-अफगान युद्ध (1878–1880) और मई 1879 की 'गंडमक की संधि' (Treaty of Gandamak) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अमीर शेर अली के रूसी शिष्टमंडल का स्वागत करने किंतु ब्रिटिश दूत (नेविल चेम्बरलेन) को रोकने पर लिटन ने युद्ध की घोषणा की। 2. गंडमक की संधि शेर अली के पुत्र याकूब खान और अंग्रेजों (कैवाग्नारी) के बीच हुई थी। 3. संधि के तहत अमीर ने अपने विदेशी मामलों को अंग्रेजों के अधीन सौंप दिया और काबुल में एक ब्रिटिश रेजीडेंट रखना स्वीकार किया। 4. संधि के कुछ ही महीनों बाद अफगानों ने ब्रिटिश रेजीडेंट लुई कैवाग्नारी की काबुल में हत्या कर दी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

चारों कथन सही हैं। लिटन ने 1878 में युद्ध शुरू किया। याकूब खान से 1879 में गंडमक संधि हुई जिसमें विदेश नीति अंग्रेजों को मिली और रेजीडेंट कैवाग्नारी काबुल बैठा, किंतु सितंबर 1879 में अफगानों ने कैवाग्नारी की हत्या कर दी।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिद्वितीय आंग्ल-बर्मा युद्ध (1852) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह युद्ध पूरी तरह से लॉर्ड डलहौजी की साम्राज्यवादी विस्तार नीत…

द्वितीय आंग्ल-बर्मा युद्ध (1852) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह युद्ध पूरी तरह से लॉर्ड डलहौजी की साम्राज्यवादी विस्तार नीति और ब्रिटिश व्यापारियों के वाणिज्यिक हितों का परिणाम था। 2. कमोडोर लैम्बर्ट (Commodore Lambert) ने एक बर्मी शाही जहाज को जब्त कर युद्ध का बहाना तैयार किया। 3. युद्ध के अंत में डलहौजी ने बिना किसी औपचारिक संधि के 'पेगू' (निचला बर्मा / Lower Burma) को ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1852 में डलहौजी ने ब्रिटिश व्यापारियों के विवाद को बहाना बनाकर कमोडोर लैम्बर्ट को भेजा। युद्ध के बाद डलहौजी ने एकतरफा घोषणा द्वारा पेगू (निचला बर्मा) को ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिद्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध (1803–1805) के दौरान लड़े गए प्रमुख युद्धों और उनसे जुड़ी संधियों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. अ…

द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध (1803–1805) के दौरान लड़े गए प्रमुख युद्धों और उनसे जुड़ी संधियों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. असाई (Assaye) एवं अरगांव का युद्ध: आर्थर वेलेजली द्वारा भोंसले और सिंधिया की पराजय 2. देवगांव की संधि (Treaty of Deogaon - 1803): भोंसले द्वारा सहायक संधि स्वीकार करना (कटक अंग्रेजों को मिला) 3. सुरजी-अर्जुनगांव की संधि (1803): दौलतराव सिंधिया द्वारा गंगा-यमुना दोआब और दिल्ली-आगरा क्षेत्र अंग्रेजों को सौंपना उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों युग्म सही सुमेलित हैं। आर्थर वेलेजली ने सितंबर 1803 में असाई और नवंबर 1803 में अरगांव में सिंधिया-भोंसले को हराया। दिसंबर 1803 में भोंसले ने देवगांव की संधि कर कटक अंग्रेजों को दिया, और सिंधिया ने सुरजी-अर्जुनगांव की संधि कर गंगा-यमुना दोआब, दिल्ली और आगरा अंग्रेजों को सौंप दिए।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिद्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध के अंतिम चरण में यशवंतराव होल्कर के प्रतिरोध और राजघाट की संधि (1805) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1.…

द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध के अंतिम चरण में यशवंतराव होल्कर के प्रतिरोध और राजघाट की संधि (1805) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. होल्कर ने कर्नल मॉनसन की ब्रिटिश सेना को मुकुंदरा दर्रे में करारी शिकस्त दी थी। 2. लॉर्ड लेक भरतपुर के जाट राजा के किले को जीतने में असफल रहा, जिसने होल्कर को शरण दी थी। 3. लॉर्ड वेलेजली के इंग्लैंड वापस बुलाए जाने के बाद सर जॉर्ज बारलो ने जनवरी 1806 में होल्कर के साथ 'राजघाट की संधि' कर शांति स्थापित की। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। यशवंतराव होल्कर ने अकेले अंग्रेजों का मुकाबला किया और कर्नल मॉनसन को हराया। लॉर्ड लेक भरतपुर के किले को नहीं जीत सका। वेलेजली के आक्रामक खर्चों से घबराकर कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स ने उसे वापस बुला लिया और जॉर्ज बारलो ने जनवरी 1806 में राजघाट की संधि कर होल्कर को उसके क्षेत्र लौटा दिए।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिद्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध (1780–1784) के छिड़ने के मुख्य कारणों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल थे? 1. 1771 में जब मराठों ने मैसूर पर आक्रमण क…

