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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 205

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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4081–4100 / 4666 प्रश्न

प्रश्न-संग्रह

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परीक्षा-श्रृंखला • इतिहास और संस्कृतिभारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 13 अगस्त 1942 को कटिहार रेलवे स्टेशन और थाने पर तिरंगा फहराते समय ब्रिटिश पुलिस की गोली का शिकार होकर शहीद होने वाले 1…

भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 13 अगस्त 1942 को कटिहार रेलवे स्टेशन और थाने पर तिरंगा फहराते समय ब्रिटिश पुलिस की गोली का शिकार होकर शहीद होने वाले 13 वर्षीय वीर बालक कौन थे?

Aउमाकांत सिन्हा
Bरामगोविंद सिंह
Cध्रुव कुमार (Dhruv Kumar Kundu)
Dसतीश झा
Eउत्तर नहीं देना चाहता/चाहती
परीक्षा-श्रृंखला • इतिहास और संस्कृतिभारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बिहार के सारण जिले में जनक्रांति का नेतृत्व करते हुए परसा थाने पर तिरंगा फहराने और समानांतर प्रशासन स्थापित करने वाले …

भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बिहार के सारण जिले में जनक्रांति का नेतृत्व करते हुए परसा थाने पर तिरंगा फहराने और समानांतर प्रशासन स्थापित करने वाले प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी कौन थे, जो बाद में बिहार सरकार में मंत्री भी बने?

Aदीप नारायण सिंह
Bमहामाया प्रसाद
Cराजनारायण मिश्र
Dजगलाल चौधरी (Jaglal Choudhary)
Eउत्तर नहीं देना चाहता/चाहती
परीक्षा-श्रृंखला • इतिहास और संस्कृतिभारत में क्रांतिकारी राष्ट्रवाद के दूसरे चरण (1920 और 1930 के दशक) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिए…

भारत में क्रांतिकारी राष्ट्रवाद के दूसरे चरण (1920 और 1930 के दशक) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) का पुनर्गठन 1928 में फिरोज शाह कोटला (दिल्ली) में चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह के नेतृत्व में 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) के रूप में किया गया था।
2. भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने 'पब्लिक सेफ्टी बिल' और 'ट्रेड डिस्प्यूट्स बिल' के विरोध में केंद्रीय विधानसभा (Central Legislative Assembly) में गैर-घातक बम फेंके थे।
3. चटगांव शस्त्रागार छापे (1930) का नेतृत्व मास्टर सूर्य सेन ने किया था, जिन्होंने 'इंडियन रिपब्लिकन आर्मी' (चटगांव शाखा) के नाम से एक अनंतिम क्रांतिकारी सरकार की घोषणा की थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
C1, 2 और 3
Dकेवल 1 और 3
परीक्षा-श्रृंखला • इतिहास और संस्कृतिभारत शासन अधिनियम 1935 के तहत 1937 में गठित प्रथम बिहार प्रांतीय विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) और उपाध्यक्ष के रूप में क्रमशः किन्हें सर्वसम्मति स…

भारत शासन अधिनियम 1935 के तहत 1937 में गठित प्रथम बिहार प्रांतीय विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) और उपाध्यक्ष के रूप में क्रमशः किन्हें सर्वसम्मति से निर्वाचित किया गया था?

Aअध्यक्ष: बिंदेश्वरी प्रसाद वर्मा | उपाध्यक्ष: देवशरण सिंह
Bअध्यक्ष: शिवनंदन झा | उपाध्यक्ष: सैयद हसन इमाम
Cअध्यक्ष: सच्चिदानंद सिन्हा | उपाध्यक्ष: डॉ. अनुग्रह नारायण सिन्हा
Dअध्यक्ष: रामदयालु सिंह | उपाध्यक्ष: प्रो. अब्दुल बारी
Eउत्तर नहीं देना चाहता/चाहती
परीक्षा-श्रृंखला • इतिहास और संस्कृतिभारत शासन अधिनियम 1935 के तहत वर्ष 1937 में हुए प्रांतीय चुनावों के बाद बिहार में प्रथम कांग्रेस मंत्रिमंडल का गठन किसके नेतृत्व में हुआ था?

भारत शासन अधिनियम 1935 के तहत वर्ष 1937 में हुए प्रांतीय चुनावों के बाद बिहार में प्रथम कांग्रेस मंत्रिमंडल का गठन किसके नेतृत्व में हुआ था?

