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History Optional

प्रश्नपत्र-I — प्राचीन भारत, स्रोत एवं मानचित्रण

401ऐतिहासिक मानचित्रण—प्रागैतिहासिक स्थल, हड़प्पा स्थल, अभिलेख, बंदरगाह, राजधानियाँ, बौद्ध-जैन केंद्र, मंदिर, युद्धस्थल तथा मध्यकालीन नगर
402प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत—पुरातत्त्व, अभिलेख, सिक्के, साहित्य और विदेशी यात्रियों के विवरण
403पुरापाषाण, मध्यपाषाण, नवपाषाण और ताम्रपाषाण संस्कृतियाँ
404प्रागैतिहासिक समुदायों पर भू-आकृति, जलवायु, वनस्पति और पर्यावरण का प्रभाव
405हड़प्पा सभ्यता—उत्पत्ति, कालक्रम, विस्तार और प्रमुख स्थल
406हड़प्पा नगर-योजना, वास्तुकला, जल-प्रबंधन और तकनीकी उपलब्धियाँ
407हड़प्पा अर्थव्यवस्था—कृषि, पशुपालन, शिल्प, आंतरिक एवं विदेशी व्यापार
408हड़प्पा समाज, राजनीतिक संगठन, धर्म, कला और पतन संबंधी बहस
409वैदिक स्रोत, आर्यों से संबंधित ऐतिहासिक बहस और ऋग्वैदिक समाज
410उत्तर वैदिक काल—राजनीति, अर्थव्यवस्था, वर्ण व्यवस्था और धार्मिक परिवर्तन
411लौह प्रौद्योगिकी, कृषि विस्तार और द्वितीय नगरीकरण
412महाजनपदों का उदय और मगध साम्राज्य के उत्कर्ष के कारण
413जैन, बौद्ध और अन्य श्रमण परंपराएँ—उत्पत्ति, सिद्धांत और सामाजिक आधार
414ईरानी तथा मकदूनियाई आक्रमण और भारत पर उनके प्रभाव
415मौर्य साम्राज्य—स्थापना, विस्तार, प्रशासन और राज्य की प्रकृति
416अशोक—धम्म, अभिलेख, प्रशासन और राजनीतिक विचार
417मौर्य अर्थव्यवस्था, समाज, कला तथा साम्राज्य के पतन की व्याख्याएँ
418मौर्योत्तर भारत—इंडो-ग्रीक, शक, पार्थियन और कुषाण
419सातवाहन—राजनीति, प्रशासन, व्यापार और दक्कन में सांस्कृतिक समन्वय
420संगम युग और प्रारंभिक दक्षिण भारत—चेर, चोल, पांड्य, समाज और अर्थव्यवस्था
421प्रारंभिक ऐतिहासिक भारत में व्यापार, शिल्प-संघ, नगर और समुद्री संपर्क
422गुप्त साम्राज्य—राजनीतिक इतिहास और प्रशासन
423गुप्तकालीन अर्थव्यवस्था, भूमि-अनुदान, सामाजिक संरचना और महिलाओं की स्थिति
424गुप्तकालीन धर्म, साहित्य, विज्ञान, कला और स्थापत्य
425वाकाटक, हर्षवर्धन और नालंदा-विक्रमशिला-वल्लभी जैसे शिक्षा केंद्र
426गुप्तोत्तर पूर्वी भारत, दक्कन और दक्षिण भारत में क्षेत्रीय राज्यों का उदय
427पल्लव, चालुक्य और राष्ट्रकूट—राजनीति, प्रशासन और संस्कृति
428चोल साम्राज्य—प्रशासन, स्थानीय शासन, सेना, नौसेना और समुद्री विस्तार
429प्रारंभिक मध्यकालीन कृषि विस्तार, भूमि-अनुदान और भारतीय सामंतवाद की बहस
430प्रारंभिक मध्यकालीन समाज—जाति, जनजातियों का समावेशन, कृषक और महिलाएँ
431शैव, वैष्णव, शाक्त और तांत्रिक परंपराओं का विकास
432बौद्ध एवं जैन धर्म में परिवर्तन और धार्मिक-शैक्षणिक केंद्र
433मंदिर स्थापत्य—नागर, द्रविड़, वेसर तथा होयसला जैसी क्षेत्रीय शैलियाँ
434राजपूतों की उत्पत्ति संबंधी सिद्धांत और प्रारंभिक राजपूत राज्य
435अरब आक्रमण, महमूद गजनवी और मुहम्मद गोरी—राजनीतिक प्रभाव