द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध (1780–1784) के छिड़ने के मुख्य कारणों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल थे? 1. 1771 में जब मराठों ने मैसूर पर आक्रमण किया, तो अंग्रेजों ने 1769 की मद्रास संधि का उल्लंघन करते हुए हैदर अली की कोई मदद नहीं की। 2. अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम (1775-83) में फ्रांस द्वारा अमेरिका का साथ देने के कारण भारत में भी आंग्ल-फ्रांसीसी शत्रुता भड़क उठी। 3. अंग्रेजों ने हैदर अली के क्षेत्राधिकार में स्थित फ्रांसीसी व्यापारिक केंद्र 'माहे' (Mahe) पर आक्रमण कर उस पर कब्जा कर लिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कारण सही हैं। 1771 में पेशवा माधवराव के हमले पर अंग्रेजों ने हैदर अली की कोई मदद नहीं की (मद्रास संधि का उल्लंघन)। अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम के कारण भारत में फ्रांसीसी बस्तियों पर हमले हुए और जब अंग्रेजों ने हैदर के अधीन माहे बंदरगाह पर कब्जा किया, तो द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध छिड़ गया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिद्वितीय आंग्ल-सिख युद्ध (1848–1849) के आरंभ के तात्कालिक कारणों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल थे? 1. मुल्तान के गवर्नर मूलराज (Diwan Mulraj)…

द्वितीय आंग्ल-सिख युद्ध (1848–1849) के आरंभ के तात्कालिक कारणों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल थे? 1. मुल्तान के गवर्नर मूलराज (Diwan Mulraj) का विद्रोह और दो युवा ब्रिटिश अधिकारियों (वैंस एग्न्यू और लेफ्टिनेंट एंडरसन) की हत्या। 2. हजारा के सिख सूबेदार चतर सिंह अटारीवाला और उनके पुत्र शेर सिंह का खुला विद्रोह। 3. लॉर्ड डलहौजी की साम्राज्यवादी महत्वाकांक्षा, जिसने इस स्थानीय विद्रोह को पूरे पंजाब के विरुद्ध युद्ध का बहाना बना लिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। मुल्तान के दीवान मूलराज द्वारा दो अंग्रेज अधिकारियों की हत्या, हजारा में चतर सिंह व शेर सिंह का विद्रोह, तथा डलहौजी की पंजाब को हड़पने की पहले से बनी साम्राज्यवादी योजना द्वितीय आंग्ल-सिख युद्ध का कारण बनी।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिद्वितीय आंग्ल-सिख युद्ध के दौरान लड़े गए तीन प्रमुख युद्धों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. रामनगर का युद्ध (नवंबर 1848): अनि…

द्वितीय आंग्ल-सिख युद्ध के दौरान लड़े गए तीन प्रमुख युद्धों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. रामनगर का युद्ध (नवंबर 1848): अनिर्णायक युद्ध जिसमें ब्रिटिश सेनापति क्योरटन मारा गया 2. चिलियांवाला का युद्ध (जनवरी 1849): शेर सिंह के नेतृत्व में सिखों ने ब्रिटिश सेना को भारी क्षति पहुंचाई और गफ को भारी नुकसान हुआ 3. गुजरात का युद्ध (फरवरी 1849): 'तोपों का युद्ध' (Battle of Guns) जिसमें चार्ल्स नेपियर के नेतृत्व में सिखों की निर्णायक पराजय हुई उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 3 गलत है क्योंकि गुजरात के युद्ध में ब्रिटिश सेना का नेतृत्व सर चार्ल्स नेपियर ने नहीं, बल्कि सर ह्यू गफ ने किया था (यद्यपि नेपियर को बाद में भेजा गया था)। कथन 1 और 2 सही सुमेलित हैं (रामनगर अनिर्णायक था और चिलियांवाला में गफ को भारी नुकसान हुआ)।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिद्वितीय कर्नाटक युद्ध (1749–1754) का मुख्य कारण क्या था?

