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GS Paper 2
संविधान एवं संवैधानिक दर्शन
101संविधान निर्माण की पृष्ठभूमि, संविधान सभा और संविधान निर्माण की प्रक्रिया
102संविधान की प्रस्तावना—आदर्श, उद्देश्य और संवैधानिक महत्व
103भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएँ और संवैधानिक दर्शन
104नागरिकता—संवैधानिक प्रावधान, अवधारणा और नागरिकता से जुड़े प्रश्न
105मौलिक अधिकार—प्रकृति, विस्तार, सीमाएँ और न्यायिक संरक्षण
106समानता का अधिकार—अनुच्छेद 14, 15 और 16 तथा सकारात्मक भेदभाव
107स्वतंत्रता का अधिकार—अनुच्छेद 19 और युक्तियुक्त प्रतिबंध
108जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार—अनुच्छेद 21 का विस्तार, गरिमा और निजता
109संवैधानिक उपचार, अनुच्छेद 32 और 226, रिट तथा जनहित याचिका
110राज्य के नीति-निदेशक तत्व—उद्देश्य, प्रकृति और शासन में भूमिका
111मूल कर्तव्य—महत्व, प्रासंगिकता और नागरिक उत्तरदायित्व
112मौलिक अधिकार और नीति-निदेशक तत्वों के बीच संबंध एवं संतुलन
113संविधान का मूल संरचना सिद्धांत और उसका विकास
114संविधान संशोधन प्रक्रिया—संसद की संशोधन शक्ति और उसकी सीमाएँ
115राष्ट्रीय, राज्य तथा वित्तीय आपातकाल संबंधी संवैधानिक व्यवस्था
116भारतीय धर्मनिरपेक्षता—संवैधानिक आधार और राज्य-धर्म संबंध
117भारतीय संसदीय शासन प्रणाली—विशेषताएँ और उत्तरदायी सरकार
118राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति—निर्वाचन, शक्तियाँ, विवेक एवं संवैधानिक भूमिका
119प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिपरिषद—शक्ति, उत्तरदायित्व और प्रशासनिक नेतृत्व
120राज्यपाल—नियुक्ति, संवैधानिक स्थिति, विवेकाधीन शक्तियाँ और विधेयकों पर भूमिका
121मुख्यमंत्री एवं राज्य मंत्रिपरिषद—राज्य कार्यपालिका की संरचना और उत्तरदायित्व
122भारत के महान्यायवादी और राज्यों के महाधिवक्ता—भूमिका एवं संवैधानिक स्थिति
123अनुसूचित एवं जनजातीय क्षेत्रों का संवैधानिक प्रशासन—5वीं और 6वीं अनुसूची
124पंचायती राज—73वाँ संविधान संशोधन, शक्तियों और वित्त का विकेंद्रीकरण
125शहरी स्थानीय शासन—74वाँ संविधान संशोधन और नगरीय निकायों की चुनौतियाँ
संघवाद, संसद और न्यायपालिका
126भारतीय संघवाद—संघीय एवं एकात्मक तत्व और बदलता स्वरूप
127केंद्र-राज्य विधायी संबंध तथा 7वीं अनुसूची
128केंद्र-राज्य प्रशासनिक संबंध और संस्थागत समन्वय
129केंद्र-राज्य वित्तीय संबंध और वित्तीय संघवाद
130अंतर्राज्यीय परिषद, क्षेत्रीय परिषदें और अंतर्राज्यीय विवादों का समाधान
131वित्त आयोग, वस्तु एवं सेवा कर परिषद तथा संसाधनों का संघीय वितरण
132असममित संघवाद और विभिन्न राज्यों के लिए विशेष संवैधानिक प्रावधान
133केंद्रशासित प्रदेशों की शासन व्यवस्था और विधानमंडल वाले केंद्रशासित प्रदेश
134शक्तियों का पृथक्करण—विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के संबंध
135नियंत्रण एवं संतुलन, न्यायिक समीक्षा और संवैधानिक सर्वोच्चता
136संसद—लोकसभा और राज्यसभा की संरचना, भूमिका और शक्तियाँ
137संसदीय कार्यवाही—विधेयक, प्रश्नकाल, शून्यकाल, प्रस्ताव और बजट प्रक्रिया
138संसदीय समितियाँ—प्रकार, कार्य और विधायी निगरानी में भूमिका
139संसदीय विशेषाधिकार, दल-बदल विरोधी कानून और विधायकों की जवाबदेही
140राज्य विधानमंडल—विधानसभा, विधान परिषद और विधायी प्रक्रिया
141सर्वोच्च न्यायालय—क्षेत्राधिकार, शक्तियाँ और संविधान के संरक्षक के रूप में भूमिका
142उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायपालिका—संरचना, शक्तियाँ और चुनौतियाँ
143न्यायपालिका की स्वतंत्रता, न्यायाधीशों की नियुक्ति और न्यायिक जवाबदेही
144न्यायाधिकरण, वैकल्पिक विवाद समाधान और न्याय तक पहुँच
145भारतीय संवैधानिक व्यवस्था की ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अन्य प्रमुख लोकतंत्रों से तुलना
निर्वाचन और संवैधानिक संस्थाएँ
146भारत निर्वाचन आयोग—संवैधानिक स्थिति, शक्तियाँ, मतदाता सूची और चुनाव संचालन
147जनप्रतिनिधित्व कानून, चुनावी सुधार, चुनावी वित्त और राजनीति का अपराधीकरण
148भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक—सार्वजनिक धन की जवाबदेही में भूमिका
149संघ लोक सेवा आयोग और राज्य लोक सेवा आयोग—स्वतंत्रता, शक्तियाँ और भर्ती व्यवस्था
150राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग—शक्तियाँ एवं प्रभावशीलता
शासन और प्रशासन
151वैधानिक एवं अर्ध-न्यायिक संस्थाएँ—लोकपाल, केंद्रीय सतर्कता आयोग, सूचना आयोग और मानवाधिकार आयोग
152भारतीय सिविल सेवाओं की संवैधानिक भूमिका और प्रशासनिक तटस्थता