प्रश्नपत्र-I — मध्यकालीन भारत

436दिल्ली सल्तनत—गुलाम, खिलजी, तुगलक, सैयद और लोदी राजवंशों का राजनीतिक इतिहास
437सल्तनत प्रशासन—सुल्तान, अभिजात वर्ग, इक्ता व्यवस्था, सेना और राज्य की प्रकृति
438सल्तनतकालीन कृषि, बाजार, मुद्रा, शहरीकरण, व्यापार और तकनीकी परिवर्तन
439विजयनगर साम्राज्य—राज्य, नायक व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, समाज और संस्कृति
440बहमनी राज्य तथा दक्कन के उत्तराधिकारी राज्य
441भक्ति आंदोलन—दक्षिण से उत्तर भारत तक विकास, संत और सामाजिक प्रभाव
442सूफी परंपरा—सिलसिले, खानकाह, राज्य से संबंध और सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव
443सल्तनतकालीन स्थापत्य, साहित्य, भाषा और सांस्कृतिक समन्वय
444बाबर, हुमायूँ तथा शेरशाह—मुगल सत्ता की स्थापना और अफगान अंतराल
445अकबर—साम्राज्य विस्तार, राजपूत नीति, प्रशासन और धार्मिक नीति
446जहांगीर, शाहजहाँ और औरंगजेब—राजनीति, दक्कन नीति तथा साम्राज्य की चुनौतियाँ
447मुगल प्रशासन—मनसबदारी, जागीरदारी, भू-राजस्व और अभिजात वर्ग
448मुगल अर्थव्यवस्था—कृषि, शिल्प, वस्त्र उद्योग, मुद्रा, व्यापार और यूरोपीय कंपनियाँ
449मुगल समाज एवं संस्कृति—किसान, जमींदार, महिलाएँ, साहित्य, चित्रकला और स्थापत्य
45018वीं शताब्दी—मुगल साम्राज्य का पतन, क्षेत्रीय शक्तियाँ, मराठा उत्कर्ष, अफगान शक्ति और पानीपत
45118वीं शताब्दी का भारत—अर्थव्यवस्था, समाज, संस्कृति और ‘अंधकार युग’ की इतिहासलेखन बहस

प्रश्नपत्र-II — आधुनिक भारत

452भारत में यूरोपीय प्रवेश—पुर्तगाली, डच, अंग्रेज और फ्रांसीसी
453कर्नाटक युद्ध और भारत में अंग्रेज-फ्रांसीसी संघर्ष
454बंगाल पर अंग्रेजी विजय—प्लासी, बक्सर, दीवानी और द्वैध शासन
455मैसूर, मराठा और सिख शक्तियों के विरुद्ध अंग्रेजी विस्तार
456सहायक संधि, ब्रिटिश सर्वोच्चता, हड़प नीति और विलय की प्रक्रिया
457औपनिवेशिक प्रशासन का विकास—रेग्युलेटिंग एक्ट से 1858 तक
458स्थायी बंदोबस्त, रैयतवाड़ी और महालवाड़ी भू-राजस्व व्यवस्थाएँ
459औपनिवेशिक आर्थिक प्रभाव—धन-निष्कासन, विऔद्योगीकरण, कुटीर उद्योगों का पतन और गरीबी
460कृषि का वाणिज्यीकरण, अकाल, बागान, वन नीति, रेलवे और औपनिवेशिक बाजार
461औपनिवेशिक शिक्षा, प्राच्यवादी-अंग्रेजीवादी विवाद, प्रेस और नए बुद्धिजीवी वर्ग का उदय
462ब्रह्म समाज से अलीगढ़ आंदोलन तक सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन
463जाति-विरोधी आंदोलन, महिला सुधार और सामाजिक समानता के संघर्ष
464किसान एवं जनजातीय विद्रोह—प्रकृति, कारण और औपनिवेशिक प्रतिक्रिया
4651857 का विद्रोह—कारण, स्वरूप, क्षेत्रीय प्रसार, नेतृत्व, परिणाम और इतिहासलेखन
4661858 के बाद राजसत्ता—प्रशासन, सेना, सिविल सेवा और स्थानीय स्वशासन
467भारतीय राष्ट्रवाद के उदय के कारण और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना संबंधी बहस
468उदारवादी राष्ट्रवाद, आर्थिक आलोचना और प्रारंभिक राष्ट्रीय आंदोलन
469उग्रवाद, बंग-भंग, स्वदेशी और क्रांतिकारी राष्ट्रवाद
470होमरूल आंदोलन, प्रथम विश्वयुद्ध और 1909–1919 के संवैधानिक परिवर्तन
471गांधी का उदय, चंपारण-खेड़ा-अहमदाबाद, खिलाफत और असहयोग आंदोलन
472सविनय अवज्ञा आंदोलन, गोलमेज सम्मेलन, गांधी-इरविन समझौता और पूना समझौता
4731935 का अधिनियम, प्रांतीय राजनीति, भारत छोड़ो आंदोलन और सत्ता हस्तांतरण की पृष्ठभूमि
474सुभाषचंद्र बोस, आजाद हिंद फौज, समाजवादी-साम्यवादी धाराएँ, किसान-मजदूर तथा अन्य वैकल्पिक राष्ट्रीय प्रवाह
475सांप्रदायिक राजनीति, मुस्लिम लीग, विभाजन तथा स्वतंत्रता के बाद रियासतों का एकीकरण, राज्यों का पुनर्गठन और राष्ट्र-निर्माण