Aमोहम्मद यूनुस
Bडॉ. श्रीकृष्ण सिंह
Cडॉ. अनुग्रह नारायण सिन्हा
Dडॉ. सच्चिदानंद सिन्हा
Eउत्तर नहीं देना चाहता/चाहती
परीक्षा-श्रृंखला • इतिहास और संस्कृतिभारत सरकार अधिनियम, 1919 और 1935 के प्रावधानों की तुलना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 1919 के अधिनियम ने प्रांतों में 'द्वैध…

भारत सरकार अधिनियम, 1919 और 1935 के प्रावधानों की तुलना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. 1919 के अधिनियम ने प्रांतों में 'द्वैध शासन' (Dyarchy) लागू किया, जिसे 1935 के अधिनियम ने समाप्त कर उसके स्थान पर 'प्रांतीय स्वायत्तता' (Provincial Autonomy) की स्थापना की।
2. 1935 के अधिनियम ने केंद्र में द्वैध शासन की शुरुआत की और तीनों सूचियों (संघीय, प्रांतीय और समवर्ती) में शामिल न होने वाली 'अवशिष्ट शक्तियां' (Residuary Powers) केंद्रीय विधायिका को सौंपी।
3. 1919 के अधिनियम ने केंद्र में पहली बार द्विसदनीय विधायिका (Bicameralism) और प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली की शुरुआत की।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Aकेवल 1 और 3
Bकेवल 1 और 2
Cकेवल 2 और 3
D1, 2 और 3
परीक्षा-श्रृंखला • इतिहास और संस्कृतिभारतीय मंदिर वास्तुकला की विभिन्न शैलियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नागर शैली (Nagara style) के मंदिरों में गर्भगृह के ठ…

भारतीय मंदिर वास्तुकला की विभिन्न शैलियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. नागर शैली (Nagara style) के मंदिरों में गर्भगृह के ठीक ऊपर बना मुख्य शिखर आमतौर पर आधार पर वर्गाकार होता है और इसकी दीवारें अंदर की ओर वक्रित होती हुई शीर्ष पर समाप्त होती हैं (रेखा-प्रसाद या लैटिना शिखर)।
2. द्रविड़ शैली (Dravida style) के मंदिरों की प्रमुख पहचान चारदीवारी (प्राकार), विशाल प्रवेश द्वार (गोपुरम), और सीढ़ीदार पिरामिडनुमा विमान (Vimana) हैं।
3. होयसल मंदिर वास्तुकला (जैसे बेलूर और हलेबिडु) विशुद्ध नागर शैली का प्रतिनिधित्व करती है और यह अपने सादे, बिना नक्काशीदार वर्गाकार गर्भगृहों के लिए प्रसिद्ध है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Aकेवल 1
Bकेवल 2 और 3
C1, 2 और 3
Dकेवल 1 और 2
परीक्षा-श्रृंखला • इतिहास और संस्कृतिभारतीय मंदिर स्थापत्य की नागर और द्रविड़ शैलियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नागर शैली में गर्भगृह के ऊपर उठने वाली संरचना …

भारतीय मंदिर स्थापत्य की नागर और द्रविड़ शैलियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नागर शैली में गर्भगृह के ऊपर उठने वाली संरचना को सामान्यतः शिखर कहा जाता है।
2. द्रविड़ शैली में गर्भगृह के ऊपर की पिरामिडाकार अधिरचना को विमाना कहा जाता है।
3. गोपुरम विशेषतः दक्षिण भारतीय मंदिर परिसरों के प्रवेश-द्वारों से जुड़ी प्रमुख स्थापत्य विशेषता है।

सही उत्तर चुनिए।

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
परीक्षा-श्रृंखला • इतिहास और संस्कृतिभारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की निम्नलिखित घटनाओं को कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित कीजिए: 1. बंग-भंग और स्वदेशी आंदोलन 2. लखनऊ समझौता 3. असहयोग आंदो…

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की निम्नलिखित घटनाओं को कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित कीजिए:
1. बंग-भंग और स्वदेशी आंदोलन
2. लखनऊ समझौता
3. असहयोग आंदोलन
4. सविनय अवज्ञा आंदोलन
5. भारत छोड़ो आंदोलन

सही क्रम चुनिए।

A1-2-3-4-5
B2-1-3-5-4
C1-3-2-4-5
D2-3-1-4-5
परीक्षा-श्रृंखला • इतिहास और संस्कृतिमई 1934 में पटना के अंजुमन इस्लामिया हॉल में आयोजित बैठक में औपचारिक रूप से गठित 'अखिल भारतीय कांग्रेस समाजवादी पार्टी' (CSP) के अध्यक्ष और महासच…

मई 1934 में पटना के अंजुमन इस्लामिया हॉल में आयोजित बैठक में औपचारिक रूप से गठित 'अखिल भारतीय कांग्रेस समाजवादी पार्टी' (CSP) के अध्यक्ष और महासचिव क्रमशः कौन चुने गए थे?