द्वितीय कर्नाटक युद्ध (1749–1754) का मुख्य कारण क्या था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (b) सही है। द्वितीय कर्नाटक युद्ध (1749-54) भारतीय देशी राजनीति में विदेशी हस्तक्षेप का परिणाम था। हैदराबाद में निज़ाम की मृत्यु के बाद नासिर जंग और मुजफ्फर जंग में, तथा कर्नाटक में अनवरुद्दीन और चंदा साहिब में विवाद था। फ्रांसीसियों (डुप्ले) ने मुजफ्फर जंग व चंदा साहिब का समर्थन किया, जबकि अंग्रेजों ने नासिर जंग व अनवरुद्दीन का साथ दिया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिद्वितीय कर्नाटक युद्ध के दौरान घटित अंबर के युद्ध (Battle of Ambur - 1749) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मुजफ्फर जंग, चंदा सा…

द्वितीय कर्नाटक युद्ध के दौरान घटित अंबर के युद्ध (Battle of Ambur - 1749) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मुजफ्फर जंग, चंदा साहिब और फ्रांसीसी सेना (डुप्ले) के त्रिगुट ने कर्नाटक के नवाब अनवरुद्दीन को पराजित कर मार डाला। 2. अनवरुद्दीन का पुत्र मुहम्मद अली भागकर त्रिचनापल्ली (Trichinopoly) के दुर्ग में शरणार्थी बना। 3. इस युद्ध के बाद चंदा साहिब कर्नाटक का नवाब बना और उसने फ्रांसीसियों को पांडिचेरी के आसपास के 80 गांव प्रदान किए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। अगस्त 1749 में अंबर के युद्ध में फ्रांसीसी सहायता से चंदा साहिब ने अनवरुद्दीन को हरा दिया और मार डाला। अनवरुद्दीन का बेटा मुहम्मद अली त्रिचनापल्ली भाग गया। चंदा साहिब नवाब बना और उसने पांडिचेरी के पास 80 गांव फ्रांसीसियों को दिए।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिद्वैध शासन काल (1765–1772) के दौरान बंगाल की अर्थव्यवस्था और समाज पर पड़े प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भू-राजस्व की…

द्वैध शासन काल (1765–1772) के दौरान बंगाल की अर्थव्यवस्था और समाज पर पड़े प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भू-राजस्व की अत्यधिक और क्रूर वसूली के कारण कृषि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। 2. कंपनी के कर्मचारियों के निजी व्यापार और एकाधिकारवादी नीतियों ने बंगाल के पारंपरिक हथकरघा और रेशम उद्योग को तबाह कर दिया। 3. 1770 में बंगाल में एक भीषण अकाल पड़ा, जिसमें अनुमानतः बंगाल की एक-तिहाई जनसंख्या भुखमरी से काल-कवलित हो गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। द्वैध शासन ने बंगाल को विनाश के कगार पर पहुंचा दिया। किसानों से जबरन अधिकतम राजस्व वसूला गया, बुनकरों को कम कीमत पर काम करने के लिए प्रताड़ित किया गया और 1770 के भीषण अकाल में बंगाल की लगभग एक-तिहाई आबादी भूख से मर गई, फिर भी कंपनी ने क्रूरता से लगान वसूला।

BPSC विगत वर्ष • इतिहास और संस्कृति • 2022नगरों में असहयोग आंदोलन के संबंध में कौन-से कथन सही नहीं हैं? 1. केवल उच्च जाति और धनी लोगों ने भाग लिया 2. मद्रास में जस्टिस पार्टी ने भी परिषद …
नगरों में असहयोग आंदोलन के संबंध में कौन-से कथन सही नहीं हैं? 1. केवल उच्च जाति और धनी लोगों ने भाग लिया 2. मद्रास में जस्टिस पार्टी ने भी परिषद चुनावों का बहिष्कार किया 3. हजारों विद्यार्थियों ने सरकारी संस्थाएँ छोड़ीं, शिक्षक और वकील भी आंदोलन से जुड़े
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) केवल 1 और 2

व्याख्या

  • कथन 1 और 2 गलत हैं; आंदोलन का सामाजिक आधार व्यापक था और जस्टिस पार्टी ने परिषद चुनावों का बहिष्कार नहीं किया।
विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिनवंबर 1801 में अवध के नवाब सआदत अली खान पर वेलेजली द्वारा थोपी गई सहायक संधि के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

