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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 17

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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सत्र में प्रश्नों की संख्या

321–340 / 4666 प्रश्न

प्रश्न-संग्रह

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UPSC विगत वर्ष • अर्थव्यवस्था • 2026भारत में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (NBFCs) माँग जमा (demand…
भारत में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
  1. गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (NBFCs) माँग जमा (demand deposits) स्वीकार नहीं कर सकती हैं।
  2. भारत में संचालित सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) में पंजीकृत होना चाहिए।
  3. गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (NBFCs) भुगतान और निपटान प्रणाली का भाग हैं और वे स्वयं के नाम आहरित चेक जारी कर सकती हैं।
  4. जमा लेने वाली गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के जमाकर्ताओं के लिए निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम (DICGC) की जमा बीमा सुविधा उपलब्ध नहीं है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(a) 1 और 4

कथनवार विश्लेषण

  • कथन 1 सही: गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ बैंकों की तरह माँग जमा स्वीकार नहीं कर सकतीं।
  • कथन 2 गलत: सामान्य नियम के रूप में गैर-बैंकिंग वित्तीय व्यवसाय करने वाली कंपनियों को भारतीय रिज़र्व बैंक का पंजीकरण चाहिए, किंतु अन्य नियामकों/विशिष्ट कानूनों के अधीन आने वाली कुछ श्रेणियों को छूट प्राप्त है; इसलिए “सभी” शब्द कथन को गलत बनाता है।
  • कथन 3 गलत: गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ भुगतान एवं निपटान प्रणाली का हिस्सा नहीं होतीं और स्वयं पर आहरित चेक जारी नहीं कर सकतीं।
  • कथन 4 सही: गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के जमाकर्ताओं को निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम (DICGC) का बैंक-जमा बीमा उपलब्ध नहीं है।
बैंक बनाम NBFC: माँग जमा नहीं • स्वयं पर चेक नहीं • DICGC बीमा नहीं।
UPSC विगत वर्ष • अर्थव्यवस्था • 2024भारत में निम्नलिखित में से कौन कॉर्पोरेट बॉन्ड और सरकारी प्रतिभूतियों में व्यापार कर सकते हैं? बीमा कंपनियाँपेंशन फंडखुदरा निवेशक
भारत में निम्नलिखित में से कौन कॉर्पोरेट बॉन्ड और सरकारी प्रतिभूतियों में व्यापार कर सकते हैं?
  1. बीमा कंपनियाँ
  2. पेंशन फंड
  3. खुदरा निवेशक
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) 1, 2 और 3

क्यों?

  • संस्थागत निवेशक जैसे बीमा कंपनियाँ और पेंशन फंड दोनों बाजारों में भाग लेते हैं।
  • रिटेल डायरेक्ट और एक्सचेंज तंत्र के माध्यम से खुदरा निवेशक भी सरकारी प्रतिभूतियों तथा कॉर्पोरेट बॉन्ड में निवेश कर सकते हैं।
UPSC विगत वर्ष • अर्थव्यवस्था • 2021भारत में नियोजित आकस्मिक कामगारों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:सभी आकस्मिक कामगार कर्मचारी भविष्य निधि के दायरे में आते हैं।सभी आ…
भारत में नियोजित आकस्मिक कामगारों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
  1. सभी आकस्मिक कामगार कर्मचारी भविष्य निधि के दायरे में आते हैं।
  2. सभी आकस्मिक कामगार नियमित कार्य-घंटों और ओवरटाइम भुगतान के हकदार हैं।
  3. सरकार अधिसूचना द्वारा किसी प्रतिष्ठान/उद्योग को वेतन केवल बैंक खाते के माध्यम से देने को कह सकती है।
कौन-से कथन सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) केवल 2 और 3

क्यों?