Aअध्यक्ष: जयप्रकाश नारायण | महासचिव: राममनोहर लोहिया
Bअध्यक्ष: संपूर्णानंद | महासचिव: मीनू मसानी
Cअध्यक्ष: आचार्य नरेंद्र देव | महासचिव: जयप्रकाश नारायण
Dअध्यक्ष: गंगाशरण सिंह | महासचिव: रामवृक्ष बेनीपुरी
Eउत्तर नहीं देना चाहता/चाहती
परीक्षा-श्रृंखला • इतिहास और संस्कृतिमगध नरेश अजातशत्रु ने वैशाली के शक्तिशाली वज्जि संघ (लिच्छवियों) को पराजित करने के लिए 16 वर्षों तक चले दीर्घकालिक युद्ध में किन दो नए और विध्वंस…

मगध नरेश अजातशत्रु ने वैशाली के शक्तिशाली वज्जि संघ (लिच्छवियों) को पराजित करने के लिए 16 वर्षों तक चले दीर्घकालिक युद्ध में किन दो नए और विध्वंसक गुप्त हथियारों का पहली बार प्रयोग किया था?

Aरथमूसल और महाशिलाकंटक
Bवज्र और गदा
Cशताग्नि और तोपखाना
Dअग्निबाण और चक्रव्यूह
Eउत्तर नहीं देना चाहता/चाहती
परीक्षा-श्रृंखला • इतिहास और संस्कृतिमगध साम्राज्य के वास्तविक संस्थापक बिंबिसार के प्रसिद्ध राजवैद्य 'जीवक' ने किस राज्य के शासक प्रद्योत के पीलिया (पांडु रोग) के सफल उपचार हेतु उज्…

मगध साम्राज्य के वास्तविक संस्थापक बिंबिसार के प्रसिद्ध राजवैद्य 'जीवक' ने किस राज्य के शासक प्रद्योत के पीलिया (पांडु रोग) के सफल उपचार हेतु उज्जयिनी की यात्रा की थी?

Aकोशल
Bअवंती
Cवत्स
Dगांधार
Eउत्तर नहीं देना चाहता/चाहती
परीक्षा-श्रृंखला • इतिहास और संस्कृतिमगध साम्राज्य में हर्यक वंश के पतन के पश्चात स्थापित 'शिशुनाग वंश' के किस शासक ने वैशाली में द्वितीय बौद्ध संगीति (383 ईसा पूर्व) का आयोजन कराया …

मगध साम्राज्य में हर्यक वंश के पतन के पश्चात स्थापित 'शिशुनाग वंश' के किस शासक ने वैशाली में द्वितीय बौद्ध संगीति (383 ईसा पूर्व) का आयोजन कराया था और पाटलिपुत्र को पुनः मगध की स्थायी राजधानी बनाया?

Aमहापद्मनंद
Bकालाशोक (काकवर्ण)
Cनंदिवर्धन
Dशिशुनाग
Eउत्तर नहीं देना चाहता/चाहती
परीक्षा-श्रृंखला • इतिहास और संस्कृतिमध्य प्रदेश के विदिशा (बेसनगर) में स्थापित ऐतिहासिक 'गरुड़ स्तंभ' अभिलेख, जो भारत में भागवत (वैष्णव) धर्म का पहला अभिलेखीय साक्ष्य है, किस यूनानी…

मध्य प्रदेश के विदिशा (बेसनगर) में स्थापित ऐतिहासिक 'गरुड़ स्तंभ' अभिलेख, जो भारत में भागवत (वैष्णव) धर्म का पहला अभिलेखीय साक्ष्य है, किस यूनानी राजदूत द्वारा स्थापित कराया गया था?

Aडायोनिसियस
Bडाइमेकस
Cमेगास्थनीज
Dहेलियोडोरस (Heliodorus)
Eउत्तर नहीं देना चाहता/चाहती
परीक्षा-श्रृंखला • इतिहास और संस्कृतिमध्यकालीन बिहार में सर्वाधिक लोकप्रिय और प्रभावशाली रहे 'फिरदौसी सिलसिला' के सबसे प्रमुख सूफी संत, जिनकी दरगाह बिहारशरीफ (बड़ी दरगाह) में स्थित ह…

मध्यकालीन बिहार में सर्वाधिक लोकप्रिय और प्रभावशाली रहे 'फिरदौसी सिलसिला' के सबसे प्रमुख सूफी संत, जिनकी दरगाह बिहारशरीफ (बड़ी दरगाह) में स्थित है, कौन थे?