प्रश्नपत्र-II — विश्व इतिहास

476प्रबोधन और आधुनिक विचार—कांट, रूसो, उपनिवेशों में प्रसार तथा मार्क्स तक समाजवादी विचार
477अमेरिकी क्रांति—कारण, स्वतंत्रता की विचारधारा और संवैधानिक प्रभाव
478फ्रांसीसी क्रांति—पुरानी व्यवस्था, कारण, चरण और विश्वव्यापी प्रभाव
479नेपोलियन—साम्राज्य, प्रशासनिक सुधार और यूरोप पर प्रभाव
4801815 की वियना व्यवस्था, वैधता, पुनर्स्थापना और यूरोपीय शक्ति-संतुलन
4811830 और 1848 की यूरोपीय क्रांतियाँ—उदारवाद, राष्ट्रवाद और संवैधानिकता
482ब्रिटेन की औद्योगिक क्रांति—कारण, तकनीकी परिवर्तन और सामाजिक प्रभाव
483यूरोप, संयुक्त राज्य अमेरिका और जापान में औद्योगीकरण तथा श्रमिक एवं समाजवादी आंदोलनों का विकास
484इटली का एकीकरण—मैजिनी, कावूर, गैरीबाल्डी और राष्ट्रवाद
485जर्मनी का एकीकरण—बिस्मार्क, युद्ध और शक्ति-राजनीति
486साम्राज्यवाद और उपनिवेशवाद—आर्थिक, राजनीतिक और वैचारिक व्याख्याएँ
48719वीं शताब्दी का नव-साम्राज्यवाद—अफ्रीका और एशिया का विभाजन
488मेइजी पुनर्स्थापना—जापान का आधुनिकीकरण, औद्योगीकरण और साम्राज्यवादी विस्तार
489चीन में पश्चिमी हस्तक्षेप—अफीम युद्ध, ताइपिंग, बॉक्सर विद्रोह और 1911 की क्रांति
490प्रथम विश्वयुद्ध—दीर्घकालीन और तात्कालिक कारण, युद्ध और परिणाम
491रूसी क्रांति—1905, फरवरी 1917 और अक्टूबर 1917
492लेनिन, बोल्शेविक सत्ता और सोवियत राज्य का निर्माण
493पेरिस शांति सम्मेलन, वर्साय व्यवस्था और राष्ट्र संघ
494महामंदी—कारण, वैश्विक प्रभाव और राज्य की आर्थिक भूमिका में परिवर्तन
495इटली में फासीवाद और मुसोलिनी का उदय
496जर्मनी में नाजीवाद, हिटलर का उदय और अधिनायकवाद
497द्वितीय विश्वयुद्ध—कारण, प्रमुख चरण, परिणाम और संयुक्त राष्ट्र की स्थापना
498चीनी साम्यवादी क्रांति—माओ, कुओमिन्तांग-साम्यवादी संघर्ष और 1949 की क्रांति
499उपनिवेशवाद से मुक्ति—एशिया और अफ्रीका, राष्ट्रीय मुक्ति आंदोलन, नस्लभेद और नवस्वतंत्र देशों की चुनौतियाँ
500द्वितीय विश्वयुद्धोत्तर विश्व—शीतयुद्ध, उत्तर अटलांटिक संधि संगठन, द्विध्रुवीयता, यूरोपीय एकीकरण, सोवियत संघ का विघटन और वैश्वीकरण