  • सभी आकस्मिक कामगार स्वतः EPF के दायरे में नहीं आते; कार्य-घंटे/ओवरटाइम और बैंक माध्यम से वेतन संबंधी प्रावधान लागू हो सकते हैं।
BPSC विगत वर्ष • अर्थव्यवस्था • 2019भारत में न्यूनतम समर्थन मूल्य की सिफारिश कौन करता है?
भारत में न्यूनतम समर्थन मूल्य की सिफारिश कौन करता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(a) कृषि लागत एवं मूल्य आयोग

व्याख्या

  • BPSC की अंतिम उत्तर-कुंजी के अनुसार सही उत्तर (a) कृषि लागत एवं मूल्य आयोग है।
UPSC विगत वर्ष • अर्थव्यवस्था • 2022भारत में मुद्रास्फीति नियंत्रित कर मूल्य स्थिरता बनाए रखने की प्रमुख जिम्मेदारी किसकी है?
भारत में मुद्रास्फीति नियंत्रित कर मूल्य स्थिरता बनाए रखने की प्रमुख जिम्मेदारी किसकी है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) भारतीय रिज़र्व बैंक

क्यों?

  • मौद्रिक नीति समिति और RBI का औपचारिक मुद्रास्फीति लक्ष्य मूल्य स्थिरता से जुड़ा है।
BPSC विगत वर्ष • अर्थव्यवस्था • 2020भारत में राजस्व घाटे का अर्थ क्या है?
भारत में राजस्व घाटे का अर्थ क्या है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) सरकार को ऐसे व्यय के लिए उधार लेना पड़ता है जो पूँजी परिसंपत्ति नहीं बनाता

व्याख्या

  • राजस्व घाटा राजस्व प्राप्तियों से अधिक राजस्व व्यय को दर्शाता है; यह पूँजी परिसंपत्ति निर्माण से सीधे नहीं जुड़ा।
UPSC विगत वर्ष • अर्थव्यवस्था • 2024भारत में विदेशी बैंकों की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों के संबंध में कथनों पर विचार कीजिए: न्यूनतम पूँजी की कोई आवश्यकता नहीं है।कम-से-कम 5…
भारत में विदेशी बैंकों की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों के संबंध में कथनों पर विचार कीजिए:
  1. न्यूनतम पूँजी की कोई आवश्यकता नहीं है।
  2. कम-से-कम 50% बोर्ड सदस्य भारतीय नागरिक होने चाहिए।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) न तो 1, न ही 2

क्यों?

  • RBI न्यूनतम पूँजी संबंधी आवश्यकताएँ निर्धारित करता है।
  • बोर्ड संरचना संबंधी नियम केवल ‘50% भारतीय नागरिक’ जैसी सरल शर्त नहीं हैं; निवासी भारतीय निदेशकों सहित विस्तृत मानदंड लागू होते हैं।
UPSC विगत वर्ष • अर्थव्यवस्था • 2022भारत में विदेशी स्वामित्व वाली ई-वाणिज्य कंपनियों के संबंध में कथनों पर विचार कीजिए: वे मंच उपलब्ध कराने के साथ अपने माल भी बेच सकती हैं।वे अपने …
भारत में विदेशी स्वामित्व वाली ई-वाणिज्य कंपनियों के संबंध में कथनों पर विचार कीजिए:
  1. वे मंच उपलब्ध कराने के साथ अपने माल भी बेच सकती हैं।
  2. वे अपने मंच पर बड़े विक्रेताओं में सीमित मात्रा तक स्वामित्व रख सकती हैं।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) न तो 1, न ही 2

क्यों?

  • विदेशी निवेश वाले मार्केटप्लेस मॉडल को अपने इन्वेंटरी का खुदरा विक्रय करने की अनुमति नहीं है।
  • UPSC की अंतिम उत्तर-कुंजी ने दोनों कथनों को गलत माना है; दूसरे कथन पर प्रारंभिक व्याख्याओं में मतभेद था, पर यहाँ official key लागू है।
UPSC विगत वर्ष • अर्थव्यवस्था • 2026भारत में विभिन्न समितियों के संदर्भ में, निम्नलिखित विवरणों पर विचार कीजिए : आर. एन. मल्होत्रा समिति — भारत में बीमा क्षेत्र का व्यापक सुधार करना…
भारत में विभिन्न समितियों के संदर्भ में, निम्नलिखित विवरणों पर विचार कीजिए :
  1. आर. एन. मल्होत्रा समिति — भारत में बीमा क्षेत्र का व्यापक सुधार करना — भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण
  2. एल. सी. गुप्ता समिति — भारत में व्युत्पन्नी (डेरिवेटिव) व्यापार आरंभ करने के लिए रूपरेखा (रोडमैप) तैयार करना — भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड
  3. उर्जित आर. पटेल समिति — आवासीय क्षेत्र को बैंक ऋण प्रदान करने में सुधार लाने के लिए रूपरेखा (रोडमैप) तैयार करना — भारतीय रिज़र्व बैंक
  4. वाई. एच. मालेगाम समिति — भारत में सूक्ष्म वित्त क्षेत्र में सुधार लाने के लिए रूपरेखा (रोडमैप) तैयार करना — भारतीय रिज़र्व बैंक