नवंबर 1801 में अवध के नवाब सआदत अली खान पर वेलेजली द्वारा थोपी गई सहायक संधि के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। नवंबर 1801 में वेलेजली ने अवध के नवाब सआदत अली खान पर दबाव डालकर संधि की, जिसके तहत अवध को अपनी सेना घटाने और ब्रिटिश सेना के खर्च के लिए रुहेलखंड, गोरखपुर और निचले दोआब का उपजाऊ इलाका अंग्रेजों को सौंपना पड़ा।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिनवंबर 1936 में त्रावणकोर के महाराजा चिथिरा थिरुनल द्वारा जारी की गई 'मंदिर प्रवेश उद्घोषणा' (Temple Entry Proclamation, 1936) का ऐतिहासिक महत्व क…

नवंबर 1936 में त्रावणकोर के महाराजा चिथिरा थिरुनल द्वारा जारी की गई 'मंदिर प्रवेश उद्घोषणा' (Temple Entry Proclamation, 1936) का ऐतिहासिक महत्व क्या था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। नवंबर 1936 में त्रावणकोर के महाराजा ने ऐतिहासिक 'मंदिर प्रवेश उद्घोषणा' जारी की, जिससे सभी सरकारी मंदिर सभी जातियों के हिंदुओं के लिए खोल दिए गए। गांधीजी ने इसे आधुनिक युग का चमत्कार बताया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिनवाब सिराजुद्दौला और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच तनाव के मुख्य कारणों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल थे? 1. कंपनी द्वारा 1717 के शाही फर…

नवाब सिराजुद्दौला और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच तनाव के मुख्य कारणों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल थे? 1. कंपनी द्वारा 1717 के शाही फरमान के तहत प्राप्त 'दस्तक' (Dastak) का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग और निजी व्यापार पर चुंगी न चुकाना। 2. नवाब की स्पष्ट मनाही के बावजूद अंग्रेजों द्वारा कलकत्ता के फोर्ट विलियम की किलेबंदी को सुदृढ़ करना। 3. कंपनी द्वारा नवाब के भगोड़े विद्रोही कृष्णदास (राजवल्लभ के पुत्र) को कलकत्ता में शरण देना। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कारण सही हैं। 1756 में नवाब बने युवा सिराजुद्दौला के साथ अंग्रेजों के टकराव के तीन मुख्य कारण थे: दस्तक का खुला दुरुपयोग (जिससे नवाब को भारी राजस्व हानि हो रही थी), नवाब की मनाही के बावजूद कलकत्ता की किलेबंदी, तथा नवाब के भगोड़े विद्रोही कृष्णदास को अंग्रेजों द्वारा शरण देना।

UPSC विगत वर्ष • इतिहास और संस्कृति • 2024नाटककार भास को निम्नलिखित में से कौन-सी रचना समर्पित मानी जाती है?
नाटककार भास को निम्नलिखित में से कौन-सी रचना समर्पित मानी जाती है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) मध्यम-व्यायोग

क्यों?

  • ‘मध्यम-व्यायोग’ भास के प्रसिद्ध संस्कृत नाटकों में से एक है।
  • नाट्यशास्त्र भरतमुनि और महाभाष्य पतंजलि से जुड़ा है।
BPSC विगत वर्ष • इतिहास और संस्कृति • 2023नाथपंथियों, सिद्धों और योगियों ने भक्ति धर्म को किस क्षेत्र में लोकप्रिय बनाया?
नाथपंथियों, सिद्धों और योगियों ने भक्ति धर्म को किस क्षेत्र में लोकप्रिय बनाया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(a) उत्तर भारत

क्यों?

  • नाथपंथी, सिद्ध और योगी उत्तर भारत में भक्ति और तप-आधारित धार्मिक प्रवृत्तियों के प्रसार में प्रभावशाली रहे।
विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिनादिर शाह के भारत आक्रमण (1739) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

नादिर शाह के भारत आक्रमण (1739) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन (c) गलत है क्योंकि नादिर शाह को अवध के सआदत खान बुरहान-उल-मुल्क ने आमंत्रित किया था, शुजाउद्दौला ने नहीं (शुजाउद्दौला सआदत खान के बाद सफदरजंग का उत्तराधिकारी था)। सआदत खान ने नादिर शाह को दिल्ली लूटने का लालच दिया था और बाद में अपमान के डर से जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी।