वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 23
एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।
छोटे कदम, बेहतर तैयारी
विषय चुनकर शुरू करें। उत्तर के साथ व्याख्या पढ़ें और कठिन प्रश्न दोहराएँ।
441–460 / 4666 प्रश्न
प्रश्न-संग्रह
प्रश्न खोलकर हल करें‘करो या मरो’ का नारा किसने और किस आंदोलन के दौरान दिया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- महात्मा गांधी ने अगस्त 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान ‘करो या मरो’ का आह्वान किया।
‘कल्याण मंडप’ किस राज्य की मंदिर-निर्माण शैली की उल्लेखनीय विशेषता थी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- विजयनगर मंदिरों में विशाल कल्याण मंडप विशिष्ट स्थापत्य तत्व है।
‘कुल्यवाप’ और ‘द्रोणवाप’ क्या दर्शाते थे?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- ये प्राचीन भारत में भूमि मापन की इकाइयाँ थीं।
'गृह प्रभार' (Home Charges) के अंतर्गत भारत के राजस्व से लंदन भेजे जाने वाले खर्चों में निम्नलिखित में से कौन-से घटक शामिल थे? 1. लंदन स्थित भारत…
'गृह प्रभार' (Home Charges) के अंतर्गत भारत के राजस्व से लंदन भेजे जाने वाले खर्चों में निम्नलिखित में से कौन-से घटक शामिल थे? 1. लंदन स्थित भारत सचिव के कार्यालय और भारत परिषद का संपूर्ण प्रशासनिक व्यय। 2. भारत में सार्वजनिक ऋण और रेलवे निर्माण पर ब्रिटिश पूंजीपतियों को दी जाने वाली गारंटीकृत ब्याज की राशि। 3. ब्रिटिश सेना के भारतीय अभियानों और इंग्लैंड में सेवानिवृत्त होने वाले ब्रिटिश नागरिक व सैन्य अधिकारियों की पेंशन और छुट्टियां। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों घटक सही हैं। गृह प्रभार (Home Charges) में भारत सचिव के कार्यालय का खर्च, रेलवे व सार्वजनिक ऋण का ब्याज, तथा पेंशन और सेना के विदेशी अभियानों का खर्च शामिल था।
‘चचनामा’ का फारसी में अनुवाद किसने किया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- मुहम्मद अली बिन अबू बकर कूफी ने चचनामा का फारसी रूप तैयार किया।
‘डेनिसोवन’ शब्द किस संदर्भ में आता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- डेनिसोवन विलुप्त प्राचीन मानव समूह से संबंधित हैं।
‘तबकात-ए-अकबरी’ किसने लिखी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- निजामुद्दीन अहमद की ‘तबकात-ए-अकबरी’ मुगलकालीन इतिहास का महत्वपूर्ण स्रोत है।
‘देशेर कथा’ के संदर्भ में:औपनिवेशिक ‘मस्तिष्क-विजय’ के विरुद्ध चेताया।स्वदेशी नुक्कड़ नाटक और लोकगीतों को प्रेरित किया।‘देश’ का प्रयोग केवल बंगाल…
- औपनिवेशिक ‘मस्तिष्क-विजय’ के विरुद्ध चेताया।
- स्वदेशी नुक्कड़ नाटक और लोकगीतों को प्रेरित किया।
- ‘देश’ का प्रयोग केवल बंगाल क्षेत्र के अर्थ में था।
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- 1 और 2 सही; पुस्तक का दृष्टिकोण व्यापक भारतीय औपनिवेशिक शोषण पर था।
'पगड़ी संभाल जट्टा' आंदोलन के गीत के रचयिता कौन थे?