उपर्युक्त में से किस पंक्ति/किन पंक्तियों में दिए गए सभी विवरण सही सुमेलित है/हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) 2 और 4

पंक्ति-दर-पंक्ति जाँच

  • 1 गलत: आर. एन. मल्होत्रा समिति 1993 में भारत सरकार द्वारा बीमा क्षेत्र में सुधारों की सिफारिश के लिए गठित की गई थी। भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) बाद में 1999 के अधिनियम के तहत अस्तित्व में आया।
  • 2 सही: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने एल. सी. गुप्ता समिति को भारत में व्युत्पन्नी व्यापार के लिए उपयुक्त नियामक ढाँचा विकसित करने हेतु गठित किया था।
  • 3 गलत: उर्जित आर. पटेल समिति का विषय मौद्रिक नीति ढाँचे को संशोधित और सुदृढ़ करना था, न कि आवास क्षेत्र को बैंक ऋण देने की रूपरेखा बनाना।
  • 4 सही: भारतीय रिज़र्व बैंक ने वाई. एच. मालेगाम की अध्यक्षता में उप-समिति को सूक्ष्म वित्त संस्थानों से जुड़े मुद्दों और चिंताओं का अध्ययन करने के लिए गठित किया था।
छोटा सूत्र: मल्होत्रा–बीमा सुधार; एल.सी. गुप्ता–डेरिवेटिव; उर्जित पटेल–मौद्रिक नीति; मालेगाम–सूक्ष्म वित्त।
UPSC विगत वर्ष • अर्थव्यवस्था • 2021भारत में सरकारी बॉन्ड की प्रतिफल दर किनसे प्रभावित होती है?अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की कार्रवाईभारतीय रिज़र्व बैंक की कार्रवाईमुद्रास्फीति और अल्पका…
भारत में सरकारी बॉन्ड की प्रतिफल दर किनसे प्रभावित होती है?
  1. अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की कार्रवाई
  2. भारतीय रिज़र्व बैंक की कार्रवाई
  3. मुद्रास्फीति और अल्पकालिक ब्याज दरें
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) 1, 2 और 3

क्यों?

  • वैश्विक पूँजी प्रवाह, RBI की नीति और मुद्रास्फीति/ब्याज दरें—तीनों बॉन्ड यील्ड को प्रभावित करते हैं।
BPSC विगत वर्ष • अर्थव्यवस्थाभारत में सूक्ष्म-उद्यम की परिभाषा के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
भारत में सूक्ष्म-उद्यम की परिभाषा के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(a) संयंत्र और मशीनरी/उपकरण में निवेश ₹1 करोड़ से अधिक नहीं

व्याख्या

  • सूक्ष्म उद्यम के लिए निवेश सीमा ₹1 करोड़ तक और टर्नओवर सीमा ₹5 करोड़ तक है।
UPSC विगत वर्ष • अर्थव्यवस्था • 2020भारत में FDI की प्रमुख विशेषता क्या है?
भारत में FDI की प्रमुख विशेषता क्या है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) दीर्घकालिक नियंत्रण/प्रभाव वाला निवेश

क्यों?

  • FDI का मूल गुण निवेशित उद्यम पर दीर्घकालिक हित और प्रभाव/नियंत्रण है।
UPSC विगत वर्ष • अर्थव्यवस्था • 2023भारत में MSME के संबंध में कथनों पर विचार कीजिए: MSMED अधिनियम, 2006 के अनुसार मध्यम उद्यम वे हैं जिनका संयंत्र/मशीनरी निवेश ₹5–25 करोड़ है।सूक्ष…
भारत में MSME के संबंध में कथनों पर विचार कीजिए:
  1. MSMED अधिनियम, 2006 के अनुसार मध्यम उद्यम वे हैं जिनका संयंत्र/मशीनरी निवेश ₹5–25 करोड़ है।
  2. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को दिए गए सभी बैंक ऋण प्राथमिकता क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) केवल 2

क्यों?

  • MSME की परिभाषा 2020 में निवेश और टर्नओवर के नए संयुक्त मानदंडों से संशोधित हुई; पहला पुराना मानदंड सही नहीं है।
  • MSME ऋण प्राथमिकता क्षेत्र ऋण व्यवस्था में शामिल हैं।
UPSC विगत वर्ष • अर्थव्यवस्था • 2025भारत सरकार की निम्नलिखित संस्थाओं और कार्यों के युग्मों पर विचार कीजिए: प्रवर्तन निदेशालय — भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 लागू करना — गृह मं…
भारत सरकार की निम्नलिखित संस्थाओं और कार्यों के युग्मों पर विचार कीजिए:
  1. प्रवर्तन निदेशालय — भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 लागू करना — गृह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा प्रभाग-I के अधीन
  2. राजस्व आसूचना निदेशालय — सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधान लागू करना — राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय के अधीन
  3. सिस्टम एवं डेटा प्रबंधन महानिदेशालय — कर-नीति और कर-चोरी रोकने हेतु बिग डेटा विश्लेषण — राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय

उपर्युक्त में से कितनी पंक्तियाँ पूरी तरह सही सुमेलित हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(a) केवल एक

क्यों?

  • प्रवर्तन निदेशालय भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम लागू करता है, पर वह राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में है।
  • राजस्व आसूचना निदेशालय सीमा शुल्क प्रवर्तन से जुड़ा है और राजस्व विभाग के अंतर्गत आता है—यह युग्म सही है।
  • बिग डेटा जोखिम विश्लेषण का विशिष्ट कार्य डीजीएआरएम से जुड़ा है; तीसरी पंक्ति का कार्य-विवरण गलत है।
UPSC विगत वर्ष • अर्थव्यवस्था • 2026भारत सरकार के सागरमाला कार्यक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : सागरमाला कार्यक्रम का उद्देश्य लागत-प्रभावी और संधारणीय तटीय अवस…
भारत सरकार के सागरमाला कार्यक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
  1. सागरमाला कार्यक्रम का उद्देश्य लागत-प्रभावी और संधारणीय तटीय अवसंरचना के माध्यम से पत्तन-आधारित आर्थिक विकास को प्राप्त करना है।
  2. सागरमाला कार्यक्रम की सफलता वैश्विक पत्तन रैंकिंग में सुधार के साथ ही तटीय और अंतर्देशीय जलमार्गीय पोत परिवहन में हुई महत्वपूर्ण वृद्धि में परिलक्षित होती है।
  3. सागरमाला 2.0 का लक्ष्य भारत को आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 की भविष्य-दृष्टि (विजन) के अनुरूप एक वैश्विक समुद्री नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

उपर्युक्त कथनों के बीच में निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से संबंध सही है/हैं?

  1. कथन II, कथन I में परिकल्पित रणनीतियों की प्रभाविता को अभिपुष्ट करता है।
  2. कथन III, कथन I के लक्ष्यों को भविष्य-उन्मुख नवाचार ढाँचे में अंतःस्थापित करने के माध्यम से उन्हें विस्तारित करता है।
  3. आधुनिक नवाचार के स्थान पर केवल पारंपरिक अवसंरचना पर केंद्रित होने के कारण कथन I, कथन III का खंडन करता है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :

उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) 1 और 2

संबंध कैसे बनता है?