153सिविल सेवा सुधार—विशेषज्ञता, सामान्यज्ञ व्यवस्था, क्षमता निर्माण और पार्श्व प्रवेश
154सुशासन—पारदर्शिता, जवाबदेही, सहभागिता, दक्षता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन
155सूचना का अधिकार—पारदर्शिता और उत्तरदायी शासन में भूमिका
156नागरिक अधिकार-पत्र, शिकायत निवारण और सेवा वितरण व्यवस्था
157इलेक्ट्रॉनिक शासन—सरकारी सेवाओं का डिजिटलीकरण और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना
158डेटा शासन, निजता, साइबर प्रशासन और शासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता
159सार्वजनिक नीति निर्माण—नीति निर्माण से क्रियान्वयन और मूल्यांकन तक
160नियामक संस्थाएँ—स्वायत्तता, जवाबदेही और नियामक शासन
161दबाव समूह, हित समूह और अनौपचारिक संघों की नीति निर्माण में भूमिका
162गैर-सरकारी संगठन और नागरिक समाज—लोकतांत्रिक शासन एवं विकास में योगदान
163स्वयं सहायता समूह, सामुदायिक संगठन और सामाजिक पूंजी
164सहकारी संस्थाएँ और सहभागी विकास का मॉडल
165सरकारी कल्याणकारी योजनाएँ—निर्माण, लक्षित लाभार्थी, क्रियान्वयन और रिसाव की समस्या
सामाजिक न्याय
166गरीबी, भूख, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था
167भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था—प्राथमिक स्वास्थ्य, स्वास्थ्य वित्त और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज
168कुपोषण—कारण, मातृ एवं बाल पोषण और बहुआयामी समाधान
169शिक्षा व्यवस्था—पहुंच, गुणवत्ता, सीखने के परिणाम और शैक्षिक असमानता
170कौशल विकास, रोजगारयोग्यता और मानव संसाधन विकास
171महिलाओं का सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तीकरण तथा लैंगिक न्याय
172बच्चों के अधिकार—पोषण, शिक्षा, सुरक्षा और बाल श्रम
173वृद्धजन, दिव्यांगजन और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों से संबंधित सामाजिक न्याय के मुद्दे
174अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों का सामाजिक सशक्तीकरण
175जनजातीय विकास—स्वशासन, भूमि एवं वन अधिकार, विस्थापन और समावेशी विकास
अंतरराष्ट्रीय संबंध
176भारत की विदेश नीति—निर्धारक तत्व, रणनीतिक स्वायत्तता और बदलती विश्व व्यवस्था
177भारत की पड़ोसी-प्रथम नीति और दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय संबंध
178भारत-पाकिस्तान संबंध—सुरक्षा, सीमा, आतंकवाद, व्यापार और क्षेत्रीय सहयोग
179भारत-चीन संबंध—सीमा प्रश्न, व्यापार, सामरिक प्रतिस्पर्धा और बहुपक्षीय सहयोग
180भारत-बांग्लादेश संबंध—सीमा, जल, संपर्क, व्यापार और सुरक्षा
181भारत-नेपाल एवं भारत-भूटान संबंध—भूगोल, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और जन-संपर्क
182भारत-श्रीलंका और भारत-मालदीव संबंध तथा हिंद महासागर की सामरिक राजनीति
183भारत-म्यांमार संबंध—सीमा सुरक्षा, संपर्क, पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया
184भारत-अमेरिका संबंध—रणनीतिक, रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी सहयोग
185भारत-रूस संबंध—रक्षा, ऊर्जा, बहुध्रुवीयता और बदलती वैश्विक व्यवस्था
186भारत-यूरोपीय संघ संबंध—व्यापार, हरित प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और वैश्विक शासन
187भारत-जापान और भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध तथा भारत-प्रशांत सहयोग
188भारत और पश्चिम एशिया—खाड़ी देश, ऊर्जा सुरक्षा, प्रवासी भारतीय और संपर्क
189भारत-अफ्रीका संबंध—विकास सहयोग, व्यापार, ऊर्जा और वैश्विक दक्षिण
190भारत-मध्य एशिया संबंध—ऊर्जा, संपर्क, सुरक्षा और भू-राजनीतिक महत्व
191दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ और भारत की पूर्वोन्मुख नीति
192दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन और बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग पहल—क्षेत्रीय सहयोग की संभावनाएँ और सीमाएँ
193भारत-प्रशांत अवधारणा, क्वाड और समुद्री क्षेत्र जागरूकता
194हिंद महासागर, क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास की अवधारणा तथा हिंद महासागर रिम संघ
195ब्रिक्स—वैश्विक दक्षिण, बहुध्रुवीयता और वैश्विक शासन में भूमिका
196समूह-20—वैश्विक आर्थिक शासन और विकासशील देशों के मुद्दे
197शंघाई सहयोग संगठन—यूरेशियाई सुरक्षा, संपर्क और भारत के हित
198संयुक्त राष्ट्र—संरचना, शांति स्थापना, सुरक्षा परिषद सुधार और भारत की भूमिका
199विश्व व्यापार संगठन, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक—वैश्विक आर्थिक शासन और भारत के हित
200भारतीय प्रवासी समुदाय, भारत की सॉफ्ट पावर, विकास साझेदारी और वैश्विक दक्षिण के साथ भारत का संबंध