'पगड़ी संभाल जट्टा' आंदोलन के गीत के रचयिता कौन थे?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। 'पगड़ी संभाल जट्टा' गीत के रचयिता बांके दयाल थे, जो 'झांग स्याल' अखबार के संपादक थे।
‘पारमिता’ का सही अर्थ क्या है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- बौद्ध परंपरा में पारमिता वे सद्गुण/पूर्णताएँ हैं जो बोधिसत्त्व मार्ग में महत्त्वपूर्ण हैं।
‘फिजी से गिरमिटिया श्रमिक के रूप में लौटे एक संन्यासी, जो ग्रामीण श्रोताओं के सामने तुलसीदास की रामायण पढ़ते थे’—यह किसान नेता कौन था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- बाबा रामचंद्र अवध किसान आंदोलन के प्रमुख नेता थे और फिजी से लौटे गिरमिटिया श्रमिक रहे थे।
‘फुतुहात-ए-आलमगीरी’ किसने लिखी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- ‘फुतुहात-ए-आलमगीरी’ ईश्वरदास नागर द्वारा रचित औरंगजेब-कालीन ऐतिहासिक ग्रंथ है।
'बंबई के बेताज बादशाह' कहे जाने वाले प्रमुख उदारवादी नेता सर फिरोजशाह मेहता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वे बंबई नगर निगम के…
'बंबई के बेताज बादशाह' कहे जाने वाले प्रमुख उदारवादी नेता सर फिरोजशाह मेहता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वे बंबई नगर निगम के जनक माने जाते हैं और बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन के संस्थापक थे। 2. 1890 के छठे कलकत्ता कांग्रेस अधिवेशन की उन्होंने अध्यक्षता की थी। 3. 1913 में उन्होंने राष्ट्रवादियों की आवाज बुलंद करने के लिए अंग्रेजी दैनिक 'द बॉम्बे क्रॉनिकल' (The Bombay Chronicle) की स्थापना की। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। फिरोजशाह मेहता 'बंबई के बेताज बादशाह' थे। 1890 कलकत्ता अधिवेशन के अध्यक्ष रहे और 1913 में 'द बॉम्बे क्रॉनिकल' की स्थापना की।
'बाघा जतिन' (Bagha Jatin) के नाम से प्रसिद्ध क्रांतिकारी जतिंद्रनाथ मुखर्जी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वे बंगाल में युगांत…
'बाघा जतिन' (Bagha Jatin) के नाम से प्रसिद्ध क्रांतिकारी जतिंद्रनाथ मुखर्जी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वे बंगाल में युगांतर पार्टी के सर्वोच्च नेता थे और उन्होंने एक बाघ को अकेले खंजर से मार गिराने के बाद 'बाघा जतिन' की उपाधि पाई थी। 2. प्रथम विश्व युद्ध के दौरान उन्होंने जर्मनी से हथियार मंगाकर भारत में सशस्त्र विद्रोह की 'जर्मन साजिश' (German Plot / Zimmerman Plan) का नेतृत्व किया। 3. सितंबर 1915 में ओडिशा के बालासोर के निकट बूढ़ाबलंग नदी के तट पर ब्रिटिश पुलिस के साथ भीषण मुठभेड़ में वे लड़ते हुए शहीद हुए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। बाघा जतिन (जतिंद्रनाथ मुखर्जी) ने प्रथम विश्व युद्ध में 'जर्मन साजिश' का नेतृत्व किया। सितंबर 1915 में बालासोर में बूढ़ाबलंग नदी के तट पर पुलिस से लड़ते हुए वे वीरगति को प्राप्त हुए। प्र. सं. सही उत्तर व्याख्या (Detailed Historical Explanation)
‘बोधिसत्त्व पद्मपाणि’ की प्रसिद्ध चित्रकला कहाँ स्थित है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- बोधिसत्त्व पद्मपाणि का प्रसिद्ध भित्तिचित्र अजंता की गुफा संख्या 1 में है।
'भारत के वयोवृद्ध पुरुष' (Grand Old Man of India) कहे जाने वाले दादाभाई नौरोजी (1825–1917) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वे भ…