  • सागरमाला का मूल ढाँचा पत्तन आधुनिकीकरण, संपर्क, पत्तन-संबद्ध औद्योगिकीकरण और तटीय समुदाय विकास के माध्यम से port-led development पर आधारित है।
  • कथन II में बताए परिणाम कथन I के रणनीतिक उद्देश्य की प्रभावशीलता का संकेत देते हैं, इसलिए संबंध 1 उचित है।
  • सागरमाला 2.0 नवाचार और समुद्री क्षमता को 2047 की दृष्टि से जोड़ता है; इसलिए यह मूल लक्ष्य का विस्तार है, विरोध नहीं।
  • इसलिए संबंध 3 गलत है—कथन I आधुनिक नवाचार को निषिद्ध नहीं करता।
चार स्तंभ: पत्तन आधुनिकीकरण, पत्तन संपर्क, पत्तन-संबद्ध औद्योगिकीकरण, तटीय समुदाय विकास।
BPSC विगत वर्ष • अर्थव्यवस्था • 2020भारतमाला परियोजना किस अवसंरचना क्षेत्र से संबंधित है?
भारतमाला परियोजना किस अवसंरचना क्षेत्र से संबंधित है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) सड़क अवसंरचना

व्याख्या

  • भारतमाला परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग और सड़क संपर्क विकास कार्यक्रम है।
UPSC विगत वर्ष • अर्थव्यवस्था • 2022भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: नाममात्र प्रभावी विनिमय दर (NEER) में वृद्धि रुपये की प्रशंसा का संकेत देती है…
भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
  1. नाममात्र प्रभावी विनिमय दर (NEER) में वृद्धि रुपये की प्रशंसा का संकेत देती है।
  2. वास्तविक प्रभावी विनिमय दर (REER) में वृद्धि व्यापार प्रतिस्पर्धा में सुधार का संकेत देती है।
  3. अन्य देशों की तुलना में घरेलू मुद्रास्फीति बढ़ने से NEER और REER के बीच अंतर बढ़ सकता है।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) केवल 1 और 3

क्यों?

  • REER में वृद्धि से निर्यात अपेक्षाकृत महँगा हो सकता है, इसलिए प्रतिस्पर्धा सुधरना आवश्यक नहीं।
  • घरेलू मुद्रास्फीति का अंतर NEER और REER के बीच विचलन बढ़ा सकता है।
UPSC विगत वर्ष • अर्थव्यवस्था • 2022भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: मुद्रास्फीति बहुत अधिक हो तो RBI सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीद सकता है।रुपया तेजी स…
भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
  1. मुद्रास्फीति बहुत अधिक हो तो RBI सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीद सकता है।
  2. रुपया तेजी से गिर रहा हो तो RBI बाजार में डॉलर बेच सकता है।
  3. अमेरिका/यूरोपीय संघ में ब्याज दरें घटें तो RBI डॉलर खरीद सकता है।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) केवल 2 और 3

क्यों?

  • उच्च मुद्रास्फीति में RBI तरलता घटाने के लिए प्रतिभूतियाँ बेचता है, खरीदता नहीं।
  • रुपये को सहारा देने के लिए डॉलर बेचना तथा अत्यधिक प्रशंसा रोकने के लिए डॉलर खरीदना संभव है।
UPSC विगत वर्ष • अर्थव्यवस्था • 2022भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में: घरेलू वित्तीय बचत का एक भाग सरकारी उधारी में जाता है।नीलामी में बाजार-दर पर जारी दिनांकित प्रतिभूतियाँ आंतरिक …
भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में:
  1. घरेलू वित्तीय बचत का एक भाग सरकारी उधारी में जाता है।
  2. नीलामी में बाजार-दर पर जारी दिनांकित प्रतिभूतियाँ आंतरिक ऋण का बड़ा घटक हैं।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) 1 और 2 दोनों

क्यों?

  • बैंक, बीमा, भविष्य निधि आदि घरेलू बचत का हिस्सा सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं।
  • दिनांकित सरकारी प्रतिभूतियाँ आंतरिक सार्वजनिक ऋण का प्रमुख घटक हैं।
UPSC विगत वर्ष • अर्थव्यवस्था • 2020भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में:Commercial Paper अल्पकालिक असुरक्षित वचनपत्र है।Certificate of Deposit RBI द्वारा निगम को दिया दीर्घकालिक साधन …
भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में:
  1. Commercial Paper अल्पकालिक असुरक्षित वचनपत्र है।
  2. Certificate of Deposit RBI द्वारा निगम को दिया दीर्घकालिक साधन है।
  3. Call Money अल्पकालिक अंतरबैंक वित्त है।
  4. Zero-Coupon Bond ब्याज देने वाला अल्पकालिक बैंक बॉन्ड है।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) केवल 1 और 3

क्यों?

  • 1 और 3 सही हैं।