Aमखदूम शर्फुद्दीन अहमद यहिया मनेरी
Bशाह दौलत मनेरी
Cशेख बहाउद्दीन जकारिया
Dमौलाना मुजफ्फर शम्स बल्खी
Eउत्तर नहीं देना चाहता/चाहती
परीक्षा-श्रृंखला • इतिहास और संस्कृतिमध्यकालीन भक्ति आंदोलन और प्रमुख वेदांतिक दार्शनिक संप्रदायों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: दार्शनिक संत : दार्शनिक सिद्धांत …

मध्यकालीन भक्ति आंदोलन और प्रमुख वेदांतिक दार्शनिक संप्रदायों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

दार्शनिक संत : दार्शनिक सिद्धांत / संप्रदाय
1. रामानुजाचार्य : विशिष्टाद्वैत (Vishishtadvaita) — जीव और प्रकृति ब्रह्म से अभिन्न होते हुए भी अपनी व्यक्तिगत सत्ता बनाए रखते हैं; भक्ति और प्रपत्ति मोक्ष का मुख्य मार्ग है।
2. माधवाचार्य : द्वैतवाद (Dvaita) — आत्मा (जीव) और परमात्मा (ईश्वर/विष्णु) पूरी तरह से अलग और स्वतंत्र शाश्वत सत्ताएं हैं (पंच-भेद सिद्धांत)।
3. निम्बार्काचार्य : द्वैताद्वैत (Dvaitadvaita / भेदाभेद) — जीव और जगत ब्रह्म के साथ समान भी हैं और भिन्न भी (सनक संप्रदाय)।

उपर्युक्त युग्मों में से कितने सही सुमेलित हैं?

Aकेवल एक
Bकेवल दो
Cसभी तीन
Dकोई भी नहीं
परीक्षा-श्रृंखला • इतिहास और संस्कृतिमध्यकालीन भारत की सूफी परंपराओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ‘सिलसिला’ गुरु-शिष्य आध्यात्मिक परंपरा से संबंधित था। 2. ‘खानका…

मध्यकालीन भारत की सूफी परंपराओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ‘सिलसिला’ गुरु-शिष्य आध्यात्मिक परंपरा से संबंधित था।
2. ‘खानकाह’ सूफी शिक्षण, आध्यात्मिक साधना और सामाजिक संपर्क का केंद्र हो सकती थी।
3. चिश्ती परंपरा भारत की प्रमुख सूफी परंपराओं में से एक थी।
4. सभी सूफी सिलसिलों ने राज्य और शासकों से किसी भी प्रकार के संपर्क को समान रूप से निषिद्ध माना।

सही उत्तर चुनिए।

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 1, 2 और 3
Cकेवल 2, 3 और 4
D1, 2, 3 और 4
परीक्षा-श्रृंखला • इतिहास और संस्कृतिमराठा राजस्व और प्रशासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चौथ सामान्यतः वसूले गए राजस्व का एक-चौथाई मानी जाती थी। 2. सरदेशमुखी सा…

मराठा राजस्व और प्रशासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चौथ सामान्यतः वसूले गए राजस्व का एक-चौथाई मानी जाती थी।
2. सरदेशमुखी सामान्यतः अतिरिक्त दस प्रतिशत दावे से जुड़ी थी।
3. अष्टप्रधान शिवाजी के शासन की आठ प्रमुख मंत्रिपदों वाली परिषद से संबंधित है।

सही उत्तर चुनिए।

Aकेवल 1
Bकेवल 1 और 2
Cकेवल 2 और 3
D1, 2 और 3
परीक्षा-श्रृंखला • इतिहास और संस्कृतिमहाजनपद काल में 16 महाजनपदों में से बिहार में विस्तृत 'अंग' महाजनपद के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा सही है?

महाजनपद काल में 16 महाजनपदों में से बिहार में विस्तृत 'अंग' महाजनपद के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा सही है?

Aअंग महाजनपद की राजधानी वैशाली थी और इसका उल्लेख केवल जैन साहित्य में मिलता है।
Bहर्यक वंश के मगध नरेश बिंबिसार ने अंग के शासक ब्रह्मदत्त को पराजित कर अंग का मगध साम्राज्य में विलय कर लिया था।
Cअंग महाजनपद का क्षेत्र आधुनिक तिरहुत और दरभंगा प्रमंडल में विस्तृत था।
Dअंग के अंतिम स्वतंत्र शासक महापद्मनंद थे, जिन्होंने पाटलिपुत्र पर आक्रमण किया था।
Eउत्तर नहीं देना चाहता/चाहती
परीक्षा-श्रृंखला • इतिहास और संस्कृतिमार्च 1940 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का 53वाँ वार्षिक अधिवेशन बिहार के किस नगर (अब झारखंड में) में मौलाना अबुल कलाम आजाद की अध्यक्षता में संप…

मार्च 1940 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का 53वाँ वार्षिक अधिवेशन बिहार के किस नगर (अब झारखंड में) में मौलाना अबुल कलाम आजाद की अध्यक्षता में संपन्न हुआ था?

Aधनबाद
Bरामगढ़
Cरांची
Dजमशेदपुर
Eउत्तर नहीं देना चाहता/चाहती