'भारत के वयोवृद्ध पुरुष' (Grand Old Man of India) कहे जाने वाले दादाभाई नौरोजी (1825–1917) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के तीन बार अध्यक्ष चुने गए (1886 कलकत्ता, 1893 लाहौर, 1906 कलकत्ता)। 2. 1906 के कलकत्ता अधिवेशन में उन्होंने पहली बार कांग्रेस के मंच से 'स्वराज' (Swaraj) को राष्ट्रीय आंदोलन का अंतिम लक्ष्य घोषित किया। 3. वे भारतीय राष्ट्रीय आय का प्रथम वैज्ञानिक अनुमान लगाने वाले अग्रदूत थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। दादाभाई नौरोजी तीन बार अध्यक्ष बने (1886, 1893, 1906)। 1906 में उन्होंने 'स्वराज' का लक्ष्य घोषित किया। उन्होंने भारत की राष्ट्रीय आय का पहला वैज्ञानिक अनुमान लगाया।
'भारतीय क्रांति की माता' (Mother of Indian Revolution) कही जाने वाली मैडम भीकाजी कामा (Bhikaiji Cama) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीज…
'भारतीय क्रांति की माता' (Mother of Indian Revolution) कही जाने वाली मैडम भीकाजी कामा (Bhikaiji Cama) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वे दादाभाई नौरोजी की निजी सचिव रह चुकी थीं और बाद में पेरिस में श्यामजी कृष्ण वर्मा और एस.आर. राणा के साथ 'पेरिस इंडियन सोसाइटी' की स्थापना की। 2. 22 अगस्त 1907 को जर्मनी के स्टटगार्ट (Stuttgart) में आयोजित सातवीं अंतरराष्ट्रीय समाजवादी कांग्रेस में उन्होंने पहली बार भारतीय राष्ट्रीय तिरंगा फहराया। 3. उन्होंने पेरिस और जिनेवा से 'वंदे मातरम्' और 'मदन की तलवार' (Talwar) नामक क्रांतिकारी पत्र निकाले। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। मैडम कामा ने पेरिस इंडियन सोसाइटी बनाई। 1907 में स्टटगार्ट में पहला तिरंगा फहराया और पेरिस/जिनेवा से 'वंदे मातरम्' तथा 'तलवार' पत्रिकाएं निकालीं।
‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना सुरक्षा-वाल्व सिद्धांत के आधार पर ब्रिटिश सरकार को खतरों से बचाने के लिए हुई थी’—यह विचार किस नेता ने कहा/द…
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- BPSC की अंतिम कुंजी में लाला लाजपत राय सही उत्तर है; सुरक्षा-वाल्व सिद्धांत मूलतः ए. ओ. ह्यूम से जोड़ा जाता है और लाजपत राय ने इसे दोहराया।
‘रण्यो अशोक’ (राजा अशोक) का उल्लेख अशोक के शिलाचित्र के साथ किस राहत-शिल्प अभिलेख में मिलता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- कर्नाटक के कनगनहल्ली में अशोक का नामयुक्त शिल्पचित्र प्रसिद्ध है।
'रौलट एक्ट' (1919) के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सरकार को किसी भी व्यक्ति को बिना वारंट और केवल संदेह के आधार प…
'रौलट एक्ट' (1919) के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सरकार को किसी भी व्यक्ति को बिना वारंट और केवल संदेह के आधार पर अनिश्चित काल के लिए गिरफ्तार करने और नजरबंद रखने का अधिकार दिया गया। 2. अभियुक्तों के मुकदमों की सुनवाई के लिए तीन हाईकोर्ट जजों का विशेष ट्रिब्यूनल बनाया गया, जिसके फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं हो सकती थी। 3. अदालती कार्यवाही गोपनीय रखी जा सकती थी और अभियुक्त को अपने खिलाफ गवाही देने वालों के नाम जानने का भी अधिकार नहीं था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। इस कानून ने बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) जैसे मौलिक नागरिक अधिकारों को छीन लिया। इसीलिए भारतीयों ने इसे 'ना कोई वकील, ना कोई अपील, ना कोई दलील' का कानून कहा।